ईको फ्रेंडली इन जगहों पर मिलेगा सुकून और शांति

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
आज की तेज और प्रदूषण भरी जिंदगी में हर कोई कुछ समय प्रकृति के करीब बिताना चाहता है। शहरों की भागदौड़, ट्रैफिक और तनाव से दूर जाकर अगर आपको शांति और सुकून चाहिए, तो ईको-फ्रेंडली ट्रैवल एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आता है। ईको-फ्रेंडली जगहें न सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर होती हैं, बल्कि ये पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना घूमने का अनुभव भी देती हैं। भारत में ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं जहां आप हरियाली, साफ हवा और शांत माहौल का आनंद ले सकते हैं। ये डेस्टिनेशन खासतौर पर उन लोगों के लिए परफेक्ट हैं जो भीड़भाड़ से दूर, सस्टेनेबल और रिलैक्सिंग छुट्टियां बिताना चाहते हैं। यहां आपको लोकल संस्कृति, ऑर्गेनिक फूड और नेचर-फ्रेंडली लाइफस्टाइल का अनुभव भी मिलेगा। भारत की ये 5 ऐसी प्रमुख ईको-फ्रेंडली जगह हैं जहां जाकर आप खुद को रिफ्रेश कर सकते हैं और प्रकृति के साथ एक नया जुड़ाव महसूस कर सकते हैं।
कूर्ग
हरियाली और कॉफी के बागान सिर्फ ईको फ्रेंडली स्थल नहीं, आपके मन को हर्षित करने वाला गंतव्य भी बन चुका है। यह नजारा आपको कूर्ग में देखने को मिलता है। कुर्ग अपनी हरियाली, कॉफी बागानों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां के ईको-रिसॉर्ट्स और नेचर स्टे आपको प्रकृति के करीब रहने का अनोखा अनुभव देते हैं। यह जगह रिलैक्सेशन के लिए परफेक्ट है।
कुमाऊं
पहाड़ों में सुकून की तलाश में हैं तो कुमाऊं की यात्रा करें। कुमाऊं उत्तराखंड में स्थित है। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है जो कि 34 किमी दूर है। वहीं पंतनगर हवाई अड्डा 70 किमी की दूरी पर है। दिल्ली से कुमाऊं की दूरी 300-350 किमी है, जहां निजी टैक्सी, रोडवेज बस से 7-8 घंटे में सफर तय किया जा सकता है। कुमाऊं क्षेत्र अपने खूबसूरत पहाड़ों, जंगलों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां के ईको-स्टे और होमस्टे आपको प्रकृति के करीब रहने का मौका देते हैं।
मावलिननॉन्ग गांव
मेघालय में स्थित मावलिननांग को साल 2003 में एशिया का सबसे स्वच्छ गांव घोषित किया गया। यह महिला प्रधान गांव 100 फीसदी साक्षरा, पूर्ण प्लास्टिक प्रतिबंध, अनोखे लिविंग रूट ब्रिज के लिए विश्व प्रसिद्ध है। मावलिननॉन्ग गांव अपनी सफाई और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल के लिए लोकप्रिय है। यहां प्लास्टिक का इस्तेमाल लगभग नहीं होता और लोग पर्यावरण के प्रति बेहद जागरूक हैं।
औरोविल
शांति और सस्टेनेबल जीवन की तलाश कर रहे लोग भारत के ही एक शहर की यात्रा पर जा सकते हैं। तमिलनाडु राज्य के विलुप्पुरम जिले में ओरोविल शहर है। यह एक यूनिवर्सल टाउन है जिसे मानव एकता और सस्टेनेबल लिविंग के लिए बनाया गया है। यह चेन्नई से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण में कोरोमंडल तट पर स्थित है। यहां लोग ईको-फ्रेंडली जीवन जीते हैं। यहां मेडिटेशन, ऑर्गेनिक फार्मिंग और ग्रीन लिविंग का अनुभव मिलता है।



