10 साल से पानी में डूबा गांव का रास्ता, बांदा के ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
बांदा के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में 10 वर्षों से जलभराव के कारण ग्रामीण परेशान हैं। बरसात में रास्ता बंद होने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने डीएम से समाधान की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क : महुआ विकासखंड के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में पिछले करीब 10 वर्षों से आम रास्ते पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान न होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीण अब जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और स्थायी समाधान की मांग की।
100 मीटर का रास्ता बना बड़ी परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य चौराहे से लगभग 100 मीटर दूर बस्ती तक जाने वाला रास्ता वर्षों से पानी और कीचड़ से भरा रहता है। बरसात के दौरान यह मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता गांव के सैकड़ों परिवारों की रोजमर्रा की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत
ग्रामीणों का दावा है कि बस्ती में करीब एक हजार लोग रहते हैं। जलभराव के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है। कई बार बच्चे स्कूल जाते समय कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे अभिभावकों में भी चिंता बनी रहती है।
कई शिकायतों के बाद डीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जलभराव से निजात दिलाने और रास्ते का निर्माण कराने की मांग की है। अब स्थानीय लोगों की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
रिपोर्ट – इक़बाल खान, बांदा
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