संसद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विपक्ष का विरोध, जया बच्चन और डिंपल यादव ने किया दान
राम मंदिर दान चोरी पर संसद परिसर में विपक्ष की ओर से एक बार फिर से विरोध जताया गया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राम मंदिर दान चोरी पर संसद परिसर में विपक्ष की ओर से एक बार फिर से विरोध जताया गया.
यहां सांकेतिक दान पेटी बनाई गई, जिसमें सपा सांसद समेत कई नेताओं ने दान किया. इसके साथ ही चंदा चोरी का पोस्टर लेकर विरोध जताते हुए विपक्षी नेताओं ने खूब नारेबाजी भी की.
राम मंदिर में दान चोरी मामले में आज भी संसद परिसर में विपक्षी पार्टियों की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया गया. सपा सांसद जया बच्च ने सांकेतिक दान पेटी में रुपे डाले और दान किया. उस पर दान चोरी का पोस्टर लगा हुआ था. इस मामले में सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, “ये मुद्दे को भटकाने के लिए है.
सरकार से लोग दुखी हैं. जिस प्रकार से चंदा चोरी की गई, जमीनों में घोटाले किए गए इसके लिए सरकार जिम्मेदार है. आज तक एक पर भी FIR क्यों दर्ज नहीं हुई?” उन्होंने कहा कि ये सिर्फ मुद्दे को भटकाने के लिए है. ये जो सरकार है, सरकार में पूरी तरह से निराशा की भावना है और लोग सरकार से निराश हैं.
डिंपल ने कहा कि बड़े-बड़े लोग आखिरकार जो चंदा और जो दान-पेटी का जो पैसा था, लोगों ने धातुएं जो दी थीं प्रभु श्री राम के चरणों में जो अर्पित की थीं. ये निश्चिततौर पर श्रद्धा के भाव से, निष्ठा के भाव से… वह आखिरकार गई कहां?
FIR दर्ज करके सरकार मुद्दे से भटका रही है
सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर मुद्दे से भटकाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर ‘सनातन धर्म के अपमान’ के मामले में दर्ज हुई FIR सिर्फ विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है.
पत्रकारों से बातचीत में डिंपल यादव ने दावा किया कि सरकार जनता के बढ़ते असंतोष का सामना कर रही है. उन्होंने कहा कि इस FIR का मकसद ‘राम जन्मभूमि भूमि घोटाले’ और ‘राम मंदिर दान चोरी विवाद’ से ध्यान हटाना है. उन्होंने कहा, “ये सिर्फ मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए है. जनता के बीच (सरकार को लेकर) पूरी तरह से निराशा और मोहभंग का माहौल है.”
वहीं राजीव शुक्ला ने कहा कि सनातन बोर्ड बनाओ ना, यहां अपने लोगों को क्यों रखना चाहते हैं. वीएचपी के लोग ट्रस्ट क्यों चलाएं. आखिर इनका इंटरेस्ट क्या है?



