कॉकरोच के साथ पार्टी लिखने पर अभिजीत बोले- नहीं पता था इतना बवाल मचेगा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि आंदोलन इतना बड़ा हो जाएगा. अगर उन्हें पता होता, तो वे 'पार्टी' शब्द का इस्तेमाल नहीं करते.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि आंदोलन इतना बड़ा हो जाएगा. अगर उन्हें पता होता, तो वे ‘पार्टी’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करते.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने छात्र आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा- कि जब उन्होंने शिक्षा मंत्री की इस्तीफे की मांग को लेकर धरने की शुरुआत की तो उन्हें नहीं पता था कि आंदोलन इतना बड़ा हो जाएगा. अगर उन्हें पता होता, तो वे ‘पार्टी’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करते.
उन्होंने साफ कहा कि उनका अभी का मकसद जनता का भरोसा जीतना है, क्योंकि सभी पॉलिटिकल पार्टियों पर से भरोसा कम हो रहा है. कानून पर सवाल उठ रहे हैं, और इलेक्शन कमीशन भी जांच के दायरे में है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी हमेशा इंडिपेंडेंट रहेगी. वे कभी किसी दूसरी पार्टी के साथ अलायंस नहीं करेंगे और हमेशा डेमोक्रेसी को बचाने के लिए काम करेंगे.
दिल्ली पुलिस ने स्टूडेंट्स को बेरहमी से पीटा
लाठी-चार्ज के बारे में सवाल का जवाब देते हुए, दिपके ने कहा कि वह उस दिन खुद जंतर-मंतर पर मौजूद थे और प्रोटेस्ट उनकी देखरेख में हो रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP इस आंदोलन को बदनाम करने की साजिश कर रही थी.
उन्होंने बताया कि कैसे, 20 जुलाई को स्टूडेंट्स के साथ बेरहमी हुई. सिर फोड़ दिए गए, और पुरुष पुलिस अधिकारियों ने 12 साल की लड़कियों पर लाठीचार्ज किया. दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों ने तो लड़कियों के कपड़े भी फाड़ दिए और उन्हें पीटा.
हिंसा का जवाब मीम्स और मजाक से दिया
इसके बावजूद, वे 26 जुलाई तक जंतर-मंतर पर शांति से बैठे रहे, जब तक कि शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दे दिया. इसके अलावा, स्टूडेंट्स ने लाठी-चार्ज का जवाब मीम्स बनाकर और मजाक करके दिया.
जबकि बांग्लादेश और नेपाल में घटनाओं में हिंसा हुई, भारत में जवाब में सरकार का मजाक उड़ाया गया. दिपके ने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) एक महीने के अंदर एजुकेशन मिनिस्टर का इस्तीफा दिलाने में कामयाब रही.
सोनम वांगचुक को बीजेपी ने किडनैप किया था
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बारे में, अभिजीत दिपक ने दावा किया कि BJP ने उन्हें असल में किडनैप कर लिया था. उस दौरान, मैंने उनसे कई बार कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो पाई. यहां तक कि उनकी पत्नी को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया, और न ही विपक्षी नेताओं को मिलने दिया गया. यह अच्छी बात है कि उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी, क्योंकि यह पहले ही 26 दिनों तक चल चुकी थी.
वांगचुक और CJP अलग-अलग दिखाने की कोशिश
दिपके ने कहा कि हम भी लगातार कोशिश कर रहे थे कि वह अनशन खत्म कर दें. BJP ने जानबूझकर यह जताने की कोशिश की कि वांगचुक और CJP अलग-अलग हैं. इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता कि असल में उन्हें अनशन खत्म करने के लिए किसने मनाया. सोनम-सर देश के लिए बहुत जरूरी हैं. इसीलिए उनका अनशन तोड़ना जरूरी था.



