उपचुनाव में BJP को बड़ा झटका, कांग्रेस-जन सुराज का 2-1 से वार
उपचुनाव के नतीजों ने सियासी माहौल गरमा दिया है... बीजेपी को बड़ा झटका लगा... जबकि कांग्रेस और जन सुराज ने 2-1 की बढ़त के साथ...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः देश की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है.. दिलचस्प बात यह है कि इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को एक सीट पर जीत जरूर मिली.. लेकिन चर्चा उसकी जीत से ज्यादा दो महत्वपूर्ण हारों की हो रही है.. बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी को करारी शिकस्त दी.. जबकि मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखते हुए बीजेपी को पीछे छोड़ दिया.. वहीं गुजरात की मांजलपुर सीट पर बीजेपी ने अपनी परंपरागत बढ़त कायम रखी.. इस तरह तीन सीटों के इस मुकाबले में नतीजा 2-1 रहा और विपक्ष ने इसे बीजेपी के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश बताया..
वहीं सबसे पहले बात करते हैं बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट की.. जहां इस उपचुनाव पर पूरे देश की नजर थी.. इसकी सबसे बड़ी वजह थी जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की चुनावी परीक्षा.. लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम करने वाले प्रशांत किशोर पहली बार अपने राजनीतिक दल के साथ इस तरह के बड़े मुकाबले में उतरे.. और उन्होंने शानदार जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया..
बांकीपुर सीट पर मतगणना के दौरान शुरुआत से ही कांटे की टक्कर देखने को मिली.. पहले निर्वाचन आयोग की ओर से 31 राउंड में मतगणना कराए जाने की जानकारी दी गई थी.. लेकिन बाद में एक अतिरिक्त राउंड जोड़ा गया.. कुल 32 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई.. और प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 19,324 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया.. आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रशांत किशोर को कुल 64,151 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा के खाते में 44,827 वोट आए.. वहीं राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा गुप्ता 14,273 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं.. बांकीपुर जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र में मिली यह जीत जन सुराज के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है..
जिसको लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं है.. बल्कि बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत भी देती है.. जिस सीट को लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा.. वहां प्रशांत किशोर की जीत ने यह संदेश दिया है कि.. राज्य की राजनीति में अब एक नया विकल्प भी अपनी जगह बना रहा है.. यही वजह है कि इस परिणाम की चर्चा पूरे देश में हो रही है.. वहीं अब बात करते हैं मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट की.. जहां मुकाबला काफी दिलचस्प रहा.. यहां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली.. मतगणना के शुरुआती राउंड से ही दोनों दलों के उम्मीदवारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी रही.. और अंतिम राउंड तक मुकाबला रोमांचक बना रहा..
15वें और अंतिम राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने जीत हासिल कर ली.. घनश्याम सिंह को कुल 66,757 वोट मिले.. जबकि बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट प्राप्त हुए.. इस तरह कांग्रेस ने यह सीट 6,016 वोटों के अंतर से अपने नाम कर ली.. दतिया सीट पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर यादव भी मुकाबले में रहे.. उन्हें कुल 22,527 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे.. हालांकि जीत कांग्रेस के खाते में गई, लेकिन तीसरे उम्मीदवार को मिले वोटों ने भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया..
दतिया में कांग्रेस की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.. क्योंकि मध्य प्रदेश में सत्ता भारतीय जनता पार्टी के हाथों में है.. ऐसे में सत्ता पक्ष के लिए अपनी ही सरकार वाले राज्य में उपचुनाव हारना निश्चित रूप से राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.. कांग्रेस इस जीत को जनता के भरोसे और सरकार के खिलाफ बढ़ती नाराजगी का संकेत बता रही है.. जबकि बीजेपी इस परिणाम को स्थानीय परिस्थितियों से जोड़कर देख रही है.. वहीं अब रुख करते हैं गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट का.. जहां भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपना मजबूत जनाधार साबित किया.. इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार सतीश पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी को बड़े अंतर से हराकर पार्टी का कब्जा बरकरार रखा..



