महिला आरक्षण बिल को लेकर मचा सियासी घमासान

कांग्रेस नेता राहुल गांधी केबयान के बाद रिजिजू का सवाल, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री बोले- महिला आरक्षण बिल का समर्थन करे कांग्रेस

कांग्रेस व भाजपा में वार पलटवार जारी
नेता प्रतिपक्ष ने परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोडऩे पर भी आपत्ति जताई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। महिला आरक्षण व परिसीमन को लेकर कांग्रेस व भाजपा में वार पलटवर जारी है। वहंी परिसीमन पर होने वाली सर्वदलीय बैठक में टीवीके के शामिल होने पर डीएमके ने विरोध करने का फसला किया है। इन सबके बीच कांग्रेस ने पुन: गृहमंत्री से छात्रों पर हुए लाठीचार्ज कर हिसाब मांगा है।
बता दें राहुल गांधी के वुमन पावर वीडियो पर किरेन रिजिजू ने उनके विचारों में हृदय परिवर्तन पर तंज कसा और महिला आरक्षण बिल के समर्थन की मांग की। राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि बिल कांग्रेस के पूर्ण समर्थन से पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन सवाल यह है कि तीन साल बाद भी इसे लागू क्यों नहीं किया गया और बेवजह परिसीमन से क्यों जोड़ा जा रहा है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी की महिला सशक्तिकरण पर हालिया टिप्पणियों की आलोचना की। राहुल गांधी ने को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में महिलाओं को फिर से बातचीत में शामिल करने और उन्हें अपनी पसंद का काम करने की आज़ादी देने की ज़रूरत के बारे में बात की। रिजिजू ने गांधी के संदेश को सकारात्मक संदेश बताया, साथ ही यह सवाल भी उठाया कि क्या इससे उनके विचारों में बदलाव झलकता है।

मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी बिना किसी शर्त के महिला आरक्षण बिल का समर्थन करेगी : रिजिजू

रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि यह कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश लगता है। महिलाओं के प्रति राहुल गांधी के विचारों में स्पष्ट बदलाव दिख रहा है। इसके बाद उन्होंने महिला आरक्षण बिल पर ध्यान दिया और कांग्रेस से बिना किसी शर्त के इसका समर्थन करने की अपील की। रिजिजू ने कहा कि अब मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी बिना किसी शर्त के महिला आरक्षण बिल का समर्थन करेगी।

यह कानून कांग्रेस के पूरे समर्थन से पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर किरण रिजिजू की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि यह कानून कांग्रेस के पूरे समर्थन से पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। राहुल गांधी ने पोस्ट किया कि रिजिजू, संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर आपसे बेहतर कौन जान सकता है कि महिला आरक्षण बिल 23 कांग्रेस के पूरे समर्थन से पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। विपक्ष के नेता ने सवाल उठाया कि पारित होने के तीन साल बाद भी यह कानून लागू क्यों नहीं किया गया है, और उन्होंने इसे परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोडऩे पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि तीन साल बाद भी इसे लागू क्यों नहीं किया गया है, और अब आप इसे बेवजह परिसीमन से क्यों जोडऩा चाहते हैं? राहुल गांधी ने बिना किसी शर्त के कानून को लागू करने की मांग करते हुए कहा कि 23 का कानून लागू करें।

गृह मंत्री अमित शाह के सदन में उपस्थित न होने से संसद का कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है : जयराम रमेश

कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के सदन में उपस्थित होकर सांसदों के सवालों का सामना नहीं करने के कारण संसद का कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है और ऐसे अब वर्तमान मानसून सत्र के चार कार्यदिवस बचे हैं तो उन्हें प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्यवाही को लेकर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि संसद का कामकाज लगातार 15 दिनों से सामान्य रूप से नहीं चल पाया तो एकमात्र वजह गृह मंत्री का दोनों सदनों में आकर पुलिस कार्रवाई पर बयान देने से इनकार करना है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि इस मानसून सत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री की कायरता का पर्दाफाश हो गया है। रमेश ने दावा किया कि अमित शाह संसद परिसर में अपने कक्ष में आते हैं और घंटों बैठे रहते हैं, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में आकर सांसदों का सामना करने तथा दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री को सबसे पहले पुलिस की ज्यादतियों पर जवाब देना चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्री के प्रभार और नियंत्रण में है और ऐसे में उन्हें सदन में आकर इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने शाह के सदन से लगातार अनुपस्थित रहने को ‘‘अभूतपूर्व’’ करार दिया। रमेश ने कहा कि गृह मंत्री को पुलिस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखना चाहिए।

कांग्रेस और टीवीकेने डीएमकेपर साधा निशाना

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास पर चर्चा के लिए राज्य के सांसदों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, वहीं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक)के सांसद इस बैठक का बहिष्कार करेंगे। विजय शनिवार अपराह्न तीन बजे यहां कलैवनार अरंगम में बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें केंद्र सरकार के परिसीमन प्रस्ताव और इसके राज्य पर पडऩे वाले संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु के मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने छह और सात अगस्त को सांसदों को अलग से आमंत्रण भेजे थे। द्रमुक सूत्रों ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने इस रुख पर कायम है कि जब सरकार मेकेदातू मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाएगी तभी वह चर्चा में शामिल होगी। द्रमुक तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारे पार्टी प्रमुख एम. के. स्टालिन ने सबसे पहले परिसीमन के खिलाफ आवाज उठाई थी और राज्य के हितों की रक्षा के लिए इसके खिलाफ संघर्ष किया है।

राज्य से जिनके निजी हित जरू री वह बहिष्कार कर रहे: मणिकम टैगोर

इस बीच कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने एक बयान में कहा, जो लोग अपनी राजनीति को तमिलनाडु के हितों से ऊपर रखते हैं, वे बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला कर सकते हैं। लेकिन जो लोग तमिलनाडु को पहले और राजनीति को बाद में रखते हैं, वे मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे। टैगोर ने कहा, यह पार्टी की राजनीति का मुद्दा नहीं है। यह तमिलनाडु के अधिकारों, हितों और भविष्य का सवाल है। तमिलनाडु की जनता देख रही है और वह याद रखेगी कि जरूरत के समय राज्य के साथ कौन खड़ा था। कांग्रेस तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सहयोगी है। शुक्रवार को जब विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मेकेदातू का मुद्दा उठाया था, तब मुख्यमंत्री विजय ने कहा था कि कावेरी जल विवाद (मेकेदातू) पर पड़ोसी राज्य कर्नाटक के साथ बातचीत का प्रस्ताव उन्होंने ही दिया था, क्योंकि उन्हें सकारात्मक परिणाम की कुछ उम्मीद थी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि वह इस मुद्दे पर ओझी राजनीति नहीं करना चाहते।

देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रख रहे पीएम मोदी: केजरीवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे भारत के हितों की रक्षा करने में नाकाम रहे हैं। यह आरोप अमेरिकी सीनेट के उस कदम के बीच लगाया गया है जिसमें रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाला बिल पास करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर ट्रंप के फैसलों को मानकर भारत के हितों से समझौता करने का भी आरोप लगाया और कहा कि ट्रंप देश के मामलों में लगातार दखल दे रहे हैं। एक पोस्ट में केजरीवाल ने कहा कि देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रखने, ट्रंप की गुलामी स्वीकार करने और भारत को अपमानित कराने के बाद, मोदी जी देश के लिए यह स्थिति ले आए हैं।
आज देश के हर छोटे-बड़े फैसले में ट्रंप का दखल है। मोदी जी ट्रंप की हर बात मान लेते हैं, चाहे वह सही हो या गलत। और ट्रंप हर क्षेत्र में भारत के खिलाफ फैसले लेते हैं। यह बयान अमेरिकी सीनेट द्वारा रूस प्रतिबंध बिल पास किए जाने के बाद आया है। इस बिल का नाम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है। यह बिल रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों (जिनमें चीन और भारत भी शामिल हैं) पर 1०० प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है। सीनेट ने इस बिल को 86 के मुकाबले 11 वोटों से (दोनों पार्टियों के समर्थन से) पास किया है। अब कानून बनने के लिए इसे अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की मंज़ूरी की ज़रूरत है। ष्टहृहृ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बिल रूस के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों (जिनमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं) और रूस के रक्षा उद्योग की मदद करने वाली विदेशी कंपनियों पर अनिवार्य प्रतिबंध लगाएगा। जो देश रूस के कुल प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम आयात करते हैं, उन्हें इस बिल से छूट मिलेगी। इसके अलावा, केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि वे तब तक पेट्रोल और डीज़ल वाली गाडिय़ां न खरीदें जब तक सरकार ई2० फ्य़ूल पर अपनी स्थिति साफ़ न कर दे। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने ई2० की पर्याप्त टेस्टिंग नहीं की है और इसके इस्तेमाल से दो-पहिया वाहनों, मोटरसाइकिलों, स्कूटरों, कारों और अन्य चार-पहिया वाहनों की फ्य़ूल एफि़शिएंसी में 25-3० प्रतिशत की कमी आई है।

जोन-4 में ‘प्राइवेट वसूली गैंग’ का खेल!

राजस्व निरीक्षक पर निजी लडक़ों से वसूली कराने के आरोप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम के जोन-4 में राजस्व वसूली के नाम पर कथित तौर पर प्राइवेट लडक़ों के जरिए वसूली का खेल जारी राजस्व निरीक्षक द्वारा निजी व्यक्तियों को लगाकर दुकानदारों और आम जनता से वसूली कराई जा रही है। इतना ही नहीं, इस पूरे खेल से जहां नगर निगम के राजस्व को नुकसान भी हो रहा है वहीं जनता को गुमराह कर कथित तौर पर शिकार बनाया जा रहा है।
जोन 4 कार्यालय के बाहर बनी कैंटीन में कथित तौर पर वसूली और ‘डील’ का खेल तय होता है। सवाल यह है कि जब नगर निगम के पास बाकायदा राजस्व विभाग और कर्मचारी मौजूद हैं, तो आखिर इतने बाहरी निजी व्यक्ति जोन-4 कार्यालय के अंदर बैठकर किसके आदेश पर काम कर रहे हैं? सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर निगम के सरकारी कार्यालय में बाहरी निजी व्यक्तियों की मौजूदगी और उनकी भूमिका किसने तय की? क्या इन लोगों की कोई अधिकृत नियुक्ति है? सरकारी कार्यालय में बैठने और राजस्व संबंधी काम में दखल देने की अनुमति किस अधिकारी ने दी निजी लडक़ों द्वारा जनता से संपर्क कर उन्हें सरकारी कर्मचारी होने का आभास दिया जाता है और इसी के जरिए कथित तौर पर वसूली की जाती है। अगर किसी व्यक्ति से नगर निगम के नाम पर पैसा लिया जा रहा है, लेकिन वह राशि निगम के खज़़ाने में जमा नहीं हो रही, तो यह सीधे तौर पर नगर निगम के राजस्व और सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अधिकारियों की नजर से कैसे बचा ‘प्राइवेट सिस्टम’
जोन-4 में कथित निजी वसूली व्यवस्था की जानकारी अधिकारियों तक नहीं पहुंची या फिर पहुंचने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई—यह भी जांच का बड़ा सवाल है। क्या नगर निगम प्रशासन कराएगा जांच?किसके संरक्षण में बैठे हैं ये बाहरी लोग? किसके आदेश पर जनता से राजस्व की वसूली कराई जा रही है? कैंटीन में किन लोगों के बीच तय होती है कथित ‘डील’?और सबसे बड़ा सवाल—नगर निगम के राजस्व का हिसाब कौन देगा?

हादसे का शनिवार: दुर्घटना में 10 ने गंवाई जान

हिमाचल प्रदेश में सडक़ से फिसलकर गहरी खाई में गिरी बस, 7 लोगों की मौत और 11 घायल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
शिमला। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में शनिवार सुबह हुए दो भीषण सडक़ हादसों में कुल 1० लोगों की मौत हो गई। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक यात्री बस के खाई में गिरने से 7 लोगों की जान चली गई, वहीं पंजाब के जालंधर में एक तेज रफ्तार कार के खड़े ट्रक से टकराने से 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में टिस्सा-बैरागढ़ रोड पर चलुज मोड़ के पास एक यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर सडक़ से फिसल गई और हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना के वक्त बस बैरागढ़ से चंबा शहर की ओर जा रही थी और उसमें लगभग 15 से 20 यात्री सवार थे। इस भीषण हादसे में चार पुरुषों और तीन महिलाओं समेत 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में बस का ड्राइवर और कंडक्टर भी शामिल हैं। दुर्घटना में 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल यात्रियों को इलाज के लिए तुरंत टिस्सा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। टिस्सा पुलिस स्टेशन के एडिशनल एसपी अनुभव शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच जारी है।

जालंधर में कार दुर्घटना में तीन लोगों की मौत

इससे पहले, शनिवार सुबह जालंधर-मकसूदन बाईपास हाईवे पर एक स्विफ्ट कार के खड़े हुए सामान से लदे कैंटर ट्रक से टकराने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस को सुबह करीब 6.3० बजे हादसे की जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि तीन लोगों से भरी कार तेज़ रफ़्तार में ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर से गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। शवों को आगे की कार्रवाई के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि कार का रजिस्ट्रेशन लम्मे गाँव इलाके का है और मृतकों की पहचान के लिए वहाँ के लोगों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। कार के मालिक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

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