मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते भी हंगामा ही हंगामा
चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्ष का हल्लाबोल विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने पेश किए चार बिल, कार्यवाही हुई स्थगित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मानसून सत्र केतीसरे सप्ताह के पहले दिन भी संसद के दोनों हंगामा जारी रहा। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
वहीं विपक्ष के हंगामे के बीच ही सरकार ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 26, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 26, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 026, और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 026 पेश किए। संसद के मानसून सत्र के चौथे सप्ताह की शुरुआत भी पिछले तीन सप्ताह की तरह ही हंगामेदार रही।
कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्य अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के विरोध में और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर शोर-शराबा करने लगे। आसन पर आज आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन थे जिन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया। सामान्य तौर पर लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के समय आसन पर अध्यक्ष ओम बिरला होते हैं। हंगामा जारी रहने पर प्रेमचंद्रन ने बैठक शुरू होने के एक मिनट के अंदर दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही फिर से आरंभ होने पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच ही पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए।

कई मंत्रियों ने पेश किए विधेयक
विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 26 और कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 हंगामे के बीच ही पेश किए। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 026 और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 026 पेश किए। हालांकि, उक्त दोनों विधेयक केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नाम से सूचीबद्ध थे।
विपक्ष के सदस्य ‘गृह मंत्री कहां हैं’ के नारे लगाते रहे
इस दौरान विपक्ष के सदस्य ‘गृह मंत्री कहां हैं’ कहते सुने गए। पीठासीन सभापति संध्या राय ने विधेयकों को पेश किए जाने का विरोध करने के लिए कुछ विपक्षी सदस्यों के नाम पुकारे, लेकिन विपक्ष की तरफ नारेबाजी जारी रही। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दिल्ली विधानसभा में टी-शर्ट पर हंगामा
भाजपा विधायकों की आपत्ति, आप के छह विधायकों मार्शल ने निकाला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही जारी है। आज वित्त वर्ष 024-25 के राज्य वित्त से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रिपोर्ट पेश करेंगी। विधानसभा में नियम-28० के तहत चर्चा में दिल्ली के विधायकों ने साफ-सफाई का मुद्दा उठाया।
सीएजी की एक रिपोर्ट अभी पेश होगी। सदन में तीन बिल आएंगे। वहीं, छह विधायक मार्शल आउट और सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। जिसके बाद फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई। विधानसभा में टी-शर्ट पर हंगामा हो गया। विपक्ष के द्वारा पहने गए शर्ट पर बीजेपी विधायकों ने आपत्ति जताई। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने टी-शर्ट नहीं उतारने पर विधायक संजीव झा, कुलदीप, अजय दत्त, जरनैल सिंह समेत दूसरे विधायक को मार्शल आउट किया। आम आदमी पार्टी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जो साइकिल आप नेताओं ने 4200 रुपये में खरीदी, उसे सरकार ने 6957 रुपये में खरीदा। दिल्ली सरकार ने 1,3०, ०००साइकिल खरीदी। विपक्ष ने इसमें बड़े घोटाले का आरोप लगाया।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में यूपी सरकार ने सुनवाई टालने का किया आग्रह
पीठ ने अनुरोध पर विचार करने पर सहमति जताई
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई टालने का आग्रह किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से यह अनुरोध किया। वजह यह बताई गई कि मामले में पेश हो रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उपलब्ध नहीं हैं।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई टालने के अनुरोध पर विचार करने पर सहमति जताई। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा जस्टिस वी. मोहन की पीठ को एक वकील ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हो रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एक प्रतिनिधिमंडल के साथ संयुक्त राष्ट्र गए हैं। वहां उन्हें एक कार्यक्रम में शामिल होना है। पीठ ने पूछा कि क्या ये मामले सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। वकील ने कहा, हां, 3० से 33 नंबर तक…कृपया इसे अगले सप्ताह सुनवाई के लिए ले लीजिए। पीठ ने इस अनुरोध पर विचार करने पर सहमति जताई।
कावेरी जल विवाद, तमिलनाडु की याचिका पर 13 को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु के हिस्से का कावेरी नदी का पानी तुरंत छोडऩे का निर्देश देने की मांग की गई है। शीर्ष कोर्ट इस याचिका पर 13 अगस्त को सुनवाई करेगा।
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने पीएम मोदी पर साधा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र और अमित शाह की गैरमौजूदगी पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी क्रम में उद्धव ठाकरे गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है।
संजय राउत ने तंजिया लहजे में लिखा, आओ न, डरो मत, राहुल गांधी अच्छा इंसान हैं कुछ नहीं करेंगे। बस थोड़ी सी धुलाई करेंगे। संजय राउत ने पोस्ट में लिखा, आप 56 इंच वाले हो, मालूम है, एक बार अंदर आकर तो देखो, डरो मत, राहुल गांधी अच्छे संस्कारी इंसान हैं, वो आपको कुछ नही करेंग, केवल थोड़ी सी धुलाई करेंगे, इतना तो हक बनता ही है, शिवसेना यूबीटी सांसद ने आगे लिखा, राहुल संसद के दरवाजे पर खड़े हैं। छुपके मत देखो आओ भाई, आईए।
रांची में छात्रों का 18वें दिन भी प्रदर्शन जारी
थ्री लेयर्ड बैरिकेडिंग नहीं रोक सकी प्रदर्शनकारियों का रास्ता
हाईकोर्ट व विस तक पहुंचे छात्र, पुलिस ने पानी डाला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रांची। राजधानी रांची में जेपीएससी व जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के 18वें दिन सोमवार (1० अगस्त) को विधानसभा घेराव के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास पुलिस द्वारा लगाई गई मजबूत बैरिकेडिंग को छात्रों ने पार कर आगे बढऩा शुरू कर दिया।
देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा के लिए रवाना। विधानसभा घेराव को छात्रों के साथ महतो भी पूरे जोश में सडक़ हैं। देवेंद्रनाथ को उनके सहयोगी कंधे पर उठाकर एचईसी स्थित शहीद मैदान पहुंचे। बॉर्डर जैसी कंटीली तारों वाली बैरिकेडिंग भी छात्रों को रोक नहीं सकी। रिपोट्र्स के अनुसार, प्रदर्शनकारी तीसरी बैरिकेडिंग पार कर झारखंड विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। भारी पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद छात्रों का यह दबाव बढ़ता दिख रहा है। बैरिकेडिंग के पीछे से जगन्नाथपुर मंदिर के रास्ते शॉर्टकट गेट से भी आगे बढ़ रहे छात्र। यही गति रही तो सभी बैरियर टूटना तय है।पुलिस-प्रशासन की ओर से शहीद मैदान से हाई कोर्ट तक कुल आठ बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस को झांसा देकर शार्ट कट रास्ते से भी कुछ आंदोलनकारी सात बैरियर फांद कर आगे बढ़ते दिख रहे हैं।
जहां प्रदर्शकारी रोके गए हैं वहां से झारखंड हाई कोर्ट तक कुल पांच बैरिकेडिंग हैं। एक जगन्नाथपुर मंदिर के सामने प्रवेश द्वार के पास है। वहीं तक प्रदर्शकारी आ सकते हैं। दूसरी व तीसरी बैरिकेडिंग मंदिर के समानांतर साईं मंदिर, ऋषभ नगर की तरफ जाने वाले रास्ते के पास है। चौथी बैरिकेडिंग जगन्नाथनगर कॉलेज के सामने और पांचवी बैरिकेडिंग झारखंड हाई कोर्ट के पास है।
भाजपा नेताओं का समर्थन
उधर, भाजपा नेताओं के समर्थन प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू सहित कई विधायकों और नेताओं को हिरासत में लिया गया। उन्हें खेलगांव ले जाया जा रहा है। विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है, लेकिन विपक्ष अनुपस्थित रहा। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ मेहतो एंबुलेंस से विधानसभा के लिए रवाना हुए। एक बैरिकेडिंग टूटा।
सरकारी कार्यक्रमों में तमिल एंथम अनिवार्य : विजय
तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव पेश, डीएमके-एआई डीएमके का समर्थन
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव के तहत राज्य भर में सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में राज्य गीत तमिल थाई वाजथु गाना अनिवार्य कर दिया गया है।
विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए विजय ने कहा कि उनकी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार तमिलनाडु के भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने विधायकों से इस कदम का समर्थन करने के लिए राजनीतिक मतभेदों को भुलाने की अपील की।
मां की तरह पवित्र है हमारी मातृभाषा : सीएम विजय
विजय ने भावुक भाषण में कहा, हमारी मातृभाषा उतनी ही पवित्र है जितनी हमारी मां। उन्होंने आगे कहा,तमिल सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारा जीवन और हमारी भावनाएं भी है। तमिल का मतलब है गर्व, तमिल का मतलब है शक्ति। उन्होंने कहा, जिस पल आप तमिल कहते हैं, पूरा तमिलनाडु एकजुट होकर एक साथ खड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा, तमिलनाडु में तमिल थाई वाजथु को पहला स्थान मिलना चाहिए। तमिल थाई वाजथु को पहला स्थान देना हमारा राज्य का अधिकार है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने सभी पार्टियों के सदस्यों से प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा, तमिल थाई वाजथु को सबसे पहले गाया जाना चाहिए, इस बात को लेकर कोई राजनीतिक बहस नहीं होनी चाहिए। इस प्रस्ताव के तहत, तमिलनाडु में शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में सबसे पहले तमिल थाई वाजथु गाया जाएगा। इस प्रस्ताव को डीएमके और एआईएडीएमके दोनों दलों के विधायकों का समर्थन मिला। सदस्यों ने सरकारी कार्यक्रमों में राज्य गीत गाना अनिवार्य करने के सरकार के कदम का समर्थन किया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की सलाह के बाद उठाया कदम
यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय की हालिया सलाह के बीच उठाया गया है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम् बजाने के 28 जनवरी के निर्देश का पालन करने को कहा गया था। यह कदम गृह मंत्रालय के 9 जुलाई के उस निर्देश की पृष्ठभूमि में भी उठाया गया है जिसमें सरकारी कार्यक्रमों में राज्य गीत गाने के बारे में बात कही गई थी।



