डिफेंस टेक्नोलॉजी कैसे हुई चोरी? रोबोट कोडिंग से LiDAR सेंसर तक, राजस्थान में 4 पर FIR

जयपुर में भारत सरकार के तहत पंजीकृत डीप- टेक रोबोट निर्माण कंपनी 'क्लब फर्स्ट रोबोटिक प्राइवेट लिमिटेड' संवेदनशील उपकरण चोरी का मामला सामने आया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जयपुर में भारत सरकार के तहत पंजीकृत डीप- टेक रोबोट निर्माण कंपनी ‘क्लब फर्स्ट रोबोटिक प्राइवेट लिमिटेड’ संवेदनशील उपकरण चोरी का मामला सामने आया है. पुलिस ने चार लोगों पर एफआईआर दर्ज की है.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील मामला सामने आया है. भारत सरकार के तहत पंजीकृत डीप- टेक रोबोट निर्माण कंपनी ‘क्लब फर्स्ट रोबोटिक प्राइवेट लिमिटेड’ के मार्केटिंग ऑफिसर पर सीक्रेट कोडिंग, रोबोटिक तकनीक और संवेदनशील उपकरण चुराने का आरोप लगा है.

कंपनी के डायरेक्टर भुवनेश मिश्रा की शिकायत पर शिवदासपुरा थाने में मुख्य आरोपी मोहनलाल चौधरी, रोहित सोलंकी, देवेश उपाध्याय और विकास के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है.

FIR में आरोप है कि आरोपियों ने कंपनी से LiDAR सेंसर, UGV (अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स) के पार्ट्स और कैमरा मॉड्यूल (MK15 रिमोट) जैसी चीजें हटाईं। UGV और LiDAR टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल डिफेंस सेक्टर, ड्रोन, सर्विलांस और एडवांस्ड रोबोटिक्स में किया जाता है.

आरोप है कि इन संवेदनशील उपकरणों और रोबोट कोडिंग से जुड़ी जानकारी दूसरे आरोपियों के साथ शेयर की गई थी. कोर्ट के आदेश के बाद आरोपियों के खिलाफ कानून की सात धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

कंपनी के बकाया पेमेंट अपने खाते में कराए ट्रांसफर

आरोप है कि आरोपी मोहनलाल ने देनदारों से सीधे संपर्क करने के लिए कंपनी के नकली लेटरहेड और कोटेशन बनाए. बताया जाता है कि उसने कंपनी के बकाया पेमेंट को अपने पर्सनल बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिया.

कंपनी के नकली डॉक्यूमेंट्स जमा करके राजस्थान सरकार के एक विभाग (DLB जयपुर) से टेंडर हासिल करने की कोशिश भी की गई. कंपनी का सिम कार्ड मिलने और उसे दोबारा चालू करने के बाद WhatsApp चैट और दूसरे डेटा से इस साजिश का पूरा खुलासा हुआ.

गोपनीय जानकारी दूसरों से की शेयर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपी ने ‘मॉन्स्टर ट्रक’ के पहियों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़ी गोपनीय जानकारी रोहित सोलंकी और दूसरों के साथ शेयर की थी.

‘क्लब फर्स्ट रोबोटिक प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर भुवनेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी मोहनलाल के पास कंपनी का ऑफिशियल लैपटॉप और मोबाइल फोन था. लैपटॉप में डिफेंस सेक्टर के क्लाइंट्स और रोबोट खरीदने वाली कंपनियों से जुड़ा डेटा था. बताया जाता है कि वह बिना किसी सूचना के इन उपकरणों के साथ फरार हो गया.

जल्द ही पूरे मामले का होगा खुलासा: DCP

इस संबंध में जयपुर DCP (साउथ) राजर्षि राज वर्मा का कहना है कि यह संवेदनशील मामला सामने आया है और फिलहाल इसकी जांच चल रही है. कंपनी के डायरेक्टर द्वारा शामिल लोगों पर लगाए गए आरोपों की बारीकी से जांच की जा रही है. जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा.

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