UGC-NET में गड़बड़ी के बाद दोबारा परीक्षा, कांग्रेस ने पूछा-गलतियां पकड़ने में दो महीने क्यों लगे?
UGC-NET परीक्षा दोबारा होने पर कांग्रेस ने एनटीए और सरकार को घेरा है. कांग्रेस ने कहा कि गलतियां पकड़ने में दो महीने क्यों लग गए? छात्रों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

4पीएम न्यूज नेटवर्क: UGC-NET परीक्षा दोबारा होने पर कांग्रेस ने एनटीए और सरकार को घेरा है. कांग्रेस ने कहा कि गलतियां पकड़ने में दो महीने क्यों लग गए? छात्रों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने करीब दो महीने बाद जून में हुए नेट एग्जाम के तीन पेपर रद्द कर दिए. इसको लेकर कांग्रेस ने एनटीए और सरकार को घेरा है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी जी, देखिए आपकी NTA ने अभी क्या किया है.
NTA अभी भी असली सवाल का जवाब नहीं देगी- क्या परीक्षा से पहले ये पेपर लीक हुए थे? बता दें कि नेट के तीनों पेपर इसी साल जून में हुए थे. प्रश्न पत्रों में गड़बड़ी के कारण परीक्षा रद्द की गई. अब अगले महीने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाज शास्त्र की परीक्षा दोबारा होगी.
राहुल ने एक लंबा चौड़ा ट्वीट कर मोदी सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स के लिए UGC-NET परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच हुईं. लगभग दो महीने बाद, NTA ने तीनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया क्योंकि उसने गलत पेपर सेट किए थे और पुराने सवाल दोहराए थे. राहुल ने कहा कि हजारों उम्मीदवार जिन्होंने सालों तक तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस दी और दूर-दराज के सेंटरों तक यात्रा की, उन्हें अब सितंबर में यह सब फिर से करना होगा. गलती NTA करती है, लेकिन सजा छात्र भुगतते हैं.
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, आखिरी नहीं- राहुल
राहुल ने आगे कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, आखिरी नहीं. NTA की लीडरशिप को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. एनटीए कभी नहीं मानती कि उसकी गलती है. गड़बड़ी वाले बाकी सभी पेपरों की तरह, मुझे पूरा यकीन है कि इसके लिए किसी की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी. NTA अभी भी असली सवाल का जवाब नहीं देगी- क्या परीक्षा से पहले ये पेपर लीक हुए थे?
गलतियां पकड़ने में दो महीने क्यों लग गए- जयराम रमेश
वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूछा कि गलतियां पकड़ने में दो महीने क्यों लग गए? उन्होंने कहा कि इस देरी के कारण जो छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों में इस साल के शैक्षणिक सत्र में प्रवेश से वंचित हो जाएंगे, उनके नुकसान की भरपाई कैसे होगी और कौन करेगा?
NTA की गलती की सजा छात्र क्यों भुगतें- जयराम रमेश
वहीं, जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा, UGC NET जून 2026 की परीक्षा के करीब दो महीने बाद NTA ने खुद माना कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाज शास्त्र के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां थीं. प्रमुख विद्वानों के नाम गलत लिखे गए, किताबों के शीर्षक बिगाड़ दिए गए, प्रश्नों की भाषा में त्रुटियां थीं, जेंडर बेस्ड गलतियां थीं. इतना ही नहीं, NTA की समिति ने पाया कि बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न भी दोहराए गए जो पहले की परीक्षा में पूछे जा चुके थे. जयराम रमेश ने कहा कि हमारा सवाल है कि NTA की गलती की सजा देश के छात्र क्यों भुगतें?
इतनी गंभीर त्रुटियों वाला प्रश्नपत्र मंजूर कैसे हुआ?
कांग्रेस नेता ने कहा कि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि परीक्षा दोबारा क्यों हो रही है. सवाल यह है कि इतनी गंभीर त्रुटियों वाला प्रश्नपत्र तैयार और मंजूर कैसे हुआ? लाखों युवाओं के करियर से जुड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में ऐसी लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है? परीक्षा प्रणाली में गलती की कीमत अभ्यर्थी क्यों चुकाएं? ये सवाल सिर्फ इन तीन विषयों के हजारों छात्रों के ही नहीं है. सरकार को बताना चाहिए कि 84 अन्य विषयों में परीक्षा दे चुके कई हजार अभ्यर्थियों के परिणाम में देरी क्यों हुई? देश का युवा जवाब चाहता है.
अगले महीने तीन विषयों की परीक्षा अब दोबारा होगी
UGC-NET के तीन विषयों (अंग्रेजी, कॉमर्स और समाज शास्त्र) की परीक्षा अब दोबारा होगी. NTA ने इसको लेकर शेड्यूल जारी कर दिया है. 9 सितंबर को अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा होगी जबकि 10 सितंबर को समाज शास्त्र की परीक्षा आयोजित की जाएगी. प्रश्न पत्रों में गंभीर गलतियां मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है.



