राहुल गांधी की CM हेमंत सोरेन को चिट्ठी, बोले- छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलकर सुनें उनकी बात
रांची में पिछले 24 दिनों से जारी छात्र आंदोलन को लेकर राहुल गांधी ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने सोरेन से छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलने की बात कही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: रांची में पिछले 24 दिनों से जारी छात्र आंदोलन को लेकर राहुल गांधी ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने सोरेन से छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलने की बात कही है.
झारखंड में पिछले 24 दिन से छात्रों का आंदोलन जारी है. आज दोपहर दो बजे सरकार और छात्रों में बातचीत होनी है. इससे पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीएम हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखी है.
चिट्ठी में 14 अगस्त की तारीख है लेकिन इसे आज जारी की गई है. इस पत्र में राहुल ने सीएम सोरेन से कहा है कि वो व्यक्तिगत रूप से विरोध कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलें.
राहुल ने कहा कि इससे उनकी बाकी चिंताओं को दूर करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने में मदद मिलेगी. संकट की इस घड़ी में हमें उनके साथ एकजुटता दिखानी चाहिए और उनका समर्थन करना चाहिए. राहुल ने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर RSS और BJP का कब्जा हो गया है. उनका विरोध शांतिपूर्ण रहा है और उनकी मांगें जायज हैं.
भारत के युवा ही देश का भविष्य- राहुल
राहुल ने आगे कहा कि मैं झारखंड सरकार की तारीफ करता हूं. आपके बनाए गए समिति के जरिए उन्होंने छात्रों से बात शुरू की है. मुझे लगता है कि छात्रों की कई मांगों पर बात भी बन गई है लेकिन विरोध अभी भी चल रहा है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. मैं आपको सुझाव देना चाहता हूं कि आप खुद जाकर विरोध कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलें.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि इससे उनकी बाकी चिंताओं को दूर करने की सरकार की इच्छा और मजबूत दिखेगी. भारत के युवा ही देश का भविष्य हैं. इस मुश्किल समय में हमें उनके साथ खड़ा होना चाहिए और उनका साथ देना चाहिए। कृपया उनकी बात ध्यान से सुनें और इस समस्या को सुलझाने के लिए सही कदम उठाएं.
सरकार और छात्रों के बीच अहम बातचीत
बता दें कि आज दोपहर 2 बजे सरकार और छात्रों के बीच बातचीत होगी. छात्रों को उनके सलाहकारों के साथ बुलाया गया है. दरअसल, छात्र सीबीआई जांच, JSSC-CGL रद्द करने की मांग पर अड़े हैं. 10 सदस्यीय छात्र डेलिगेशन सरकार से बात करेगा.



