कानपुर की सड़क बनी धान का खेत! गड्ढों में पानी भरते ही सपाइयों ने कर दी धान की रोपाई

कानपुर की बर्रा-कर्राही सड़क पर जलभराव और गड्ढों से परेशान सपा नेताओं ने सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए पानी भरे गड्ढों में धान रोपा। नेताओं ने सड़क निर्माण में देरी पर सवाल उठाए।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः  बारिश के बाद सड़कों पर बने गड्ढे आम लोगों के लिए परेशानी बनते हैं, लेकिन कानपुर में समाजवादी पार्टी नेताओं ने इसी समस्या को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। बर्रा-कर्राही सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरने के बाद सपाइयों ने सांकेतिक रूप से धान की पौध रोप दी। प्रदर्शन के जरिए नेताओं ने सड़क की बदहाली और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

गड्ढों में भरे पानी में रोपी धान की पौध

सपा नेताओं का कहना है कि बर्रा-कर्राही मार्ग लंबे समय से खराब हालत में है। बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे राहगीरों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने पानी से भरे गड्ढों में धान की पौध रोपकर सड़क की स्थिति की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने का प्रयास किया।

सपा नेता सुभाष द्विवेदी ने कहा कि सड़क पर गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और लोग घायल हो रहे हैं।

एक साल पहले अखिलेश ने उठाया था मुद्दा

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, बर्रा-कर्राही सड़क की बदहाली का मुद्दा सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने करीब एक साल पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उठाया था। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने का आरोप लगाते हुए सपाइयों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया।

सपा नेताओं ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य प्रशासन को सड़क की समस्या की गंभीरता का अहसास कराना है। सड़क को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी बताई जा रही है।

CM ग्रिड योजना के काम की रफ्तार पर सवाल

यह सड़क उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के विधानसभा क्षेत्र में आती है। बताया गया कि यहां सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क निर्माण का काम चल रहा है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि काम की रफ्तार धीमी होने से लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।

अब सवाल यह है कि निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा और बारिश के दौरान राहगीरों को गड्ढों व जलभराव से कब राहत मिलेगी। फिलहाल धान रोपने के इस प्रदर्शन ने सड़क की बदहाली को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर

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