राहुल गांधी पर FIR कराने वाले अमित कुमार कौन? हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद में लगाए ये आरोप
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ किया था, इसके बाद सियासी घमासान शुरू हो गया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ किया था, इसके बाद सियासी घमासान शुरू हो गया.
3 मुख्य बातें
राहुल के खिलाफ केस करवाने वाले अमित का वाल्मीकि समाज से नाता
रामलीला मैदान की सफाई करने वाल समिति में अमित कुमार भी जुड़े रहे
राहुल के आरोप के बाद समाज में तनाव फैला, मुझे-परिवार को धमकीः अमित
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एक और केस दर्ज कराई गई है. उनके खिलाफ यह केस उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में शुद्धिकरण से जुड़े मामले पर टिप्पणी को लेकर किया गया है. खास बात यह है कि यह केस अनुसूचित जाति से नाता रखने वाले एक जेन जी युवक की ओर से कराई गई.
हल्द्वानी पुलिस का कहना है कि यहां के जवाहर नगर निवासी अमित कुमार की शिकायत पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. अमित वाल्मीकि समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और वह श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से भी जुड़े हुए हैं. पुलिस का कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायत में राहुल गांधी को आरोपी बनाया गया है.
युवा अमित का कांग्रेस नेता के खिलाफ क्या आरोप
26 साल के अमित कुमार की ओर से पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने इस विवाद को लेकर अपनी टिप्पणी में यज्ञ कार्यक्रम को जातिगत रंग दिया और इससे जुड़े लोगों को छुआछूत मानने वाला और दलित विरोधी बताने की भी कोशिश की.
शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि राहुल की टिप्पणी से वाल्मीकि समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि वह 11 अगस्त को रामलीला मैदान की सफाई और धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वह खुद भी मौजूद था. कार्यक्रम में सफाई और धार्मिक अनुष्ठान की कार्यवाही का किसी व्यक्ति की जाति से कोई संबंध नहीं था. इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति सहित कई अन्य वर्गों के लोग शामिल हुए थे और इसका कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे या किसी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं था.
अपनी शिकायत में क्या बोले अमित कुमार
अमित कुमार की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिना किसी सत्यापन के ही SC-ST एक्ट 1989 के तहत एफआईआर दर्ज कराए जाने की सार्वजनिक मांग की, साथ ही मुझे (वाल्मिकी समाज) समाज में छुआछूत करने वाला और दलित विरोधी बताकर अपमानित किया. इस वजह से समाज में आपसी तनाव पैदा हो गया.
उन्होंने बताया, “कांग्रेस ने इस मैदान पर 8 अगस्त को एक राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए. कार्यक्रम के खत्म होने के दौरान मैंने मंच और मैदान का निरीक्षण किया, जिसमें भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा और शराब की कई खाली बोतलें पड़ी मिलीं. कुछ बोतलों में अशुद्ध सामग्री भी पड़ी मिली.” उन्होंने कहा, “कार्यक्रम के दौरान कई लोगों की ओर से आपत्तिजनक और जिहादी प्रकृति के नारे भी लगाए गए. इससे रामलीला मैदान की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची.”
कांग्रेस के 11 अगस्त के कार्यक्रम से जुड़ा मामला
दर्ज एफआईआर के अनुसार, फिर 11 अगस्त को इस मैदान की सफाई कराई गई. और धार्मिक तथा सांस्कृतिक मर्यादा की पुनर्स्थापना के लिए हवन शुद्धिकरण का धार्मिक अनुष्ठान कराया गया. इस अनुष्ठान में खरगे या किसी भी अन्य व्यक्ति की जाति का कोई संबंध नहीं था. यही नहीं उक्त सफाई अभियान के दौरान मैं भी उसमें शामिल था.
इस सफाई को लेकर राहुल गांधी ने 29 अगस्त को अपनी पीसी में कहा कि शुद्धिकरण छुआछूत का ही दूसरा नाम है. यह अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ भी SC-ST एक्ट 1989 के तहत कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज कराई जाए. इस पर सचिन की शिकायत है, “इस तरह के गंभीर आरोप लगाने से पहले राहुल गांधी या उनके प्रतिनिधियों ने पूरे मामले में तथ्यों की पूरी जानकारी नहीं ली और न ही मुझसे और न ही यहां की गतिविधियों से जुड़ी समिति के लोगों से कोई बात की. यही नहीं मुझे दलित विरोधी के रूप में बताया जा रहा है.”
उन्होंने शिकायत में कहा, “कांग्रेस नेता की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद मेरे और समिति के लोगों पर सामाजिक और राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है. हमारे खिलाफ लोगों को उकसाया जा रहा है. मुझे धमकी तक मिल रही है. इस वजह से मेरी निजी प्रतिष्ठा, सामाजिक सम्मान, आजीविका और सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया है. मेरा परिवार डर से साये में जी रहा है.”
उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, “जिन लोगों ने हम पर आरोप लगाए वो खुद SC-ST समुदाय के लोग नहीं हैं. और इन लोगों ने मुझ जैसे अनुसूचित जाति के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए. जानबूझकर मेरी गरिमा को आघात पहुंचाया. मेरे और साथियों के खिलाफ समाज में वैमनस्यता फैल गई.”
क्या है खरगे से जुड़ा मामला
साथ ही अमित कुमार ने शिकायत के साथ पुलिस को संबंधित प्रेस वार्ता की वीडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और 8 तथा 11 अगस्त के कार्यक्रमों के फोटो-वीडियो पर संज्ञान लेने तथा संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने का अनुरोध किया था.
हल्द्वानी पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्यता बढ़ाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मकसद से किए गए जानबूझकर कृत्यों से संबंधित कई प्रावधान शामिल हैं. एफआईआर में SC-ST एक्ट, 1989 की संबंधित कई धाराएं भी जोड़ी गई हैं. एफआईआर से जुड़ी कॉपियां नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और अन्य अधिकारियों के साथ ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी भेज दी गई है.
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ किया था, इसके बाद सियासी घमासान शुरू हो गया. कांग्रेस इसे बीजेपी की दलित विरोधी सोच बता रही है, तो सत्तारुढ़ पार्टी ने यह कहते हुए इसका बचाव किया कि खरगे की जनसभा की दौरान गंदगी हुई और ऐसे नारे लगे जो धार्मिक स्थान पर नहीं लगने चाहिए थे.



