रूस की सेना में गए 227 भारतीयों का क्या हुआ? सरकार ने दिया पूरा अपडेट

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि रूसी सेना में 227 भारतीय नागरिकों की भर्ती हुई थी, जिनमें से 139 को सेवामुक्त कर दिया गया है और वो भारत लौट रहे हैं. वहीं 51 नागरिकों की इस जंग में मौत हो गई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि रूसी सेना में 227 भारतीय नागरिकों की भर्ती हुई थी, जिनमें से 139 को सेवामुक्त कर दिया गया है और वो भारत लौट रहे हैं. वहीं 51 नागरिकों की इस जंग में मौत हो गई है.

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 4 चार साल से जारी है. दोनों देशों के बीच 2022 से शुरू हुआ तनाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है. इस दौरान दोनों ही देशों के हजारों लोगों की मौत हो गई.रूसी सेना में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. इस बीच भारत ने रूसी सेना में भर्ती किए गए भारतीय नागरिकों के आंकड़े जारी किए दी.

सोमवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि रूसी सशस्त्र बलों में 227 भारतीय नागरिकों की भर्ती की गई है, जिनमें से 139 को सेवामुक्त कर दिया गया है और वो भारत लौटने की प्रक्रिया में हैं.जबकि 51 नागरिकों ने इस भीषण संघर्ष में अपनी जान गंवा दी है.

भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी बातचीत जारी

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किर्गिस्तान यात्रा पर एक ब्रीफिंग के दौरान रूसी सेना में भारतीयों के शामिल होने से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए ये आंकड़े दिए. उन्होंने बताया कि भारतीय नागरिकों की रिहाई और स्वदेश वापसी को लेकर भारत रूस के साथ बातचीत कर रहा है.

भारतीय दूतावास रख रहा हालात पर नजर

मिस्री ने कहा कि रूसी सशस्त्र बलों में हमारे नागरिकों की भर्ती का मुद्दा भारत और रूस के बीच कई मौकों पर विभिन्न स्तरों पर चर्चा का विषय रहा है. उन्होंने कहा कि मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास नियमित रूप से हालात पर नजर रख रहा है. उन्होंने बताया कि दूतावास अभी भी सजा काट रहे लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है.

उन्होंने कहा ‘हम रूसी पक्ष के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाकी मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जाए ताकि हम इन भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द उनके परिवारों के पास वापस भेज सकें’.

अब तक 51 भारतियों की मौत

रूसी सेना में भर्ती हुए भारतीयों की संख्या के बारे में जानकारी देते हुए मिस्री ने कहा कि आखिरी गिनती के अनुसार हमारे पास 227 भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी थी जिन्हें रूसी सेना में भर्ती किया गया था. उन्होंने आगे कहा कि इनमें से हमें जानकारी मिली है कि हमारे 139 नागरिकों को सेना से छुट्टी दे दी गई है और दुर्भाग्य से हमें यह भी जानकारी मिली है कि अब तक 51 लोगों की जान चली गई है.

नागरिकों की रिहाई भारत की प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा भारत और मॉस्को के बीच चल रही चर्चाओं में प्राथमिकता बना हुआ है. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हम रूसी पक्ष के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं.भारत ने रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किए गए अपने नागरिकों का मुद्दा बार-बार उठाया है और उनकी रिहाई और स्वदेश वापसी की मांग की है.

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