सूखा राहत पर AAP का बड़ा ऐलान, 2 अक्टूबर को गांधीनगर में होगा महा-सत्याग्रह

गुजरात में सूखा राहत की मांग को लेकर AAP प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने बड़ा ऐलान किया है... किसानों के समर्थन में सत्याग्रह का दूसरा... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में सूखे की स्थिति और किसानों को राहत देने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है.. AAP गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने सूखा घोषित करने की मांग को लेकर चल रहे सत्याग्रह के अगले चरण की घोषणा की है.. उन्होंने कहा कि किसानों को राहत दिलाने के लिए शुरू किया गया सत्याग्रह अब गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा.. पार्टी का दावा है कि इस अभियान के जरिए बड़ी संख्या में किसानों को जोड़ा जाएगा.. और सूखा राहत की मांग को लेकर उनके आवेदन एकत्र किए जाएंगे.. इसके बाद 2 अक्टूबर को राजधानी गांधीनगर में बड़े स्तर पर सत्याग्रह किया जाएगा.. जिसमें लाखों किसानों के शामिल होने का दावा किया गया है..

इसुदान गढ़वी ने कहा कि किसानों की समस्याओं को केवल राजनीतिक मुद्दा बनाकर छोड़ना AAP का उद्देश्य नहीं है.. बल्कि प्रभावित किसानों को वास्तविक राहत दिलाने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा.. उन्होंने कहा कि गुजरात के कई इलाकों में किसान सूखे जैसी परिस्थितियों से परेशान हैं.. और उन्हें फसल, पानी तथा आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.. ऐसे में सरकार को किसानों की स्थिति का गंभीरता से आकलन करते हुए आवश्यक राहत की घोषणा करनी चाहिए.. AAP ने इसी मांग को लेकर सत्याग्रह शुरू किया था.. अब आंदोलन के दूसरे चरण में पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाएंगे.. और किसानों से संपर्क करेंगे.. इस दौरान सूखा राहत की मांग से जुड़े फॉर्म भरवाए जाएंगे.. और उन्हें एकत्र किया जाएगा.. ताकि किसानों की मांग को एक संगठित आवाज के रूप में सरकार के सामने रखा जा सके..

AAP गुजरात अध्यक्ष के मुताबिक इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनके अधिकारों.. और राहत की मांग के लिए एकजुट करना है.. पार्टी की योजना है कि गांवों में जाकर किसानों से सीधे बातचीत की जाए.. और उनकी समस्याओं को समझा जाए.. इसके साथ ही सूखे से प्रभावित किसानों से राहत की मांग वाले फॉर्म भी एकत्र किए जाएंगे.. AAP का कहना है कि जब बड़ी संख्या में किसानों की ओर से राहत की मांग सामने आएगी.. तो सरकार के सामने उनकी स्थिति को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.. पार्टी ने दावा किया है कि इस अभियान को गांव-गांव तक ले जाया जाएगा.. और किसानों की आवाज को गांधीनगर तक पहुंचाया जाएगा.. यानी आंदोलन का अगला चरण केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा.. बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी इसका विस्तार किया जाएगा..

इसुदान गढ़वी ने कहा कि किसानों की परेशानी को समझने के लिए उनके बीच जाना जरूरी है.. उनका कहना है कि खेत में काम करने वाला किसान मौसम की मार का सबसे पहले सामना करता है.. और फसल खराब होने की स्थिति में उसका पूरा परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है.. ऐसे में यदि किसी क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति पैदा होती है.. तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह प्रभावित किसानों का सर्वे कराए.. और राहत के लिए आवश्यक कदम उठाए.. AAP इसी मुद्दे को लेकर सरकार से सूखा घोषित करने और किसानों को राहत देने की मांग कर रही है.. पार्टी का कहना है कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होता.. तब तक आंदोलन को अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा.. इसी क्रम में अब गांवों में सत्याग्रह और जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी है..

पार्टी के मुताबिक गांवों में चलने वाला यह अभियान किसानों की भागीदारी पर केंद्रित होगा.. AAP कार्यकर्ता किसानों से संपर्क कर उनसे सूखा राहत की मांग से जुड़े फॉर्म भरवाएंगे.. इन फॉर्मों के जरिए किसानों की मांग को दस्तावेजी रूप देने की कोशिश की जाएगी.. पार्टी का कहना है कि बड़ी संख्या में फॉर्म एकत्र होने के बाद इन्हें सरकार के सामने रखा जाएगा.. इसके साथ ही किसानों को 2 अक्टूबर को गांधीनगर में होने वाले बड़े सत्याग्रह में शामिल होने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा.. AAP का दावा है कि इस दिन राजधानी गांधीनगर में बड़ी संख्या में किसान जुटेंगे और सूखा राहत की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे.. पार्टी इसे आंदोलन के दूसरे चरण का सबसे बड़ा कार्यक्रम बता रही है..

 

Related Articles

Back to top button