GDP आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल, कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
कांग्रेस का कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी डिफ्लेटर करीब 2.5 प्रतिशत रहा, जबकि इसी अवधि में खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़ों में काफी अंतर दिखाई देता है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस का कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी डिफ्लेटर करीब 2.5 प्रतिशत रहा, जबकि इसी अवधि में खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़ों में काफी अंतर दिखाई देता है.
कांग्रेस ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के नए आंकड़ों को लेकर गुरुवार को सवाल उठाया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सरकार से जवाब मांगा. उन्होंने लिखा कि हाल ही में जारी GDP आंकड़ों में अनियमितताओं के सबूतों पर मोदी सरकार को हमारे चार सीधे सवालों के जवाब देने चाहिए.
कांग्रेस ने मोदी सरकार से पूछा सवाल
चारों वर्षों के जीडीपी अनुमानों को इतने बड़े पैमाने पर नीचे की ओर संशोधित क्यों किया गया? भारत की अर्थव्यवस्था के अनुमानित आकार में कुल 43 लाख करोड़ रुपए की कमी का क्या स्पष्टीकरण है?
नई मेथडोलॉजी में ऐसे कौन से बदलाव किए गए हैं, जिनके कारण इतना बड़ा बदलाव आया है? सरकार को इस संशोधन की पूरी प्रक्रिया का विस्तृत ब्यौरा देना चाहिए.
नई मेथडोलॉजी तैयार करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई? इस दौरान किन लोगों से परामर्श किया गया और इसके अलग-अलग कम्पोनेंट्स को अपनाने का आधार क्या था?
रियल जीडीपी की गणना में महंगाई के प्रभाव को कम करने वाली डिफ्लेशन मेथड को अपनाने का क्या आधार है?
पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की जरूरत
जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार को यह बताना चाहिए कि जीडीपी के आकलन की नयी पद्धति तैयार करने की प्रक्रिया क्या थी और इसमें किन विशेषज्ञों और संस्थाओं से सलाह ली गई तथा अलग-अलग घटकों को शामिल करने का आधार क्या रहा.
कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा कि नयी पद्धति तैयार करने और उसे लागू करने की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की जरूरत है. रमेश ने एक बयान में कहा, अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए जारी 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि के आंकड़े को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं.



