स्वतंत्र भारद्वाज की बढ़ीं मुश्किलें, कानूनी शिकंजे में फंसा; कितने दिन जेल में रहेगा?
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पहले से BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज है. अब एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट लगाया गया है. इसके बाद स्वतंत्र बुरी तरह फंस गए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पहले से BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज है. अब एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट लगाया गया है. इसके बाद स्वतंत्र बुरी तरह फंस गए हैं.
जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता संजय पर हमला करने वाला स्वतंत्र भारद्वाज बुरी तरह फंस गया है. दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज पुरानी एफआईआर में एक नई धाराएं जोड़ दी हैं. पुलिस ने स्वतंत्र पर एससी-एसटी एक्ट का केस लगाया है. वहीं पीड़ित की मेडिकल जांच के बाद अटेम्प्ट टू मर्डर की धाराएं जोड़ने की बात कही है. स्वतंत्र को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की तैयारी है.
डेढ़ महीने पुराना यह मामला पूरी तरह ठंडा पड़ गया था, लेकिन गुरुवार (3 सितंबर) को स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल हो गया. इसमें स्वतंत्र ने दावा किया कि उसने संजय आजाद पर अपने कड़े (ब्रेसलेट) से हमला किया था. इस हमले में संजय के सिर पर 60 टांके लगे. संजय दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.
वीडियो वायरल होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस मामले में एक्टिव हुए. मामला तुल पकड़ता देख दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है.
स्वतंत्र पर जिन धाराओं में FIR, उनमें कितनी सजा?
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धारा लगाई है. यह एक गैर-जमानती धारा है. इसमें गिरफ्तारी सुनिश्चित है. वहीं, आरोप साबित होने पर स्वतंत्र को 6 महीने से 5 साल तक की सजा हो सकती है. कोर्ट चाहे तो दोषी साबित होने के बाद संबंधित शख्स पर जुर्माना भी लगा सकती है. एससी-एसटी केस में जमानत मिलना भी मुश्किल है.
वहीं स्वतंत्र के खिलाफ पहले जो एफआईआर दर्ज की गई थी, उसमें BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) लगाई गई थी. इस मामले में पुलिस स्वतंत्र से पूछताछ भी कर चुकी है.
बीएनस की धारा 115 (2) में 1 साल की जेल की सजा का प्रावधान है. इसी तरह बीएनएस की धारा 126(2) में भी 1 साल की जेल की सजा या जुर्माना का प्रावधान है.
अगर पुलिस संजय आजाद की मेडिकल जांच कराने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज पर अटेम्प्ट टू मर्डर का चार्ज लगाती है तो इस मामले में 10 साल की सजा का प्रावधान है. यानी मामला लंबा खिंच सकता है.
अब जानिए बवाली स्वतंत्र भारद्वाज कौन है?
स्वतंत्र भारद्वाज एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है. जो खुद को स्वतंत्रता सेनानी बताता है. दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान स्वंतत्र पर प्रदर्शनकारियों के ऊपर हमला करने का आरोप लगा. पुलिस स्वतंत्र से इस मामले में पूछताछ भी कर चुकी है.स्वतंत्र का कहना है कि उसने सेल्फ डिफेंस में प्रदर्शनकारियों पर हमला किया.



