साइफन टूटने से थमी पानी की निकासी, बाढ़ में डूबी साधन सहकारी समिति; भवन की दीवार में आई दरार

मिर्जापुर के हसौली में गड़ई नदी की बाढ़ से ओड़ी साधन सहकारी समिति परिसर डूब गया। जलभराव के बीच भवन की पिछली दीवार में दरार आने से खतरा बढ़ गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लगातार बारिश और गड़ई नदी में बढ़े जलस्तर ने हसौली क्षेत्र में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अहरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद आई बाढ़ का पानी ओड़ी साधन सहकारी समिति लिमिटेड के परिसर में घुस गया। कार्यालय, गोदाम और स्टोर रूम के आसपास कई दिनों से पानी जमा है। जलभराव के चलते भवन की पिछली दीवार में दरार आने की बात भी सामने आई है।

साइफन टूटने के बाद बिगड़ी जलनिकासी व्यवस्था

जानकारी के अनुसार, बारिश के मौसम में गड़ई नदी के ओवरफ्लो होने पर बाढ़ के पानी की निकासी के लिए बेलहर राजवाहा के जरिए हसौली के पास साइफन बनाया गया था। स्थानीय स्तर पर साइफन में बार-बार कूड़ा-कचरा फंसने और जाम होने की शिकायतें सामने आने के बाद सिंचाई विभाग ने इसे तोड़कर खुली नहर बना दी।

बताया जा रहा है कि इसके बाद बाढ़ के पानी की निकासी प्रभावित हुई और अत्यधिक बारिश के दौरान हसौली व करजी गांव के साथ समिति परिसर में भी जलभराव हो गया।

पिछले साल खाद हुआ था बर्बाद

समिति के सचिव बाबूलाल सिंह के मुताबिक, पिछले साल भी बाढ़ का पानी परिसर में भर गया था। इससे गोदाम में रखा लाखों रुपये का रासायनिक खाद बर्बाद हो गया था। इस बार पहले से तैयारी करते हुए खाद, बीज और अन्य सामग्री सुरक्षित स्थान पर रख दी गई, जिससे इस बार सामग्री के नुकसान से बचाव हो गया।

हालांकि, उनका कहना है कि पिछले वर्ष हुए नुकसान का बीमा भुगतान अब तक नहीं मिला है, जबकि बीमा कंपनी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया था।

जर्जर भवन की मरम्मत की मांग

अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह ने पिछले नुकसान का मुआवजा दिलाने और समिति भवन की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दीवार में आई दरार को देखते हुए समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो हादसे का खतरा बना रह सकता है।

अब जलनिकासी व्यवस्था और भवन की सुरक्षा को लेकर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर लोगों की नजर है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी, मिर्ज़ापुर

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