गुजरात में 158 तालुकों में AAP का सत्याग्रह, 2 अक्टूबर को गांधीनगर पहुंचेंगे किसान
गुजरात में सूखे को लेकर आम आदमी पार्टी ने आंदोलन तेज कर दिया है... AAP गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष और किसान नेता इसुदान गढ़वी ने...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में किसानों की समस्याओं और सूखे की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी.. गुजरात ने अपने सूखा घोषित करने के सत्याग्रह के दूसरे चरण के तहत गांव-गांव में बड़े पैमाने पर जन-आंदोलन शुरू कर दिया है.. इस अभियान के तहत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और किसान नेता इसुदान गढ़वी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं.. और किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं.. इसी क्रम में इसुदान गढ़वी ने देवभूमि द्वारका जिले के गुंदा गांव का दौरा किया.. यहां उन्होंने किसानों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं.. और सूखे से राहत की मांग को लेकर किसानों के फॉर्म भी भरवाए.. आम आदमी पार्टी का कहना है कि किसानों की वास्तविक स्थिति को सरकार तक पहुंचाना.. और उन्हें तत्काल राहत दिलाना इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य है..
आम आदमी पार्टी गुजरात के अनुसार, राज्य के कई इलाकों में किसान गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं.. बारिश की कमी और फसल को हुए नुकसान के कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है.. ऐसे समय में किसानों को सरकारी सहायता और राहत की तत्काल आवश्यकता है.. पार्टी का आरोप है कि प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की स्थिति को देखते हुए सरकार को जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने चाहिए.. और सूखा घोषित करना चाहिए.. इसी मांग को लेकर आम आदमी पार्टी ने सत्याग्रह के दूसरे चरण को गांवों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है.. पार्टी कार्यकर्ता अब केवल जिला या तालुका स्तर तक सीमित नहीं रहेंगे.. बल्कि सीधे गांवों में जाकर किसानों से संपर्क करेंगे.. और उनकी समस्याओं को दर्ज करेंगे.. इस अभियान में किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है..
इस आंदोलन के दूसरे चरण के तहत गुजरात के 158 तालुकाओं के गांवों में व्यापक स्तर पर सत्याग्रह आयोजित किया जाएगा.. आम आदमी पार्टी ने इसके लिए प्रत्येक गांव.. और क्षेत्र में 100-100 लोगों की टीमों के माध्यम से अभियान चलाने की योजना बनाई है.. इन टीमों का उद्देश्य किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना.. सूखे के कारण हुए नुकसान की जानकारी जुटाना.. और राहत की मांग को लेकर किसानों से फॉर्म भरवाना होगा.. पार्टी का कहना है कि यह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं.. बल्कि किसानों की आवाज को संगठित करने का जन-आंदोलन है.. गांवों में पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद करने के माध्यम से उनकी वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा.. इसके साथ ही किसानों को यह भरोसा दिलाया जाएगा कि उनकी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा.. और आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा..
इसुदान गढ़वी ने देवभूमि द्वारका के गुंडा गांव में किसानों से मुलाकात के दौरान उनकी परेशानियों को विस्तार से समझने का प्रयास किया.. किसानों ने उन्हें खेती से जुड़ी समस्याओं, फसल के नुकसान.. और आर्थिक दबाव के बारे में जानकारी दी.. इस दौरान सूखे से राहत की मांग को लेकर किसानों से आवश्यक फॉर्म भी भरवाए गए.. आम आदमी पार्टी का कहना है कि इन फॉर्मों के माध्यम से किसानों की मांगों.. और उनकी समस्याओं को व्यवस्थित रूप से सरकार तक पहुंचाया जाएगा.. पार्टी का दावा है कि जब किसान अपनी समस्या लिखित रूप में सरकार के सामने रखेंगे.. तो उनकी मांग को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.. इसी उद्देश्य से गांव-गांव जाकर अधिक से अधिक किसानों को इस अभियान से जोड़ने की तैयारी की जा रही है.. ताकि आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल सके..



