बिहार STET में गलत जवाब देने पर लगेगा झटका, स्कोर हो सकता है कम
बिहार STET 2026 में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी, लेकिन ज्यादा गलत जवाब देने से नॉर्मलाइजेशन के बाद स्कोर प्रभावित हो सकता है. परीक्षा कई पालियों में CBT मोड में होगी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार STET 2026 में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी, लेकिन ज्यादा गलत जवाब देने से नॉर्मलाइजेशन के बाद स्कोर प्रभावित हो सकता है. परीक्षा कई पालियों में CBT मोड में होगी.
बिहार STET 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा से जुड़ा जरूरी अपडेट सामने आया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी, लेकिन ज्यादा सवाल गलत करने का असर नॉर्मलाइजेशन के बाद प्राप्त स्कोर पर पड़ सकता है.
अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होने के कारण परीक्षा कई पालियों में CBT मोड में आयोजित की जाएगी. अलग-अलग शिफ्ट में प्रश्नपत्र के कठिनाई स्तर में अंतर होने की स्थिति में स्कोर को बराबर करने के लिए नॉर्मलाइजेशन लागू किया जाएगा. ऐसे में अभ्यर्थियों को केवल ज्यादा सवाल करने के बजाय सही आंसरों पर ध्यान देना होगा. आवेदन की अंतिम तारीख 15 सितंबर है.
कई पालियों में होगी परीक्षा
बिहार STET की परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी. अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होने के कारण परीक्षा अलग-अलग पालियों में कराई जाएगी. अलग शिफ्ट में प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर अलग हो सकता है. इसी अंतर को दूर करने के लिए रिजल्ट तैयार करने से पहले नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
नॉर्मलाइजेशन स्कोर ही माना जाएगा अंतिम प्राप्तांक
बोर्ड के अनुसार नॉर्मलाइजेशन के बाद अभ्यर्थी को जो स्कोर मिलेगा वही उसका अंतिम प्राप्तांक माना जाएगा. इसी स्कोर के आधार पर अभ्यर्थी को संबंधित कैटेगरी के निर्धारित क्वालिफाइंग के अनुसार पास या फेल घोषित किया जाएगा. उदाहरण के तौर पर 150 अंकों की परीक्षा में किसी जनरल कैटेगरी के अभ्यर्थी का Raw Score 76 है. अगर नॉर्मलाइजेशन के बाद उसका स्कोर घटकर 74.90 हो जाता है तो वह 75 अंकों की निर्धारित सीमा पूरी नहीं कर पाएगा और उसे परीक्षा में असफल माना जाएगा.
ज्यादा गलत जवाब देने से हो सकता है नुकसान
STET में भले ही नॉर्मलाइजेशन का प्रावधान नहीं है, लेकिन ज्यादा गलत आंसर देने पर नॉर्मलाइजेशन के दौरान स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए अभ्यर्थियों को बिना सोचे-समझे अधिक प्रश्न हल करने से बचना चाहिए. सही आंसरों की संख्या बढ़ाना परीक्षा में बेहतर स्कोर के लिए महत्वपूर्ण होगा.
15 सितंबर तक करें आवेदन
बिहार STET के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर है. बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को रिजल्ट जारी होने तक सुरक्षित रखें. साथ ही आवेदन फॉर्म की हार्ड कॉपी डाउनलोड कर अपने पास रखना भी जरूरी है. बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि STET हर साल आयोजित होती है, इसलिए एज लिमिट में छूट का लाभ नहीं मिलेगा.



