सुबह ये योगासन करने से दिनभर रहेंगे एक्टिव

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बारिश का मौसम आते ही कई लोगों को आलस, थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है। लगातार बादल छाए रहने, धूप कम मिलने और मौसम में नमी बढऩे के कारण सुबह बिस्तर से उठने का मन नहीं करता। कई बार लोग इस वजह से एक्सरसाइज या मॉर्निंग वॉक भी छोड़ देते हैं। हालांकि, दिन की शुरुआत कुछ आसान योगासनों से की जाए तो शरीर को एक्टिव रखने में मदद मिल सकती है। योग न केवल शरीर को स्ट्रेच करता है, बल्कि नियमित अभ्यास से लचीलापन और मांसपेशियों की सक्रियता बनाए रखने में भी मदद मिलती है। खास बात यह है कि इसके लिए आपको जिम जाने की जरूरत नहीं है। घर पर ही कुछ मिनट योग करके आप अपने दिन की शुरुआत बेहतर तरीके से कर सकते हैं।

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार 12 शक्तिशाली योगासनों का एक गतिशील क्रम है, जो पूरे शरीर के लिए एक संपूर्ण वर्कआउट माना जाता है। यह न केवल शारीरिक शक्ति और लचीलेपन को बढ़ाता है, बल्कि मानसिक शांति और चयापचय में भी सुधार करता है। सूर्य नमस्कार को सुबह के लिए एक बेहतरीन योग अभ्यास माना जाता है। इसमें कई योग मुद्राओं का क्रम शामिल होता है, जिससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। शुरुआत में 3 से 5 राउंड से करें और अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे संख्या बढ़ा सकते हैं। यह हृदय गति को बढ़ाता है और तेजी से कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। यह रीढ़ की हड्डी, पैरों और बाजुओं की मांसपेशियों को गहरा खिंचाव देता है। इसके नियमित अभ्यास से पूरे शरीर में ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह सुधरता है। सांसों के उतार-चढ़ाव पर ध्यान केंद्रित करने से मन शांत होता है।

भुजंगासन

यह हठयोग का एक प्रमुख आसन है, जो सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से 7वां आसन है। संस्कृत में भुजंग का अर्थ नाग या कोबरा होता है, क्योंकि इस मुद्रा में शरीर की आकृति फन उठाए हुए सांप की तरह दिखाई देती है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने और पेट की चर्बी घटाने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। भुजंगासन में पेट के बल लेटकर शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाया जाता है। यह पीठ और कंधों को स्ट्रेच करने में मदद कर सकता है। लंबे समय तक बैठने या काम करने वालों के लिए भी यह स्ट्रेचिंग रूटीन का हिस्सा हो सकता है। इसे करते समय कमर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें।

ताड़ासन

ताड़ासन एक आसान योगासन है, जिसे सुबह के समय किया जा सकता है। इसमें शरीर को सीधा रखते हुए हाथों को ऊपर की ओर ले जाकर पूरे शरीर को स्ट्रेच किया जाता है। इससे शरीर को सक्रिय करने और पोस्चर पर काम करने में मदद मिल सकती है। शुरुआत में इसे 20 से 30 सेकंड तक करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।

सेतु बंधासन

सेतुबंधासन जिसे अंग्रेज़ी में Bridge Pose भी कहा जाता है, पीठ के बल लेटकर किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण योग आसन है। संस्कृत में सेतु का अर्थ पुल और बंध का अर्थ बाँधना या रोकना होता है, इस आसन में शरीर की आकृति एक पुल जैसी दिखाई देती है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, पीठ दर्द से राहत देने और मानसिक तनाव को कम करने में बेहद मददगार है। इसके अलावा इसे करने से शरीर दिनभर सर्किय रहता है। जिससे काम करने में मदद मिलती है। सेतु बंधासन में पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ते हुए कूल्हों को ऊपर उठाया जाता है। इससे शरीर के निचले हिस्से और पीठ की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद मिल सकती है। इसे आराम से और नियंत्रित तरीके से करना चाहिए।

अधोमुख श्वानासन

अधोमुख श्वानासन जिसे अंग्रेजी में Downward-Facing Dog Pose भी कहा जाता है, योग विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बुनियादी आसन है। संस्कृत में अधोमुख का अर्थ नीचे की ओर मुंह, श्वान का अर्थ कुत्ता और आसन का अर्थ मुद्रा होता है। इस मुद्रा में शरीर का आकार झुके हुए कुत्ते के समान दिखाई देता है। यह आसन सूर्य नमस्कार के 12 चरणों का एक मुख्य हिस्सा है। अधोमुख श्वानासन पूरे शरीर को स्ट्रेच करने वाला योगासन है। इसमें हाथों और पैरों का सहारा लेते हुए शरीर को उल्टे वी के आकार में रखा जाता है। यह कंधों, पैरों और पीठ को स्ट्रेच करने में मदद कर सकता है। शुरुआत में कुछ सेकंड ही इस मुद्रा में रहें।

 

 

 

 

 

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