ज्ञानेश का इस्तीफा तय, राहुल ने PC में खोली पोल, इंडिया गठबंधन के मार्च से घबराए मोदी!
विपक्ष आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन सीजेआई ने मिलने से इनकार कर दिया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर विपक्ष और जनता सड़कों पर है। ऐसे में लगातार बयानबाजी हो रही है। लेकिन एक तरफ जहां सवाल उठ रहे हैं ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ज्ञानेश का खुलकर बचाव कर रही है।
लेकिन विपक्ष इस बार वोट चोरी के मुद्दे को लेकर पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रही है। ऐसे में इंडिया गठबंधन एक बार फिर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी में है. विपक्ष आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन सीजेआई ने मिलने से इनकार कर दिया. राहुल-खरगे सीजेआई से मिलकर वोट चोरी का मुद्दा उठाना चाहते थे.
कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं खरगे और गांधी ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर सोमवार शाम चार से पांच बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था. विपक्षी नेता उन्हें एक ज्ञापन सौंपना चाहते हैं. सीजेआई के मुलाकात से इनकार के बाद भी विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे.
कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को ‘चलो दिल्ली-लोकतंत्र के लिए मार्च’ नाम दिया है. पार्टी के अनुसार, प्रदर्शनकारी दोपहर डेढ़ बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड चौराहे पर जुटेंगे. इस मार्च में खरगे, राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और युवाओं के शामिल होने की संभावना है.
इसी बीच दिल्ली में प्रदर्शन और धरने के लिए नई जगहों को तय किया गया है, लेकिन इसमें जंतर-मंतर शामिल नहीं है. गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थान तय किए गए हैं. रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान, पूर्वी दिल्ली प्रदर्शन करने वाली लिस्ट में शामिल हैं.
वहीं इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई चौंकाने वाले बयान दिए हैं। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रामक राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि उनका प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है. उन्होंने चलो दिल्ली मार्च से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के बारे में हर जानकारी हमें मिल रही है, वो रात को सो नहीं पाते, आपको हम छोड़ेंगे नहीं.
इस दौरान उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों को लगाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली को जेल में क्यों बदल दिया गया है। राहुल गांधी ने कहा, “दिल्ली में कई दिनों से वोट चोरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है, सवाल यह है कि दिल्ली को जेल में क्यों बदल दिया गया है। लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोका जा रहा है। ट्रेनें और बसें रोकी जा रही हैं और लोगों को उतारा जा रहा है।
दिल्ली को किले में बदल दिया गया है, हर जगह 20,000 से 30,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं। अब सोचिए कि यह कितना शक्तिशाली है। लेकिन हमारी रणनीति अलग है। हम चाहते हैं कि 20000 से 30000 पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात हों। हम यही चाहते हैं और सरकार बड़ी गलती कर रही है क्योंकि हम देश को दिखाना चाहते हैं कि सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार की रक्षा कर रही है।”
इतना ही नहीं राहुल गांधी ने RSS पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पुलिस के भीतर सवाल उठ रहे हैं कि युवाओं को रोकने के लिए उन्हें क्यों कहा जा रहा है जबकि आरएसएस सदस्यों को खुलेआम घूमने दिया जा रहा है। ये सवाल गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और आईटीबीपी के भीतर उठ रहे हैं।”
राहुल गांधी ने आम लोगों से अपील करते हुए उनसे सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “अगर आप किसी कारणवश नहीं आ सकते, तो जब हम सुप्रीम कोर्ट में हों, तो हमारे साथ एकजुटता दिखाएं। यह दिखाएं कि आप संविधान के साथ खड़े हैं। आपको अपनी बात रखनी चाहिए और देश को बताना चाहिए कि आप जो हो रहा है उसके खिलाफ है। किसी बंद कमरे में जाकर बोलें और कहें कि आप संविधान की रक्षा करेंगे।”
वहीं दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा है कि यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला है। विपक्षी नेताओं से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने मिलने में असमर्थता जताई। सीजेआई ने कहा कि उन्होंने विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर मुलाकात नहीं करने की वजह बता दी है।
विपक्षी नेताओं से मुलाकात के सवाल पर सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मिलने में असमर्थता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस बारे में विपक्षी नेताओं को चिट्ठी लिखकर कारण भी बता दिए गए हैं। विपक्ष के सीजेआई से मिलने का समय मांगने के सवाल पर सीजेआई ने कहा, ”मुझे कल उनका लेटर मिला है, कल रात को उसका जवाब दे दिया है। लेटर उनका परसों का है, मैं बाहर था तो मुझे कल मिला। मैंने कुछ कारण दिए हैं जिनकी वजह से मैंने असमर्थता व्यक्त की है कि मैं मिल नहीं पाऊंगा।”
खैर भले ही CJI के पास वक़्त न हो या मिलना न चाह रहे हों लेकिन विपक्ष इस बार आर-पार के मूड में नजर आ रहा है। और जिस तरह से विरोध चल रहा है ऐसे में एक बात तो तय है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। भले ही बीजेपी उनका बचाव कर रही हो लेकिन ज्ञानेश को कुर्सी छोड़नी होगी।



