फॉर्म 6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सफाई, CJI बोले- खबरों में शब्दों का इस्तेमाल सावधानी से करें
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि फ़ॉर्म 6 को कोर्ट की मंज़ूरी नहीं मिली है. लेकिन चुनाव आयोग ( ECI) ने कहा कि इसे सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी दी थी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद जारी है. SIR प्रकिया को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उसने बिहार SIR मामले में नए फ़ॉर्म 6 पर कोई फ़ैसला नहीं दिया है.
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि फ़ॉर्म 6 को कोर्ट की मंज़ूरी नहीं मिली है. लेकिन चुनाव आयोग ( ECI) ने कहा कि इसे सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी दी थी. याचिकाकर्ता ने कहा कि इस बारे में वो स्पष्ट रुख़ चाहते हैं. सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जयमाला बागची की बेंच ने साफ किया कि जब बिहार SIR मामले पर फैसला हुआ था, तब नया फॉर्म-6 कोर्ट के सामने नहीं था और कोर्ट ने ऐसे किसी बदलाव को स्वीकृत नहीं किया.
‘न्यूज के लिए शब्दों को चुन-चुनकर इस्तेमाल न करें’
जस्टिस बागची ने कहा कि नए फ़ॉर्म 6 पर कोई फ़ैसला नहीं हुआ है. मंज़ूरी मिली है या नहीं, जब बिहार पर फ़ैसला हुआ था, तब नया फ़ॉर्म 6 कोर्ट के सामने नहीं था. वहीं सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कृपया न्यूज़ आइटम के लिए शब्दों को चुन-चुनकर इस्तेमाल न करें. जस्टिस बागची ने कहा कि नए फॉर्म 6 पर कोई फैसला नहीं हुआ है. सीजेआई ने यह कहा था कि जब बिहार SIR मामले में फ़ैसला सुनाया गया था, तब नया फॉर्म 6 मौजूद नहीं था. इसका मतलब यह नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे मंज़ूरी दी है या मंज़ूरी नहीं दी है.
‘न तो मंजूरी दी है और न ही नामंज़ूर किया है’
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि उसने नए फ़ॉर्म 6 डिक्लेरेशन (नए वोटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए) को न तो मंज़ूरी दी है और न ही उसे नामंज़ूर किया है. कोर्ट ने कहा कि इसकी वैधता पर अभी फ़ैसला होना बाकी है. कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि पिछले हफ़्ते भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की टिप्पणी का मतलब सिर्फ़ यह बताना था कि मई 2026 के बिहार SIR फ़ैसले में नए फ़ॉर्म 6 की जांच नहीं की गई थी क्योंकि वह उस समय मौजूद ही नहीं था.
सीजेआई सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने प्रिया मिश्रा की ओर से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के संबंध में दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए ये मौखिक टिप्पणियां कीं.
याचिकाकर्ता के वकील ने क्या कहा
याचिकाकर्ता की ओर से वकील नरेंद्र मिश्रा ने कहा कि CJI ने पिछले हफ़्ते भारत निर्वाचन आयोग के उस दावे को खारिज कर दिया था कि सुप्रीम कोर्ट ने नए फ़ॉर्म 6 को मंज़ूरी दी है. मिश्रा ने कहा ‘5 अक्टूबर को इस कोर्ट ने पहले ही साफ़ कर दिया था कि फ़ॉर्म 6 को कोर्ट ने मंज़ूरी नहीं दी है. लेकिन ECI ने कहा कि इसे सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी दी है.
इस पर जस्टिस बागची ने जवाब दिया ‘नए फ़ॉर्म 6 पर कोई फ़ैसला नहीं हुआ है। हमने बस इतना ही कहा है. मंज़ूरी दी गई है या नहीं’जस्टिस बागची ने आगे साफ़ किया कि सीजेआई ने जो कहा, वह यह था कि जब बिहार SIR फ़ैसला आया था, तब नया फ़ॉर्म 6 मौजूद नहीं था. इसका मतलब यह नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे मंज़ूरी दी है या नामंज़ूर किया है. उन्होंने कहा कि हम इसकी जांच करेंगे. बेंच याचिका पर नोटिस जारी करने के लिए सहमत हो गई और इसे CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ दायर संबंधित याचिकाओं के साथ 27 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है.



