EC के खिलाफ राहुल गांधी की याचिका, इतने अक्टूबर को SC में सुनवाई संभव
सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की ओर से दायर याचिका पर 26 अक्टूबर 2026 को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की ओर से दायर याचिका पर 26 अक्टूबर 2026 को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
याचिका में मौजूद तकनीकी कमियों को दूर किए जाने के बाद इसे औपचारिक रूप से दर्ज कर रिट पिटिशन नंबर आवंटित कर दिया गया है। हालांकि, सुनवाई की तारीख को लेकर अंतिम पुष्टि सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक कॉज लिस्ट जारी होने के बाद ही होगी।
देश की राजनीति से जुड़ी एक अहम कानूनी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका अब सुनवाई की प्रक्रिया की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। याचिका में पहले मौजूद तकनीकी कमियों को दूर किए जाने के बाद इसे औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही याचिका को रिट पिटिशन नंबर भी मिल गया है।
सूत्रों के हवाले से 26 अक्टूबर 2026 को संभावित सुनवाई की तारीख बताई जा रही है। ऐसे में अब कानूनी और राजनीतिक हलकों की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्यवाही पर बनी हुई है। हालांकि, अभी इस तारीख को अंतिम नहीं माना जा सकता, क्योंकि अदालत में किसी मामले की सुनवाई की आधिकारिक तारीख की पुष्टि कॉज लिस्ट से ही होती है।
तकनीकी कमियां दूर होने के बाद दर्ज हुई याचिका
सुप्रीम कोर्ट में किसी भी याचिका को दाखिल करने के बाद उसकी रजिस्ट्री संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रियागत आवश्यकताओं की जांच करती है। यदि दस्तावेजों में कोई कमी या तकनीकी आपत्ति पाई जाती है, तो याचिकाकर्ता को उसे दूर करना पड़ सकता है।
राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल याचिका के मामले में भी तकनीकी कमियां दूर किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद याचिका को औपचारिक रूप से दर्ज कर रिट पिटिशन नंबर आवंटित किया गया है। यह प्रक्रिया किसी मामले की न्यायिक सुनवाई की दिशा में महत्वपूर्ण प्रक्रियागत कदम होती है। हालांकि, याचिका का दर्ज होना अपने आप में इस बात का संकेत नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट ने उसमें उठाए गए सभी तर्कों को स्वीकार कर लिया है। याचिका पर आगे की कार्यवाही अदालत के निर्देशों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी।
26 अक्टूबर को सुनवाई की संभावना, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी संभावित सुनवाई की तारीख को लेकर है। सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर 26 अक्टूबर 2026 को सुनवाई हो सकती है। हालांकि, अभी इसे संभावित तारीख के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक कॉज लिस्ट में मामले का उल्लेख होने के बाद ही सुनवाई की तारीख और अन्य संबंधित विवरणों की पुष्टि की जा सकेगी।
कॉज लिस्ट अदालत में किसी विशेष दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध मामलों का आधिकारिक विवरण होती है। इसमें संबंधित मामले, सुनवाई की सूची और उपलब्ध प्रक्रियागत जानकारी देखी जा सकती है। किसी मामले की सुनवाई की तारीख में बदलाव भी संभव होता है। इसलिए याचिका की स्थिति और संभावित सुनवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
इस मामले में याचिकाकर्ताओं की सूची में दो और नेताओं टी. थिरुमावलवन और एसए किचलू के नाम भी जोड़े गए हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस मुद्दे पर दायर याचिकाओं की कुल संख्या अब 13 हो गई है. विपक्षी नेताओं की यह कानूनी पहल चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों से जुड़ी है.
तकनीकी कमियां दूर होने के बाद आगे बढ़ी प्रक्रिया
राहुल गांधी और 11 विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. इससे पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर मार्च भी किया था. याचिका दाखिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इसमें कई तकनीकी कमियां बताई थीं. इन कमियों में दस्तावेजों और पहचान पत्रों से जुड़ी त्रुटियों के साथ कोर्ट फीस से संबंधित कमी भी शामिल थी.
तकनीकी कमियां दूर किए जाने के बाद याचिका को औपचारिक रूप से दर्ज कर रिट पिटिशन नंबर दिया गया है. इससे मामले की सुनवाई के लिए आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता साफ हुआ है. हालांकि, याचिका का दर्ज होना और उस पर सुनवाई की तारीख तय होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. इसलिए 26 अक्टूबर को सुनवाई की संभावना को फिलहाल संभावित तारीख के तौर पर ही देखा जा रहा है.
चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर क्या हैं सवाल?
इस याचिका में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की वैधता से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग की सामूहिक शक्तियों का इस्तेमाल मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से कथित तौर पर एकतरफा ढंग से किया गया. याचिका में चुनाव आयोग के फैसलों की जांच कराने और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की पड़ताल की मांग भी शामिल है.
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए. उनका जोर इस बात पर है कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंका और चुनाव आयोग के निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़े सवालों की स्वतंत्र जांच हो. याचिका में इन मुद्दों पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है.



