गेनीबेन ठाकोर ने भाजपा के खिलाफ खोला मोर्चा, FIR से की धारा 326 हटाने की मांग
कांग्रेस दफ्तर में हुए हंगामे और उसके बाद स्याही फेंकने की घटना पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः पाटन जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई स्याही फेंकने की घटना के सिलसिले में.. पुलिस द्वारा दो महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर.. और की गई कार्रवाई का कांग्रेस नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध किया.. और उन्होंने एक बड़ी रैली निकालकर बी डिवीजन पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी नाराजगी जाहिर की.. कांग्रेस पार्टी ने साफ मांग की कि झूठी धाराएं हटाई जाएं.. पुलिस जमानत के लिए उचित हलफनामा दे.. और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी जवाबी शिकायत दर्ज की जाए.. जिला कांग्रेस कार्यालय में स्याही फेंकने की घटना के बाद पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ता जयाबेन ठाकोर.. और भूमिकाबेन पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की थी.. इस एकतरफा कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने पाटन शहर में विशाल रैली निकाली और नारेबाजी की.. सुरक्षा व्यवस्था के तहत बी-डिवीजन पुलिस स्टेशन पर तीन स्तर की बैरिकेडिंग लगाई गई थी..
वहीं इस बीच गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद जगदीश ठाकोर बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ बैठे रहे.. बनासकांठा की सांसद गेनीबेन ठाकोर, पाटन के विधायक कीरित पटेल, चनास्मा के विधायक दिनेश ठाकोर.. और पूर्व विधायक चंदनजी ठाकोर पुलिस स्टेशन के अंदर गए.. और उन्होंने डायएसपी परेश रेणुका के सामने अपनी चिंताएं जोर-शोर से रखीं.. पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विधायक कीरित पटेल ने कहा कि भाजपा महिला विंग की कार्यकर्ता राहुल गांधी की तस्वीर पर स्याही फेंकने आई थीं.. और उनके पास कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी.. राहुल गांधी के संवैधानिक पद पर होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें रोकने के बजाय सीधे दफ्तर तक पहुंचने दिया.. बिना किसी गहन जांच के पुलिस ने बीएनएस की धारा 117(3) और आईपीसी की धारा 326 के तहत मामला दर्ज किया है.. जो पूरी तरह बेबुनियाद है..
आपको बता दें कि शिकायतकर्ता पक्ष ने झूठे दावे किए हैं कि स्याही से अंधापन हो गया और लोग बेहोश हो गए.. इसलिए पुलिस को तुरंत मेडिकल सर्टिफिकेट हासिल करने चाहिए.. और इन धाराओं को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत में रिपोर्ट पेश करनी चाहिए.. और उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं के साथ हुई धक्का-मुक्की और बदसलूकी की निष्पक्ष जांच नहीं हुई.. और तुरंत शिकायत दर्ज नहीं की गई तो पूरे गुजरात से कार्यकर्ताओं को इकट्ठा किया जाएगा.. और गांधीवादी रास्ते पर आंदोलन जारी रहेगा.. कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं पर लगाए गए झूठे आरोप तुरंत वापस लिए जाने चाहिए.. आरोपियों को जमानत दिलाने के लिए पुलिस का उचित हलफनामा जमा किया जाना चाहिए.. भाजपा के हमलावरों के खिलाफ जवाबी एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए.. और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए..
बनासकांठा की सांसद गेनीबेन ठाकोर ने आरोप लगाया कि 12 तारीख को भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता.. एक पहले से तय योजना के तहत कांग्रेस दफ्तर पर स्याही फेंकने के लिए पहुंची थीं.. और उन्होंने कहा कि भाजपा पदाधिकारियों के दबाव में आकर पुलिस ने कांग्रेस की एक महिला पार्षद.. और पार्टी कार्यकर्ता के खिलाफ धारा 326 के तहत एकतरफा मामला दर्ज किया.. जबकि कांग्रेस पार्टी की ओर से भाजपा हमलावरों के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज करने की अर्जी देने के बावजूद तीन दिनों तक कोई केस दर्ज नहीं किया गया.. वहीं अगर पुलिस लगाए गए झूठे आरोप वापस नहीं लेती.. आरोपियों की जमानत के लिए सही हलफनामा जमा नहीं करती.. और कांग्रेस की जवाबी एफआईआर दर्ज नहीं करती तो एसपी के सामने बात रखी जाएगी.. और जबरदस्त आंदोलन शुरू किया जाएगा.. इस बात को रखने के बाद कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जिला पुलिस प्रमुख से मिलने के लिए रवाना हुआ..



