महाराष्ट्र SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट की एंट्री, चुनाव आयोग को नोटिस

याचिका में आरोप लगाया गया है कि महाराष्ट्र में SIR के दौरान 33% मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision यानी SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

इस मामले में अदालत ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई फैसला कानून के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो उसे रद्द किया जा सकता है।

इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। मामले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और नाम हटाए जाने से जुड़े आरोप अहम मुद्दे हैं। सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद अब चुनाव आयोग को अपना पक्ष रखना होगा। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान आयोग के जवाब और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर विवाद से जुड़े पहलुओं पर विचार किया जा सकता है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि महाराष्ट्र में SIR के दौरान 33% मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. वेरिफिकेशन अधूरा होने, फॉर्म जमा न होने और तकनीकी दिक्कतों के कारण 1 करोड़ से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब पाए गए हैं.हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के संबंध में याचिका में लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग का जवाब आना बाकी है.

सुप्रीम कोर्ट में केवल SIR के खिलाफ 22 याचिकाएं

सुप्रीम कोर्ट में SIR की प्रक्रिया, चुनाव आयोग और दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर कुल 26 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. 22 याचिकाएं तो केवल SIR के खिलाफ हैं. इनमें राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं की याचिका भी शामिल है. CJI सूर्य कांत की बेंच ने संकेत दिया है कि कोर्ट SIR से जुड़े मुद्दों को सामान्य रूप से नहीं, बल्कि राज्य-वार यानी हर राज्य के लिए अलग-अलग तरीके से सुलझाना चाहती है.

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति के गठन का अनुरोध किया गया है, ताकि समयसीमा के भीतर एसआईआर के दौरान किए गए नाम विलोपनों और संशोधनों का स्वतंत्र ऑडिट किया जा सके. याचिका में चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार और अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को मामले में पक्षकार बनाया गया है.

अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को होगी जारी

महाराष्ट्र में ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर तक बढ़ा दी है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी. पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख 4 नवंबर निर्धारित की गई थी. वहीं, निर्वाचन आयोग ने पहले दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर था, जो बाद में 12 अक्टूबर किया गया था.

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