एक साथ पत्रकारिता व शोध असाधारण कार्य: श्रीवास्तव

  • भारतीय पत्रकारिता महोत्सव का समापन
  • पीएचडी करने वालों का अभिनंदन एवं रिपोर्टिंग प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
इंदौर। आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग मप्र एवं साहित्यकार मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकारिता में लगी बीमारियों को दूर करने की आवश्यकता है। यह कार्य पूर्णकालिक पत्रकारों को करना चाहिए जो कि पत्रकारिता करने के साथ-साथ शोध भी कर रहे हैं। श्रीवास्तव स्टेट प्रेस क्लब. म.प्र. द्वारा आयोजित भारतीय पत्रकारिता महोत्सव की समापन बेला में डॉ. ओम नागपाल एवं श्रीमती वीणा नागपाल स्मृति अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में पीएचडी कर चुके पत्रकारों और पत्रकारिता शिक्षकों का अभिनंदन किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकारिता और शोध अलग-अलग लगते हैं। दोनों को साथ करना एक असाधारण काम हैं। समाज को धीमा सत्य और तेज सत्य के बीच पुल बनाना जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि गीता के एक श्लोक में भी पत्रकारिता को परिभाषित किया गया हैं। पत्रकारों को गहराई में डुबकी लगाना होता हैं। शोध करने वाले इस गहराई में उतरते हैं। उन्होंने टीवी बहस पर खास करके प्राइम टाइम बहस पर तंज भी किया। उन्होंने कार्ल माक्र्स का जिक्र करते हुए कहा कि आप उनसे सहमत हो या न हो लेकिन वे शोध वाले पत्रकार थे। उन्होंने दुनिया में विचार को ही एक अलग रास्ता दिया। कार्यक्रम के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई ने कहा कि आने वाला वक्त पत्रकारों के लिए कठिन हैं। दिल्ली में आंदोलन के दौरान पत्रकारों की फजीहत हो रही हैं।

एक लाख के नगद पुरस्कार

महोत्सव के दौरान वरिष्ठ पत्रकार देवदान मित्रा, मिलिंद खांडेकर एवं शिशिर सिन्हा की मास्टर क्लास की तात्कालिक रिपोर्टिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में तीन प्रथम पुरस्कार प्रत्येक 15000 रु., तीन द्वितीय पुरस्कार प्रत्येक 7000 रु., तीन तृतीय पुरस्कार प्रत्येक 5000 रु. और छ: प्रोत्साहन पुरस्कार प्रत्येक 3000 रु. के दिए गए। इसके साथ ही महोत्सव में भाग लेने वाले करीब 300 प्रतिभागियों एवं उनके शिक्षकों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

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