रुबियो के दौरे पर राहुल गांधी का हमला, पीएम मोदी से मांगा जवाब

राहुल ने आगे पीएम मोदी से सवाल करते कहा कि विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि आखिर क्या हो रहा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विवाद की शुरुआत अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुंबई में रुबियो से मुलाकात के लिए जाने का जिक्र किया था।

इस बयान को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। रुबियो के दौरे से पहले सामने आए इस राजनीतिक विवाद ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने को कहा है. उन्होंने लिखा कि ‘मिस्टर रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री) ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है.’ राहुल ने आगे पीएम मोदी से सवाल करते कहा कि विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि आखिर क्या हो रहा है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने क्या कहा था?

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में Bloomberg New Economy Forum के एक इंटरैक्टिव सेशन के दौरान यह बयान दिया था. गोर ने कहा था कि, हमें उम्मीद है कि मंत्री डॉ. एस जयशंकर वहां होंगे, और दिल्ली से दूसरे लोगों के साथ दौरा करके अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुंबई में मिलने आएंगे.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे. यह उनका इस साल 2026 दूसरा भारत दौरा होगा. अपने दौरे के दौरान रुबियो मुंबई और गुजरात के जामनगर भी जाएगा. जामनगर में वह रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी का दौरा करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस बार अमेरिकी विदेश मंत्री नई दिल्ली का दौरा नहीं करेंगे.

विपक्ष ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान ने भारत-अमेरिका कूटनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ गई है. विपक्ष इसको लेकर सरकार पर हमलावर है. राहुल गांधी के अलावा, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी निशाना साधते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भारत के विदेश मंत्री की भारत में होने वाली मीटिंग्स की घोषणा कब से MEA के अलावा दुसरे करने लगे.

उन्होंने पूछा- MEA के ऑफिशियल स्पोक्सपर्सन के अलावा किसी और को आउटसोर्स कर दी गई है? भारत को US एम्बेसडर से ठीक वैसे ही पता चला जैसे उसे 10 मई, 2025 की शाम को खुद मिस्टर रुबियो से पता चला था कि ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया गया है. मुंबई में मिस्टर रुबियो के साथ विदेश मंत्री की मुलाकात पर MEA चुप क्यों है?

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