महिला अधिकारी से गलत बर्ताव पर जम्मू-कश्मीर में सियासी तनाव

  • कुमार राजीव रंजन को प्रदेश से निष्कासित किया जाए : फारूक अब्दुल्ला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रें स के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने एक महिला अधिकारी से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लिए आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन को जम्मू-कश्मीर से निष्कासित करने की मांग करते हुए कहा कि उनके व्यवहार में शालीनता नहीं थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर उनके कार्यकाल में, जब जम्मू-कश्मीर एक राज्य था, ऐसी घटना हुई होती तो वह उस अधिकारी को वापस विमान में बिठाकर रवाना कर देते। अब्दुल्ला ने कहा, उन्होंने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह पूरी तरह गलत थी। उन्हें फटकार लगाई जानी चाहिए। इससे पता चलता है कि उनमें वह शालीनता और मर्यादा नहीं है, जो एक अधिकारी में होनी चाहिए। अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे लोगों की बात सुनें। लोग केवल अपनी शिकायतें बताना चाहते हैं।’
अब्दुल्ला ने कहा, इसके बाद चिल्लाना और ‘बाहर निकलो, बाहर निकलो’ कहना पूरी तरह गलत है। उन्हें जम्मू-कश्मीर से निष्कासित कर देना चाहिए। वह उन अधिकारियों में से नहीं है, जिन्हें यहां होना चाहिए। अगर वह यहां अधिकारी बने रहते हैं, तो उन्हें इसके बहुत गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।’’ मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बारे में सवाल पर कि यदि जम्मू-कश्मीर राज्य होता तो अधिकारी के आचरण की जांच लंबित रहने तक उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग से संबद्ध कर दिया जाता, अब्दुल्ला ने कहा कि वह अधिकारी को बाहर का रास्ता दिखा देते। फारूक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्य रहने के दौरान उनके कार्यकाल में ऐसी घटना होने का तो सवाल ही नहीं उठता। श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव इस सप्ताह की शुरुआत में एक समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की भूमिका को लेकर गांदरबल की सहायक निदेशक (रोजगार) बीनिश वानी के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के बाद विवादों में घिर गए।

मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएं सीएम : महबूबा

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी कुमार राजीव रंजन का एक महिला अधिकारी के साथ ‘अपमानजनक’ व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और मुख्यमंत्री से इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया। महबूबा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, इस तरह का अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को तत्काल यह मामला भारत सरकार के समक्ष उठाना चाहिए और उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करनी चाहिए, जिस पर पहले से ही अवैध बंदूक लाइसेंस जारी करने के आरोप हैं।

सरकार ने दिये जांच के आदेश

जम्मू-कश्मीर सरकार ने कुमार राजीव रंजन द्वारा कथित दुर्व्यवहार की गहन जांच के आदेश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, 2004 बैच की आईएएस अधिकारी और आवास एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त-सचिव मंदीप कौर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें आदेश जारी होने की तारीख से 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष तारिक कर्रा ने एक पत्र में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से यह भी आग्रह किया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा की महिला अधिकारी बीनिश वानी को किसी भी तरह से ‘प्रताड़ित’ न किया जाए और न ही उनके खिलाफ बदले की भावना से कोई कार्रवाई की जाए। इस मामले में उपराज्यपाल को व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की जरूरत है। पता लगाएं कि क्या सेवा नियमों या आचरण के मानकों का उल्लंघन हुआ है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के पद की परवाह किए बिना उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

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