राम शरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल, कुमारी शैलजा बोलीं- बीजेपी में क्या चल रहा है, उन्होंने खुद देखा
कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा नेता राम शरण नौटियाल के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने पर कहा, “…उन्होंने खुद देखा है कि BJP के भीतर चीजें कैसे चल रही हैं. वे आपको खुद इस बारे में बताएंगे.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा नेता राम शरण नौटियाल के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने पर कहा, “…उन्होंने खुद देखा है कि BJP के भीतर चीजें कैसे चल रही हैं. वे आपको खुद इस बारे में बताएंगे. वे अपनी पुरानी पार्टी और अपनी विचारधारा में वापस आकर सच में बहुत खुश हैं.
हम ऐसे सभी लोगों को कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं, जो कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखते हैं और राहुल गांधी जी और मल्लिकार्जुन खड़गे जी जैसे नेताओं पर भरोसा करते हैं.
उत्तराखंड के लोगों में राज्य सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी है. चाहे निवेश के नाम पर धोखा हो या न्याय न मिलना, हर तरफ अफरा-तफरी मची है. वहां कोई भी महिला, चाहे वो बेटी हो, बहन हो या बहू सुरक्षित नहीं है. भ्रष्टाचार हर जगह फैला हुआ है.”
SIR के मुद्दे पर आरोप लगाया है कि देश में तानाशाही चल रही है. जब विपक्ष (INDIA गठबंधन) और आम लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध मार्च निकालना चाहा, तो सरकार ने दिल्ली को एक किले में बदल दिया. पुलिस ने उन्हें चुनाव आयोग (ECI) के दफ्तर तक नहीं जाने दिया और केवल 10 नेताओं को ही राष्ट्रपति से मिलने की इजाजत मिली.
उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट सुधारने के लिए चलाई जा रही ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले ही देश के लोकतंत्र को लेकर चिंता जता चुके हैं. यहां तक कि खुद चुनाव आयोग के दो बड़े अधिकारियों ने भी इस प्रक्रिया के तौर-तरीकों पर आपत्ति जताई थी.
‘अंकिता भंडारी केस में हो निष्पक्ष जांच’
कुमारी शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड की बीजेपी सरकार की आलोचना की. उन्होंने मांग की है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की निष्पक्ष जांच हो और गड़बड़ी करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.
शैलजा ने पूछा कि बीजेपी सरकार दुष्यंत गौतम को क्यों बचा रही है, और उस पर अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने में विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि पीड़िता के परिवार को उचित मदद देने के बजाय उन्हें हिरासत में ले लिया गया.
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी मामले से निपटने के तरीके की आलोचना की और उन दावों को चुनौती दी कि आरोपियों को पहले ही सजा मिल चुकी है.
गोदियाल ने कहा, “कार्रवाई सिर्फ छोटे लोगों पर की गई है. ये उत्तराखंड के लोगों के स्वाभिमान पर हमला है. वे बताएं कि सीबीआई ने ये जांच क्यों नहीं की है कि वो वीआईपी कौन था.”



