एमएलसी चुनाव, भाजपा को विपक्ष दे रहा तनाव
यूपी में सपा, कर्नाटक व महाराष्ट्रमें कांग्रेस दे रही टक्कर, बिहार में बवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनाव के बाद आज मतगणना हो रही है। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के एनडीए और कांग्रेस के महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर है। उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर और बिहार की 8 सीटों पर रिजल्ट आना है। उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर रिजल्ट आना है। इसमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की बात करें तो लखनऊ डिवीजन ग्रेजुएट्स, आगरा, मेरठ और वाराणसी डिवीजन ग्रेजुएट्स शामिल हैं. इलाहाबाद-झांसी डिवीजन ग्रेजुएट्स भी इस लिस्ट में शामिल हैं. बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद डिवीजन टीचर्स सीट शामिल हैं। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से चल रही है। लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में सात स्थानों पर मतगणना कराई जा रही है। संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित केंद्रों पर वोटों की गिनती चल रही है।लखनऊ में स्नातक सीट की मतगणना रमाबाई रैली स्थल के हॉल नंबर 7 में हो रही है। वहीं लखनऊ में शिक्षक सीट की मतगणना रमाबाई रैली स्थल के हॉल नंबर 8 में हो रही है। कर्नाटक विधान परिषद की 4 सीटों पर काउंटिंग हो रही है। इसमें 2 स्नातक और 2 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. वहीं अगर महाराष्ट्र की बात करें तो उसकी 5 सीटों पर काउंटिंग हो रही है इसमें 3 स्नातक और 2 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मुकाबला
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर काउंटिंग हो रही है। इसमें 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोसी सीट शामिल हैं. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण सीट शामिल है।
बिहार के बांकीपुर में हंगामा
बिहार के बांकीपुर स्कूल में एमएलसी चुनाव के लिए हो रही मतगणना के दौरान हंगामे का वीडियो सामने आया है. एक शख्स कई फाइलों के साथ अंदर जाने की कोशिश कर रहा था.। बिहार के बांकीपुर स्कूल स्थित चुनाव मतगणना केंद्र के बाहर उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक शख्स कई फाइलें लेकर अंदर जाने की कोशिश कर रहा था. शख्स के गले में आईकार्ड भी था और उसके सरकारी कर्मचारी होने की चर्चा है, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है. जन सुराज ने दावा किया कि फाइलों में फॉर्म-16 थे. पुलिस मामले की जांच कर रही है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.।
चुनावी धांधली पर और आक्रामक होगा विपक्ष
पहली को रामलीला मैदान में जुटेंगे 21 दल, कांग्रेस ने कसी कमर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की एक बड़ी रैली की तैयारी कर रही है। इस आयोजन से पहले यह शक्ति प्रदर्शन का एक अहम मौका होगा। तैयारियों के सिलसिले में, 27 अक्टूबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल ने दिल्ली के नेताओं के साथ कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि रैली की व्यवस्थाओं के लिए दिल्ली का पूरा नेतृत्व यहाँ मौजूद है। वेणुगोपाल जी यहाँ आ रहे हैं, जिसके बाद वे सभी को जरूरी निर्देश देंगे। उसी के अनुसार तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस रैली में इंडिया गठबंधन के सदस्य और देशभर से लोग शामिल होंगे। हालांकि, वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि रैली से पहले पुलिस ने इसमें दखल दिया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने शुरुआत में अशोक होटल के लॉन में एक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस के दखल के बाद इसे नामंजूर कर दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को किसी दूसरी जगह पर कार्यक्रम की तैयारी करने से रोका। 30 अक्टूबर का यह प्रस्तावित कार्यक्रम 1 नवंबर को होने वाली रैली और मार्च से पहले की एक तैयारी थी, जिसका मकसद कथित चुनावी गड़बडय़िों के खिलाफ विरोध जताना है। वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह विपक्षी दलों को मतदाता सूची और उससे जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं जाहिर करने से रोकने की कोशिश कर रही है। वेणुगोपाल ने कहा कि हम उनके दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। हमें पता है कि कार्यक्रम कैसे आयोजित करना है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी जल्द ही अपने अगले कदमों की घोषणा करेगी। उन्होंने सरकार पर असहमति को दबाने और राजनीतिक आलोचना को सीमित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। 1 नवंबर की रैली के संबंध में, वेणुगोपाल ने बताया कि रामलीला मैदान में लगभग 21 राजनीतिक दलों के शामिल होने की उम्मीद है। इंडिया गठबंधन ने अपने वोट चोरी अभियान के तहत लगातार चुनावी धांधली के आरोप लगाए हैं।
कारोबारियों ने फिर लिखी राहुल गांधी को चिट्ठी
दिवाली के व्यस्त कारोबारी सीजन में एक नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों ने यातायात और कारोबार पर पडऩे वाले संभावित असर को लेकर चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली 10 नवंबर के बाद कराने की मांग की है। संगठन का अनुमान है कि रैली में दस लाख लोगों के शामिल होने पर 15 हजार से 20 हजार वाहन दिल्ली पहुंच सकते हैं। इससे पुरानी दिल्ली के प्रमुख बाजारों में यातायात का दबाव बढऩे और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, संगठन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी पत्र की प्रति भेजी है। सीटीआई ने रैली की तारीख बदलने के साथ ही वैकल्पिक आयोजन स्थल के तौर पर बुराड़ी मैदान और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का सुझाव दिया है। हालांकि, रैली के लिए वाहनों की वास्तविक संख्या और यातायात प्रबंधन की आधिकारिक योजना अभी स्पष्ट नहीं है।
सआदतगंज फायरिंग कांड में पुलिस कमिश्नर की बड़ी कार्रवाई
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कार पार्किंग विवाद में 3 लोगों की मौत के मामले में थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने सआदतगंज इंस्पेक्टर संतोष कुमार आर्य को सस्पेंड किया है।
वहीं कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बता दें 26 अक्टूबर को ब्राह्मणी टोला, नौबस्ता में कार पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान हुई फायरिंग में 3 लोगों की जान गई थी। पुलिस ने फायरिंग के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और 4 खोखा कारतूस बरामद कर लिया गया है। मामले में अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।
तेलीबाग में कुत्ते का आतंक महिला को बनाया शिकार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। तेलीबाग के रमजान नगर में एक कुत्ते के लगातार हमलों से स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है। मंगलवार को कुत्ते ने एक महिला पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिला को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। हमले में महिला को गहरा घाव हुआ है और काफी खून भी बह चुका है।
मूल रूप से बाराबंकी निवासी मोहम्मद वारिस ने बताया कि वह पिछले 12 वर्षों से तेलीबाग के रमजान नगर में रह रहे हैं। उनकी बुआ को कुत्ते ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारिस का कहना है कि उक्त कुत्ता अब तक करीब 10 से 12 लोगों को काट चुका है। उन्होंने आशंका जताई कि कुत्ते की हरकतों को देखकर ऐसा लगता है कि वह पागल हो चुका है। आए दिन किसी न किसी व्यक्ति पर हमला कर रहा है। मामले की शिकायत पुलिस से भी की गई है। नगर निगम के पशु कल्याण चिकित्सा अधिकारी अभिनव वर्मा ने बताया कि मौके पर टीम भेजी जा रही है। कुत्ते को पकडक़र ऑब्जर्वेशन रूम में रखा जाएगा, जहां उसकी निगरानी की जाएगी। लगातार हो रहे हमलों के बीच स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है।
पंजाब विस में गूंजा ‘उड़ता हरियाणा’
एमएलए गुरलाल ने पत्रकारों की गिरफ्तारी और ‘थर्ड डिग्री’ टॉर्चर का मुद्दा उठाया
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़। हरियाणा में बढ़ते नशे के कारोबार का खुलासा करने वाली ‘लिविंग इंडिया न्यूज़’ चैनल की चर्चित न्यूज़ सीरिज़ ‘उड़ता हरियाणा’ का मामला पंजाब विधानसभा में जोरदार तरीके से गूंजा। विधायक गुरलाल सिंह घनौर ने सदन में ‘लिविंग इंडिया न्यूज़’ के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल, ग्रुप इनपुट एडिटर सौरभ उपाध्याय, नेशनल न्यूज़ एडिटर सुदेश नैन मोर, इंटर्न रिपोर्टर नीतू चौहान, सीईओ मनीष अग्रवाल और ड्राइवर लवप्रीत के खिलाफ गैरजमानती धाराओं में एफआईआर संख्या 235/26 दर्ज करने तथा हरियाणा पुलिस की उत्पीडऩ की कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कड़ी नाराजग़ी जताई।
गौरतलब है कि दिनांक 7 अक्टूबर को ‘उड़ता हरियाणा’ सीरीज के तहत, सीएम नायब सिंह सैनी के गृह जिले कुरुक्षेत्र और सीएम के विधान सभा क्षेत्र लाडवा में बढ़ते नशे से जुड़ी खबर प्रसारित की गई थी। इसके बाद 10 अक्टूबर से शुरू हुई दमनात्मक पुलिस कार्रवाई में ‘लिविंग इंडिया’ और ‘हिन्दी ख़बर’ चैनलों के संपादक, पत्रकारों, सीईओ और अन्य संबंधित लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। हरियाणा पुलिस ने रिमाण्ड में पत्रकारों के साथ बेरहमी से मारपीट, थर्ड डिग्री टॉर्चर, शारीरिक एवं मानसिक प्रताडऩा, सर पर पिस्तौल रख कर ट्रिगर दबाने और गंभीर धमकियों का घोर आपराधिक मामला भी सामने आया है।
पंजाब विधानसभा में इस प्रकरण की गूंज ने बीजेपी शासित नायब सिंह सैनी के कार्यकाल वाले हरियाणा प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पुलिस की जवाबदेही जैसे गंभीर सवालों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
एसआईआर पर चुनाव आयोग और अन्य को सुप्रीम नोटिस
जवाब पर याचिकाकर्ताओं को 10 दिन की मोहलत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बचाव में निर्वाचन आयोग के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए मंगलवार को याचिकाकर्ताओं को 10 दिन का समय दिया। आयोग ने अपने हलफनामे में कहा है कि यह प्रक्रिया कानून के अनुरूप थी और इस लागू करने से संबंधित आदेशों को आयोग के तीनों सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने राज्यसभा सदस्य डोला सेन की एक नयी याचिका पर निर्वाचन आयोग और अन्य को नोटिस भी जारी किया।
याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि शीर्ष अदालत की मंजूरी के बिना बिहार एसआईआर के दौरान ‘फॉर्म 6’ में बदलाव किए गए। सांसद सेन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने गलत तरीके से यह दावा किया है कि ‘फॉर्म 6’ में किए गए बदलावों को शीर्ष अदालत द्वारा अनुमोदित किया गया था। प्रधान न्यायाधीश ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि सभी मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने प्रथम याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह से कहा कि वे सोमवार देर शाम दाखिल किए गए निर्वाचन आयोग के जवाब पर 10 दिन के भीतर अपना प्रत्युत्तर दाखिल करें। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों के खिलाफ दायर याचिका पर अपने 248 पन्नों के जवाब में आयोग ने एसआईआर का पुरजोर बचाव किया। आयोग ने ‘फॉर्म 6’ में संशोधन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वैधानिक ‘फॉर्म 6’ में कोई बदलाव नहीं किया गया है। निर्वाचन आयोग की ओर से उप निर्वाचन आयुक्त भानु प्रकाश येतुरु द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया, ‘‘निर्वाचन आयोग पर आक्षेप लगाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।’’ आयोग ने कहा कि इस हलफनामे को भी चुनाव निकाय के तीनों सदस्यों के सर्वसम्मत से फैसले लेने के बाद ही दाखिल करने की मंजूरी दी गई थी। ये याचिकाएं अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की 25 सितंबर की उस खबर के बाद दायर की गईं, जिसमें कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 माह में एसआईआर से संबंधित फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर यह कहते हुए आपत्ति जताई थी कि ये आदेश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे। इस दावे के बाद विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने प्रदर्शन शुरू कर दिए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार को हटाने की मांग की।



