तमिलनाडु में प्रशासनिक नाकामी बढ़ी

- डीएमसके प्रमुख स्टालिन सीएम विजय पर बरसे
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने रविवार को आरोप लगाया कि टीवीके सरकार के शासन में तमिलनाडु में यौन अपराधों और नशीले पदार्थों के प्रसार के बीच एक तरह की होड़ मची हुई है। स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार पर प्रशासनिक विफलता का भी आरोप लगाया। उन्होंने इसके लिए महिलाओं के खिलाफ अपराधों, बच्चों के अपहरण, बिजली कटौती और बढ़ती कीमतों का हवाला दिया। स्टालिन ने कहा कि विजय चिल्ला रहे हैं और किसी दुष्ट शक्ति के होने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन लोग अच्छी तरह समझते हैं कि वह दुष्ट शक्ति कौन है।
टीवेके के संस्थापक-अध्यक्ष विजय ने अक्सर डीएमके को एक बुरी ताकत बताया है। उन्होंने खुद को एआईडीएमके नेताओं एम. जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता की जन-कल्याणकारी विरासत के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में भी पेश किया है, और डीएमके के प्रति उनके कड़े विरोध की तारीफ की है। स्टालिन ने याद दिलाया कि 2021 में मुख्यमंत्री बनने से पहले, उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार इतना अच्छा शासन देगी कि जिन लोगों को वोट नहीं दिया था, वे भी अपने फैसले पर पछताएंगे। उन्होंने कहा कि अगर आज की स्थिति के बारे में पूछें, तो शासन का हाल यह है कि न केवल वे लोग जिन्होंने वोट नहीं दिया था, बल्कि जिन्होंने डीएमके को वोट दिया था, वे भी पछता रहे हैं। यही सच है। आपको यह समझना होगा।
रील्स गवर्र्नेंस से लोग पछता रहे
इसलिए, इस रील्स गवर्नेंस (दिखावे वाले शासन) के तहत, न केवल वे लोग पछता रहे हैं जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था, बल्कि जिन्होंने उन्हें वोट दिया था, वे भी आज पछता रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया हर दिन, चाहे आप अखबार उठाएं, टीवी देखें या सोशल मीडिया स्क्रॉल करें, राज्य में हत्या, लूट, चोरी और यौन उत्पीडऩ की खबरों के बिना कोई दिन नहीं गुजरता। उन्होंने आगे कहा कि पिछले पांच-छह दिनों से बच्चों के अपहरण की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।



