मोदी-शाह के इशारे पर चुनाव आयोग, खड़गे ने CEC ज्ञानेश पर लगाया बड़ा आरोप!
जन महाभियोग कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगाया गया आरोप लोकतंत्र की जड़ों को हिला रहा है.. शनिवार को आयोजित जन महाभियोग कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ज्ञानेश कुमार स्वतंत्र रूप से कार्य करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.. और गृहमंत्री अमित शाह के निर्देशों पर निर्वाचन आयोग चला रहे हैं.. विपक्ष का यह कदम मात्र राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के मताधिकार.. और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता की रक्षा का प्रयास है.. खड़गे ने जोर देकर कहा कि विपक्ष सड़क से संसद तक इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगा..
आपको बता दें कि जन महाभियोग कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रस्ताव प्रस्तुत किया.. उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार से विपक्ष का कोई व्यक्तिगत बैर या दुश्मनी नहीं है.. मांग केवल इतनी है कि भारत का निर्वाचन आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी संस्था के रूप में काम करे.. हर नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित हो.. खड़गे ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की आत्मा हैं.. वर्तमान में संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर दबाव बनाया जा रहा है.. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने केंद्र सरकार पर सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से समझौता करने का गंभीर आरोप लगाया..
मोदी सरकार सत्ता बरकरार रखने के लिए तरह-तरह की साजिशें रच रही है.. निर्वाचन प्रक्रिया को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने का प्रयास हो रहा है.. खड़गे ने याद दिलाया कि विपक्ष की ओर से संसद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ पहले ही औपचारिक नोटिस दिया जा चुका है.. वहीं यह कदम किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं और मताधिकार के संरक्षण के लिए उठाया गया संस्थागत कदम है.. विपक्षी दल एकजुट होकर सड़क से लेकर संसद तक देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने.. और चुनावी निष्पक्षता बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.. मल्लिकार्जुन खड़गे के 10 राजाजी मार्ग स्थित आवास पर यह प्रतीकात्मक जन महाभियोग शुरू हुआ..
कांग्रेस नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यक्रम में कहा कि मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं.. वे भी अपनी बात रखेंगे.. विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है.. नाम हटाने की घटनाओं से आम नागरिकों का विश्वास टूट रहा है.. खड़गे ने जोर दिया कि निर्वाचन आयोग को सरकार के निर्देशों से मुक्त रहना चाहिए.. स्वतंत्र कामकाज ही लोकतंत्र की नींव मजबूत रखता है.. विपक्ष का यह आंदोलन सिर्फ आरोप लगाने तक सीमित नहीं.. यह नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का व्यापक अभियान है.. जन महाभियोग के माध्यम से विपक्ष ने अपनी एकजुटता और संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया..
भाजपा ने इन आरोपों का जवाब देते हुए ऐतिहासिक संदर्भ पेश किया.. पार्टी का कहना है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू वोट चोरी करके देश के प्रधानमंत्री बने थे.. यह आरोप विपक्ष के वर्तमान हमलों को पुरानी घटनाओं से जोड़ने का प्रयास लगता है.. राजनीतिक इतिहास में ऐसे आरोप बार-बार लगते रहे हैं.. लेकिन वर्तमान में मुख्य मुद्दा निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता है.. खड़गे ने बार-बार दोहराया कि विपक्ष किसी व्यक्तिगत दुश्मनी से नहीं बल्कि संस्थागत सुधार की मांग से प्रेरित है.. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही लोकतंत्र को जीवित रखते हैं.. दबाव में काम करने वाली संस्थाएं लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर करती हैं..
विपक्षी गठबंधन इंडिया के इस प्रतीकात्मक महाभियोग ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है.. कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से समझौता किया जा रहा है.. साजिशों का जाल बिछाया जा रहा है.. निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। खड़गे के अनुसार निष्पक्ष चुनाव कराना किसी भी लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है.. संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव लोकतंत्र के लिए खतरा है.. विपक्ष संसद में दिए गए नोटिस को आगे बढ़ाते हुए सड़क पर भी सक्रिय है.. वहीं यह लड़ाई मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी निष्पक्षता बहाल करने के लिए लड़ी जा रही है..
कार्यक्रम के दौरान मीरा कुमार ने मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे को प्रमुखता दी.. प्रभावित नागरिकों को अपनी बात रखने का मंच दिया जाएगा.. यह कदम दर्शाता है कि विपक्ष केवल आरोप नहीं लगा रहा बल्कि आम लोगों की आवाज को भी जगह दे रहा है.. खड़गे ने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार से व्यक्तिगत विरोध नहीं है.. मांग केवल संस्था की स्वतंत्रता की है.. पारदर्शी और निष्पक्ष कार्यशैली से ही नागरिकों का विश्वास बना रहेगा.. विपक्षी दल एकजुट हैं और लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.. सड़क से संसद तक यह अभियान जारी रहेगा..
जन महाभियोग का आयोजन खड़गे के आवास पर होना प्रतीकात्मक महत्व रखता है.. यह विपक्ष की गंभीरता और एकजुटता को दर्शाता है.. आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त मोदी और शाह के निर्देशों पर काम कर रहे हैं.. स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हुई है.. खड़गे ने कहा कि विपक्ष पूरी ताकत से लड़ेगा.. देश के नागरिकों के मताधिकार की रक्षा प्राथमिकता है.. लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बहाल करनी होगी.. केंद्र सरकार पर सत्ता के लिए साजिश रचने का आरोप गंभीर है.. लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से समझौता स्वीकार्य नहीं..



