कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी पर कोर्ट की रोक, दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी

मणिपुर से कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर डॉ. बिमोल अकोइजाम को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मणिपुर से कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर डॉ. बिमोल अकोइजाम को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर 5 नवंबर तक अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल उनकी गिरफ्तारी का खतरा टल गया है। इस घटनाक्रम को उनके लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

मणिपुर की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सक्रिय भूमिका के लिए पहचाने जाने वाले बिमोल अकोइजाम इस समय कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। अदालत के अंतरिम आदेश के बाद अब इस मामले में अगली सुनवाई और कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, बिमोल अकोइजाम के खिलाफ यह मामला जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुछ छात्राओं की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मई 2026 में विश्वविद्यालय की कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं।

शिकायतकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया था कि उन्हें बैठकों और अन्य गतिविधियों के बहाने अपने आवास पर बुलाया जाता था। इसके अलावा, कुछ छात्राओं ने कक्षाओं के दौरान कथित तौर पर अनुचित और अशोभनीय टिप्पणियां किए जाने के भी आरोप लगाए थे।

इन शिकायतों के बाद जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee) ने मामले की जांच की। जांच के बाद समिति ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके आधार पर जेएनयू प्रशासन ने 9 अक्टूबर 2026 को बिमोल अकोइजाम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया था।

अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख तक यानी 5 नवंबर के लिए उनकी अंतरिम सुरक्षा बढ़ा दी है। वह वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर के मामले में अग्रिम जमानत की मांग कर रहे हैं।

हाईकोर्ट से भी कल मिली थी राहत

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजाम को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है।

हाई कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपों में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें सेवा से बर्खास्त करने के आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने अकोइजाम की याचिका पर जेएनयू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी।

बर्खास्तगी के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक

अकोइजाम इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं और जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में प्रोफेसर थे। उनके खिलाफ मई में कम से कम 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं।

शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि प्रोफेसर बैठकों और अन्य आयोजनों के बहाने छात्राओं को अपने कैंपस स्थित आवास पर बुलाते थे और उनके साथ यौन दुर्व्यवहार का प्रयास करते थे। कुछ छात्राओं ने कक्षा में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया था।

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