पटाखे-मुक्त दिवाली अपील पर विवाद, हाई कोर्ट ने बीजेपी की मानसिकता की खोली पोल
मुंबई नगर निगम द्वारा यह कदम तब उठाया गया जब अमित सातम ने एक्स पर एक पोस्ट में दीया मिर्जा के वीडियो पर आपत्ति जताई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में नफरत बोने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर ऐसे ही एक मामला चर्चा में बना हुआ है।
जिसे लेकर विपक्ष और सत्ताधारी दल आमने-सामने है। दरअसल हम बात कर रहे है एक्ट्रेस दीया मिर्जा के उस बयान की जिससे बीजेपी को बेवजह की मर्ची लग गई है। लेकिन हाई कोर्ट से ऐसे नेताओं को फटकार भी लगाई गई है।
हाई कोर्ट ने उन बीजेपी नेताओं की आलोचना की है, जिन्होंने दीया मिर्जा के वीडियो क्लिप पर सवाल खड़े किए थे. साथ ही, बीएमसी को आदेश दिया है कि एक्टर का वीडियो दोबारा से शेयर करे. खैर पूरे मामले की बात करें तो दिवाली 2026 से पहले पर्यावरण का ध्यान रखते हुए नागरिकों से अपील की जा रही है कि सीमित मात्रा में पटाखे जलाएं और वायु और शोर का ध्यान रखें ताकि लोगों को तकलीफ न हो.
इसी बीच पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने के लिए चलाए जा रहे एक नागरिक अभियान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. BMC ने बीजेपी मुंबई प्रमुख अमित सातम की आपत्तियों के बाद, अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक्टर दीया मिर्जा का एक वीडियो मैसेड डिलीट कर दिया.
दीया मिर्जा के इस वीडियो में शोर और वायु प्रदूषण से बचने की अपील की गई थी. विरोध के बाद दीया मिर्जा का वीडियो बीएमसी ने हटा दिया है. वहीं एक्टर माधुरी दीक्षित और निशिगंधा वाड के साथ-साथ क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे वाले अभियान के वीडियो BMC के एक्स और इंस्टाग्राम पेज पर अभी भी मौजूद हैं. जिससे ऐसे लोगों की दोहरी मानसिकता का पता चलता है।
मुंबई नगर निगम द्वारा यह कदम तब उठाया गया जब अमित सातम ने एक्स पर एक पोस्ट में दीया मिर्जा के वीडियो पर आपत्ति जताई. सातम ने अपने पोस्ट में BMC के आधिकारिक अकाउंट को भी टैग किया था. इसी के साथ उन्होंने लिखा, “हमें दीया मिर्जा से यह सीखने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनानी चाहिए. हमारी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं.” इनके अलावा मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
वहीं भाजपा की इन बेतुकी टिपणियों पर विपक्षी नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। इसी कड़ी में AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा, मुंबई हाई कोर्ट ने खुद आदेश दिया है कि आप रास्ते पर पटाखे न फोड़ें क्योंकि उससे ध्वनि प्रदूषण होता है, सेहत की दिक्कतें आती हैं. यही बात दीया मिर्जा ने भी कही थी.
अगर आप दीया मिर्जा की बातों को सनातन विरोधी कह रहे हैं तो मतलब आप कोर्ट की बातों को सनातन विरोधी कह रहे हैं. उनके खिलाफ तो एक्शन होना चाहिए.”वारिस पठान ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देश के बाद बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने खुद कुछ आर्टिस्ट को कैंपेन करने के लिए कहा था ताकि लोग पटाखे कम फोड़ें.
वहीं अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को फटकार लगाते हुए फिर से अभिनेत्री का वीडियो अपलोड करने का आदेश दिया है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि उसे इस विवाद से बहुत दुख हुआ.
कोर्ट ने इस विवाद पर नाराजगी भी जताई. गौरतलब है कि मुंबई बीजेपी के नेता अमित साटम की कड़ी आपत्ति के बाद BMC ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से दीया मिर्जा का यह ग्रीन दीवाली वाला वीडियो डिलीट कर दिया था. इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया.
अदालत ने अब बीएमसी को फिर से दीया मिर्जा का वीडियो अपलोड करने को कहा है. जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ लोगों की इस तरह की संकीर्ण मानसिकता सही नहीं है. वो भी तब जो आम आदमी का प्रतिनिधित्व करता हो.
कोर्ट ने कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस अपील को ऐसी दिशा दे दी गई जो सही नहीं थी. कोर्ट ने कहा कि वीडियो का मकसद समाज में जागृति फैलाने का था. लोगों को पर्यावरण और ध्वनि प्रदूषण से जागरूक करने का था.
ऐसे में अब कोर्ट के फैसले के आने के बाद लोगों के इस फैसले का स्वागत किया है। इसी कड़ी में सपा प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी ने इस पर कहा, “बहुत खुशी है और मैं कोर्ट को बधाई देना चाहता हूं कि न्याय अभी भी जिंदा है।
मैं और तमाम कोर्ट से भी निवेदन करूंगा कि इस डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के संघर्षों को मत भूलिए, गांधी जी के संघर्षों को मत भूलिए। जब भी देश में ऐसी कोई चीज आए जो संविधान के खिलाफ हो, जो जबरदस्ती गुंडागर्दी पर लाई जा रही हो, अगर इसी तरह सुओ मोटो होगा तो मैं समझता हूं कि इस देश में अराजकता फैलाने वाले बीजेपी के लोग, इनका दिमाग सही हो जाएगा…



