आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास का काला अध्याय: सोनिया गांधी

  • मार्च 1977 में चुनाव कराने का लिया था फैसला
  • कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष बोलीं- चुनाव आयोग और मीडिया पर सरकार का नियंत्रण

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी किताब बिलांगिंग ए जर्नी आफ लव में आपातकाल के दौर का जिक्र भी किया है। सोनिया गांधी ने उस समय जो देखा और महसूस किया, उसे अपनी बुक में लिखा है। सोनिया गांधी ने लिखा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बिगड़ते हालात से निपटने को संघर्ष कर रही थीं, उस दौर में कई चीजें बेहद कठिन थी। उन्होंने एक साक्षात्कार में भाजपा व आरएसएस पर हमला बोला। बता दें कि आपातकाल 1975 से 1977 के बीच लागू हुआ था, उस दौरान की घटनाओं का जिक्र भी सोनिया गांधी ने अपनी पुस्तक में किया है, जिसकी चर्चा भी हो रही है। सोनिया गांधी के द हिंदू को दिए गए लिखित इंटरव्यू में उन्होंने बताया आपातकाल के खत्म होने के बाद ही मुझे पता चला था कि उस दौर में क्या कुछ हो रहा था और उसकी गंभीरता कितनी ज्यादा थी।
सोनिया गांधी ने माना कि उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया गया था, जबकि हेबियस कॉर्पस यानि बंदी प्रत्यक्षीकरण को निलंबित किया गया था. लेकिन यह सबकुछ संवैधानिक तरीक से किया गया था. जब मैं उस दौर में वापस जाकर इंदिरा गांधी के नजरिए से चीजों को देखती हूं तो मुझे वे तेजी से बिगड़ते हालात से जूझती हुई दिखाई देती हैं. यह मैंने देखा था। सोनिया गांधी ने लिखा उस दौर में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे, सरकारी ऑफिसों और सार्वजनिक परिवहन में आगजनी हो रही थी. हर तरफ फैला हुआ सुनियोजित असंतोष था और यहां तक कि नौकरशाही और सशस्त्र बलों से आदेश न मानने का आह्वान भी था। आज जब पीछे मुडक़र देखने पर हम चीजों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इंदिरा गांधी ने ही खुद समझा कि क्या हो रहा है और मार्च 1977 में चुनाव कराने का फैसला किया था आप अच्छी तरह जानते हैं कि बाद में उन्होंने खुद सार्वजनिक रूप से इस बात पर अफसोस जताया और आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों के लिए माफी भी मांगी थी। सोनिया गांधी का आपातकाल पर यह बयान अहम है, क्योंकि इमरजेंसी कांग्रेस के इतिहास का सबसे संवेदनशील विषय रहा है। सोनिया गांधी ने उस दौर में जो कुछ देखा उसका जिक्र अपनी पुस्तक में किया है। आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास का काला अध्याय बताया। कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर सोनिया गांधी ने निराशा जताने के बजाय पार्टी के संघर्ष और मजबूती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र में मौजूदा सरकार आने के बाद से विपक्ष को चुनाव लडऩे के लिए समान अवसर नहीं मिल रहे हैं, सरकार का सभी संस्थाओं, खासकर चुनाव आयोग पर पूरा नियंत्रण ह, मुख्यधारा का मीडिया भी उसके प्रभाव में है, इसके अलावा धनबल और धर्म के इस्तेमाल से राजनीतिक मुकाबले को प्रभावित किया जा रहा है।

समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही कांग्रेस

विपक्षी गठबंधन और कांग्रेस की राजनीतिक संभावनाओं पर सोनिया गांधी ने कहा कि पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही है. उनका मानना है कि कांग्रेस ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में जिस तरह खुद को संभाला है, वह उसकी मजबूती को दिखाता है. उन्होंने कहा कि पार्टी की संभावनाएं दिन-ब-दिन बेहतर हो रही हैं।

भाजपा और आरएसएस से कांग्रेस नहीं करेगी समझौता

सोनिया गांधी ने राजनीतिक गठबंधनों को लेकर कहा कि राजनीति में कई बार समझौते करना जरूरी हो जाता है। कुछ मौकों पर ऐसे दलों के साथ भी हाथ मिलाना पड़ता है, जिनकी विचारधारा कांग्रेस से अलग होती है. हालांकि, ऐसे फैसले उन्हें कभी सहज नहीं लगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया है और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा से कांग्रेस के अंतर को भी स्पष्ट किया. सोनिया गांधी के मुताबिक, पार्टी के कुछ नेताओं की राय धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर बहुत स्पष्ट रुख नहीं अपनाने की रही है, लेकिन यह कांग्रेस की आधिकारिक सोच नहीं है. पार्टी अपने काम और नीतियों के जरिए सभी नागरिकों को बिना किसी डर के अपने धर्म और विश्वास का पालन करने के संवैधानिक अधिकार के साथ खड़ी रही है।

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग करने वाला हैरी बॉक्सर गिरफ्तार

  • लॉरेन्स गैंग से जुड़े गैंगस्टर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। अमेरिका में लॉरेन्स गैंग से जुड़े गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को हिरासत में लिया गया है। हैरी बॉक्सर पर हत्या, धमकी, रंगदारी वसूलने समते कई केस दर्ज हैं। इसके अलावा फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी भी हैरी बॉक्सर ने ली थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इनपुट के आधार पर लॉरेन्स गैंग से जुड़े हैरी बॉक्सर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। हैरी बॉक्सर ने रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर और ऑडियो के जरिए बॉलीवुड के लोगों को धमकी दी थी, हैरी बॉक्सर अमेरिका में बैठकर वहां से अपने गैंग की गतिविधियां संचालित करता था अमेरिका की आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी के एजेंटों ने गैंगस्टर को कैलिफोर्निया से हिरासत में लिया है।
हैरी बॉक्सर से पहले गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को भी अमेरिका में हिरासत में लिया गया था। इन दोनों पर भी भारत में कई आपराधिक केस दर्ज बताए गए हैं। अमेरिका-यूरोप समेत कई अन्य देशों में बैठकर भारत में अपराध चलाने वाले गैंगस्टरों पर लगातार कार्रवाई जारी है। हैरी बॉक्सर का असली नाम हरिचंद जाट है, जो कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक्टिव गुर्गा है। ये मूल रूप से राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बामसूर इलाके का रहने वाला है. जयपुर में रहने के दौरान उसने बॉक्सिंग सीखी थी, इसी वजह से उसे बॉक्सर नाम मिला. शुरुआत में उसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और बॉक्सिंग कोच के तौर पर भी काम किया, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में आ गया।

स्पेशल ट्रेनें चलाने के दावों की खुली पोल

  • एसी कोच को बना दिया जनरल बोगी
  • यात्रियों का सब्र टूटा, खींच दी चेन, जगह-जगह लोगों के बीच हो रही झड़प

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। एनडीए सरकार का रेल मंत्रालय त्योहारों में रेल सेवाओं की पुख्ता व्यवस्था की दावा कर रहा है। पर उसके इतर जिस तरह से त्योहारी सीजन में ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण आरक्षित व एसी कोचों में जनरल यात्रियों के घुसने से लगातार विवाद हो रहे हैं। उसने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। झारखंड और मध्य प्रदेश में यात्रियों के बीच झड़प और चेन पुलिंग की घटनाएं सामने आई हैं।
पर्याप्त ट्रेनों की कमी और अव्यवस्था को लेकर यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी जताई है। त्योहारों का वक्त है। ट्रेन में पैर रखने तक की जगह नहीं है। जर्नल कोच से लेकर स्लीपर और एसी क्लास हर तरफ भीड़ का दबाव है। कई बार तो लोग इस भीड़ को बर्दाश्त कर लेते हैं, एडजस्ट कर लेते हैं। लेकिन त्योहारों के मौसम में भीड़ इस कदर बढ़ गई है कि अब रिजर्व कोच में सफर करने वाले यात्रियों का सब्र भी जवाब देने लगा है एसी कोच में बिना टिकट और जनरल टिकट वाले यात्रियों के घुसने से परेशान होकर रिजर्व क्लास के यात्रियों ने ट्रेन पुलिंग कर दी। ट्रेन को रोक दिया और रुकने के साथ मौके पर भीड़ जमा हो गई।

बाहर खड़े यात्रियों को अंदर नहीं आने दे रहे

देखा जा सकता है कि बाहर खड़े यात्रियों में कितना गुस्सा है कि उन्हें अंदर नहीं आने दिया जा रहा। बावजूद इसके वह जानते हैं कि यह सरासर गलत है। हालांकि यहां दूसरे पक्ष को भी नकारा नहीं जा सकता। रिजर्वेशन कराकर सफर कर रहे यात्रियों की अपनी परेशानी है। वहीं दूसरी तरफ वो लोग जो जनरल टिकट पर सफर कर रहे हैं। जिन्हें सीट मिलना तो दूर डिब्बे में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही वो कहां जाएं? जाहिर सी बात है कि त्यौहार तो सभी अपनों के साथ मनाना चाहते हैं। घर जाना चाहते हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन की ओर से पर्याप्त ट्रेनों का इंतजाम नहीं किया गया तो क्या इसमें उनकी गलती है?

एनकाउंटर संस्कृति बंद होनी चाहिए : रोहिणी

  • मनेर घटना पर बोलीं- पूरे मामले की न्यायिक जांच हो

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। पटना के मनेर क्षेत्र में पुलिस ने हत्याकांड के तीन आरोपियों के एनकाउंटर में मार गिराया। इस घटना के खिलाफ जहां परिजनों ने हंगामा किया था, वहीं कई संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से भी कुछ सवाल उठाए गए।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी मनेर एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की।रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मनेर में हुआ पुलिस एनकाउंटर बिहार में कानून के राज के दावे पर एक काला धब्बा है। आचार्य ने मांग की कि इस मामले की न्यायिक जांच आयोग के द्वारा निष्पक्ष जांच हो। और दोषियों पर सख्त विधि-सम्मत कार्रवाई की जाए।

एसआईआर की आड़ में 13 करोड़ लोग योजनाओं से बाहर

  • कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मोदी सरकार पर किया वार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर नया हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एक धांधलीपूर्ण और त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया की आड़ में 13 करोड़ लोगों को भारत के कल्याणकारी दायरे से बाहर कर दिया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वेणुगोपाल ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दी गई बहस की चुनौती को स्वीकार करने से क्यों कतरा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री सवालों का सामना करने से इसलिए बच रहे हैं क्योंकि वे उस बात का बचाव नहीं कर सकते, जिसे कांग्रेस ने वोट और हक चोरी करार दिया है। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि एक त्रुटिपूर्ण एसआईआर की आड़ में 13 करोड़ लोगों को देश के कल्याणकारी नेटवर्क से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े विवाद को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक लोगों की पहुंच से जुड़ी चिंताओं से जोड़ दिया। केंद्र सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर निशाना साधते हुए, वेणुगोपाल ने आम नागरिकों को कल्याणकारी लाभों से वंचित किए जाने की बात को उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की बढ़ती संपत्ति के साथ जोडक़र पेश किया। उन्होंने कहा क यह तब हो रहा है, जब अडानी और अंबानी हर दिन अरबों डॉलर कमा रहे हैं। यह ताज़ा हमला चुनाव आयोग की एसआईआर कवायद के खिलाफ कांग्रेस के तेज़ होते अभियान के बीच आया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के ज़रिए मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों के मतदान के अधिकार खतरे में पड़ गए हैं। विपक्ष ने बार-बार आरोप लगाया है कि इस संशोधन प्रक्रिया में पारदर्शिता और पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी है, खासकर समाज के कमज़ोर वर्गों के मामले में।

राहुल से बहस करने की हिमम्मद नहीं

वेणुगोपाल ने कहा कि मोदी राहुल जी की बहस की चुनौती स्वीकार नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे अपने वोट और हक चोरी का बचाव नहीं कर सकते। उन्होंने मोदी और शाह को चुनौती दी कि वे लाखों लोगों को कल्याणकारी लाभों से कथित तौर पर बाहर किए जाने के मामले का सार्वजनिक रूप से बचाव करें। उन्होंने पूछा कि क्या मोदी या अमित शाह में इसका बचाव करने की हिम्मत है?

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