AAP की गुजरात में बड़ी जीत, किसान नेताओं को मिली जमानत, BJP की तमाम कोशिशें नाकाम
गुजरात में किसानों के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत मिली है... किसान आंदोलन से जुड़े AAP नेताओं को जमानत मिलने के बाद...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले.. आम आदमी पार्टी के नेता राजूभाई करपाड़ा.. और प्रवीणभाई राम को हाल ही में जमानत मिल गई है.. आपको बता दें कि 29 जनवरी 2026 को बावनगर की अदालत ने.. इन नेताओं को किसान-पुलिस झड़प के मामले में जमानत दी गई.. जानकारी के मुताबिक इन नेताओं को अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था.. जब वे बोताड़ जिले के हददड़ गांव में किसानों के एक महापंचायत में हिस्सा ले रहे थे.. इस महापंचायत का आयोजन बोताड़ कृषि उत्पाद बाजार समिति में कथित अनियमितताओं के खिलाफ था.. जहां कपास व्यापारियों पर करदा नामक प्रथा के तहत अनधिकृत कटौती करने का आरोप था.. वहीं रमेशभाई मेर का नाम भी कुछ रिपोर्टों में आता है.. लेकिन मुख्य रूप से राजूभाई और प्रवीणभाई पर फोकस है.. आप का दावा है कि भाजपा ने इनकी जमानत रोकने की कोशिश की.. लेकिन सच्चाई की जीत हुई.. लेकिन क्या यह पूरी तरह सही है..
आपको बता दें कि गुजरात में किसान लंबे समय से अपनी फसलों के उचित दाम की मांग कर रहे हैं.. खासकर सौराष्ट्र इलाके में कपास किसान बोताड़ एपीएमसी में करदा प्रथा से परेशान हैं.. वहीं इस प्रथा में व्यापारी कपास की तौल के दौरान अनधिकृत कटौती करते हैं.. जिससे किसानों को नुकसान होता है.. जिसको लेकर अक्टूबर 2025 में किसानों ने इसके खिलाफ आंदोलन शुरू किया.. और 10 अक्टूबर को किसान बाजार यार्ड में देर रात तक भजन-कीर्तन करके विरोध जताया… 12 अक्टूबर को हददड़ गांव में बिना अनुमति के किसान महापंचायत का आयोजन किया गया.. पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की.. जिससे झड़प हो गई.. किसानों पर पुलिस वाहनों पर पथराव का आरोप लगा.. और पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी.. जानकारी के मुताबिक इस घटना में 88 लोग गिरफ्तार हुए.. जिसमें किसान और आप नेता शामिल थे..
जानकारी के मुताबिक राजूभाई करपाड़ा आप की गुजरात किसान सेल के अध्यक्ष हैं.. जबकि प्रवीणभाई राम पार्टी की राज्य स्तर की फ्रंटल संगठन के अध्यक्ष हैं.. वे किसानों के साथ महापंचायत में हिस्सा ले रहे थे.. आप का कहना है कि यह शांतिपूर्ण विरोध था.. लेकिन पुलिस ने बर्बरता की.. आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज किया गया.. आंसू गैस छोड़ी गई और झूठे केस बनाए गए.. और उन्होंने भाजपा सरकार को अंग्रेजों से भी बदतर बताया..
रमेशभाई मेर का नाम आप की कुछ रिपोर्टों में आता है.. लेकिन मुख्य खबरों में राजूभाई और प्रवीणभाई पर फोकस है.. शायद रमेशभाई अन्य गिरफ्तार साथियों में से एक हैं.. कुल 88 गिरफ्तारियों में 46 किसान अभी भी जेल में थे.. लेकिन धीरे-धीरे जमानत मिल रही है.. दिसंबर 2025 में केजरीवाल ने राजकोट में गिरफ्तार किसानों के परिवारों से मुलाकात की.. और कहा कि 42 को जमानत मिल चुकी है.. बाकी जल्द मिलेगी..
आपको बता दें कि 12 अक्टूबर 2025 को महापंचायत के दौरान झड़प हुई.. पुलिस का कहना है कि भीड़ ने पथराव किया, जिससे स्थिति बिगड़ी.. आप का दावा है कि पुलिस ने पहले हमला किया.. 16 अक्टूबर को राजूभाई करपाड़ा और प्रवीणभाई राम को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया.. वे पार्टी कार्यालय में धरने पर थे.. और जानते थे कि गिरफ्तारी होगी.. गिरफ्तारी के समय उन्होंने कहा कि वे तैयार हैं.. लेकिन सरकार किसानों की मांगें माने.. और उनके खिलाफ केस वापस ले.. बोताड़ पुलिस ने उन्हें पालीयाद थाने ले जाया गया.. उन पर हत्या के प्रयास, दंगा फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगे..
आप ने इसे दमन बताया.. केजरीवाल ने ट्वीट किया कि राजूभाई का अपराध सिर्फ किसानों के लिए उचित दाम मांगना था.. मनीष सिसोदिया और संजय सिंह ने भी भाजपा पर निशाना साधा.. आप ने कहा कि गुजरात में किसानों की आवाज दबाई जा रही है.. गिरफ्तारियों के बाद आप ने सुरेंद्रनगर में किसान महापंचायत की.. जहां केजरीवाल ने हिस्सा लिया.. और उन्होंने भाजपा को किसान विरोधी कहा..
वहीं सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया कि वे जमानत रोकने की कोशिश कर रहे थे.. लेकिन आप का दावा है कि कई बार जमानत अर्जियां खारिज हुईं.. जो सरकार के दबाव से था.. दिसंबर में केजरीवाल को राजकोट जेल में गिरफ्तार किसानों से मिलने नहीं दिया गया.. जिसे वे दमन बता रहे हैं.. और उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किसानों को एक दिन खाना-पानी नहीं दिया गया..
लगभग चार महीने जेल में रहने के बाद 29 जनवरी 2026 को बावनगर अदालत ने राजूभाई करपाड़ा और प्रवीणभाई राम को जमानत दे दी.. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं.. और फैसला दिया.. जमानत की शर्तें स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह किसान-पुलिस झड़प मामले में था.. आप ने इसे सच्चाई की जीत बताया.. केजरीवाल ने कहा कि हम हर निर्दोष को जेल से बाहर निकालेंगे..



