जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके का संबोधन, कहा- कॉकरोच डरते भी नहीं, मरते भी नहीं
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया पर ज्यादा ध्यान दे रही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को एक प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों का दावा है कि यह युवाओं, खासकर Gen Z पीढ़ी की भागीदारी वाला एक बड़ा अभियान है। इस बीच प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने की खबर सामने आने के बाद समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, अभिजीत दीपके भारत पहुंच चुके हैं और सीधे जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उनके समर्थक पहले से मौजूद थे। बताया जा रहा है कि देश के विभिन्न हिस्सों से युवा इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि मुंबई, उत्तराखंड, गुवाहाटी सहित कई शहरों से समर्थक यहां पहुंचे हैं।
प्रदर्शन को लेकर बढ़ी चर्चा
प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस आयोजन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का प्रयास है। वहीं, आलोचकों का मानना है कि किसी भी आंदोलन की सफलता उसके दीर्घकालिक प्रभाव और ठोस मांगों पर निर्भर करती है।
अभिजीत दीपके का बयान चर्चा में
प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके का एक बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे “अपना भाग्य संविधान के भरोसे छोड़कर भारत आ रहे हैं।” उनके समर्थक इस बयान को लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास के रूप में देख रहे हैं।
युवाओं की भागीदारी पर फोकस
जंतर-मंतर पर मौजूद कई युवाओं का कहना है कि वे शिक्षा, रोजगार, नीतिगत बदलाव और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करना चाहते हैं। हालांकि आंदोलन की मांगों और एजेंडे को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
क्या होगा आंदोलन का असर?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह प्रदर्शन आगे चलकर किस दिशा में जाएगा और इसका राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव कितना व्यापक होगा। क्या यह केवल एक दिन का प्रदर्शन साबित होगा या फिर किसी बड़े अभियान की शुरुआत बनेगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो सकेगा।
इस्तीफे की मांग और राजनीतिक बहस
प्रदर्शन से जुड़े कुछ समर्थक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं। हालांकि इस मुद्दे पर सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी मांग के प्रभावी होने के लिए उसे व्यापक जनसमर्थन और ठोस राजनीतिक दबाव की आवश्यकता होती है। दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
कार्रवाई की बजाय हमारी पोस्ट डिलीट करवा रहे- दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया पर ज्यादा ध्यान दे रही है.
उन्होंने कहा, ‘मेरे दोस्तों, यह एक लंबा संघर्ष है. सोशल मीडिया पर प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू किए हुए एक महीना हो गया है, लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय, वे अन्य कामों में लगे हुए हैं, जैसे हमारे अकाउंट हैक करना और हमारी पोस्ट को डिलीट करवाना. आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन आप हमें इस मंच से मिटा नहीं सकते.’ उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जल्द ही प्रदर्शन में शामिल होंगे और उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया.



