महमूदाबाद में ‘आतंक’ बना कुत्ता! बच्चे-बुजुर्ग घरों में कैद होने को मजबूर
सीतापुर के महमूदाबाद क्षेत्र के ग्राम रंडा मजरा लच्छीपुर में कथित पागल कुत्ते के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। आरोप है कि कुत्ता 20 से अधिक लोगों को काट चुका है। ग्रामीणों ने समाधान दिवस में शिकायत देकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर जिले की महमूदाबाद तहसील के एक गांव में इन दिनों एक कथित पागल कुत्ते का आतंक ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। गांव वालों का आरोप है कि यह कुत्ता अब तक 20 से अधिक लोगों को काट चुका है, जिसके चलते पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि घर से बाहर निकलते समय बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
मामला महमूदाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम रंडा मजरा लच्छीपुर का है, जहां ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्राम प्रधान ने समाधान दिवस में उठाया मुद्दा
गांव के प्रधान शहरयार खां पुत्र जिलेदार खां ने संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर प्रशासन को बताया कि गांव में घूम रहा एक कुत्ता लगातार लोगों पर हमला कर रहा है। उनके अनुसार, कुत्ते के हमलों में अब तक 20 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। शिकायत में कहा गया है कि ग्रामीणों के बीच लगातार दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी डर रहे हैं।
पशु चिकित्सालय पर उदासीनता का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या की जानकारी कई बार पशु चिकित्सालय महमूदाबाद के अधिकारियों को फोन के माध्यम से दी गई, लेकिन उनकी ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि न तो फोन कॉल का संतोषजनक जवाब मिला और न ही कुत्ते को पकड़ने के लिए कोई टीम गांव भेजी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और लोगों को हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधान भी हुए हमले का शिकार
ग्राम प्रधान शहरयार खां ने दावा किया कि वह स्वयं भी इस कुत्ते के हमले का शिकार हो चुके हैं। उनका कहना है कि गांव के कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कुत्ता खुलेआम गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमता रहता है, जिससे हर समय किसी नए हमले की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
संपूर्ण समाधान दिवस में दिए गए शिकायती पत्र के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कुत्ते को तत्काल पकड़वाया जाए, प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और गांव में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि ग्रामीणों की इस चिंता का समाधान कब तक हो पाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी कुत्ते के काटने की घटना को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए तथा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह और एंटी-रेबीज टीकाकरण करवाना चाहिए। समय पर उपचार गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद करता है।
रिपोर्ट -वली चौधरी
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