विवादित बयान के बाद एक्शन, भरत तिवारी के सिपाही भाई आशीष तिवारी निलंबित
बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बाद विवादित बयान देने वाले सिपाही आशीष कुमार तिवारी पर कार्रवाई हुई है. पुलिस विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बाद विवादित बयान देने वाले सिपाही आशीष कुमार तिवारी पर कार्रवाई हुई है. पुलिस विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस बीच, एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों से बदला लेने की बात कहने वाले मृतक भरत तिवारी के चचेरे भाई और मोतिहारी जिला बल में तैनात सिपाही आशीष कुमार तिवारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.
दरअसल, कुछ दिनों पहले आशीष तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में वह पुलिस की नौकरी छोड़ने की बात करते हुए भरत तिवारी एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों और जवानों से बदला लेने की बात कहते नजर आए थे. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था.
मामले में पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कार्रवाई की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सिपाही आशीष कुमार तिवारी द्वारा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अनुशासनहीन सामग्री प्रसारित की गई, जो बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रावधानों का उल्लंघन है.
नियमों के खिलाफ पाया गया आचरण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक (शिक्षा), पुलिस केंद्र मोतिहारी की जांच रिपोर्ट में आशीष तिवारी के आचरण को सरकारी सेवा के नियमों के खिलाफ पाया गया. रिपोर्ट में उनके व्यवहार को अनुशासनहीन और मनमाना बताया गया. विभाग की ओर से उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं माना गया. इसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई.
महापंचायत में दिया था बयान
यह पूरा मामला भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद शुरू हुआ था. घटना के बाद गांव में महापंचायत बुलाई गई थी. इसी दौरान भरत तिवारी के चचेरे भाई आशीष तिवारी, जो खुद पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात हैं, उसने मंच से कई बातें कहीं.
आशीष तिवारी ने पुलिस की नौकरी छोड़ने की बात कहते हुए एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों से 7 दिन में बदला लेने का ऐलान किया था. वायरल वीडियो में वह कहते नजर आए थे कि अगर सात दिनों के अंदर न्याय नहीं मिला तो वह खुद बदला लेंगे.
उन्होंने कहा था कि कोई भी सिपाही अपने स्तर से गोली नहीं चलाता, बल्कि अधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई करता है. उन्होंने यह भी कहा था कि एक भरत तिवारी चला गया, अब वह दूसरा भरत तिवारी बनेंगे. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी. अब विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए सोशल मीडिया पर इस तरह के बयान देना नियमों के खिलाफ है. विभाग ने साफ किया है कि किसी भी कर्मचारी द्वारा अनुशासनहीनता या भड़काऊ बयानबाजी को स्वीकार नहीं किया जाएगा. आशीष तिवारी के खिलाफ हुई कार्रवाई को पुलिस महकमे में सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.



