सूर्या की मां की दूसरी इच्छा होगी पूरी, असद के घर चलेगा बुलडोजर… 15 दिन का अल्टीमेटम

गाजियाबाद के खोड़ा में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के घर पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी कर ली है. पीड़ित मां की मांग पर एक्शन लेते हुए एसडीएम का नोटिस असद के घर पर चस्पा कर दिया गया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गाजियाबाद के खोड़ा में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के घर पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी कर ली है.

पीड़ित मां की मांग पर एक्शन लेते हुए एसडीएम का नोटिस असद के घर पर चस्पा कर दिया गया है. प्रशासन ने ढोल बजाकर और लाउडस्पीकर से 15 दिन के भीतर अवैध कब्जा हटाने का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद मकान को जमींदोज किया जाएगा.

‘मेरे बेटे के हत्यारों के घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए…’, गाजियाबाद नें खोड़ा के चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद रोती-बिलखती मां सरोज ने प्रशासन से यह गुहार लगाई थी. अब पीड़ित मां की यह इच्छा सच होने जा रही है. नवनीत विहार में प्रशासन ने मुख्य आरोपी असद के घर पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. उप जिलाधिकारी (SDM) द्वारा जारी किया गया बेदखली का नोटिस असद के मकान पर चस्पा कर दिया गया है. प्रशासन की टीम ने बकायदा ढोल बजवाकर और लाउडस्पीकर से पूरे इलाके में मुनादी कराई है कि 15 दिन के भीतर अवैध कब्जा हटा लिया जाए, वरना बुलडोजर गरजना तय है.

28 मई (ईद के दिन) को हुए इस नृशंस हत्याकांड के मुख्य आरोपी, 50 हजार रुपये के इनामी असद को पुलिस ने पहले ही एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. लेकिन पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासी बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उनके घरों को जमींदोज करने की मांग पर अड़े थे. सूर्या की मां सरोज ने रोते हुए कहा था कि उन्होंने मेरे घर का इकलौता चिराग बुझाया है, उनके घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए.

प्रशासन ने इस मांग पर कानूनी शिकंजा कसते हुए असद के घर के बाहर नोटिस चिपका दिया है. मुनादी के दौरान लाउडस्पीकर से पूरे इलाके को अल्टीमेटम दिया गया है कि आरोपी पक्ष के पास अपनी अवैध संपत्ति खाली करने के लिए सिर्फ 15 दिन का वक्त है, इसके बाद प्रशासन का बुलडोजर अवैध निर्माण को ढहा देगा.

आधे घंटे में कर दिया था कांड

पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला वारदात वाले दिन दोपहर करीब 3:00 बजे बाइक आमने-सामने आ जाने और एक-दूसरे को हटाने को लेकर हुए मामूली विवाद का लग रहा था. उस वक्त स्थानीय लोगों ने दोनों में सुलह भी करा दी थी, लेकिन यह सुलह सिर्फ एक ढोंग थी. महज आधे घंटे बाद, यानी दोपहर 3:30 बजे, असद ने अपने पिता नवाब और दोस्तों के साथ मिलकर नवनीत विहार की गली नंबर-4 में सूर्या को घेर लिया.

दोस्त फरहान ने असद को चाकू थमाया और पिता ने उकसाते हुए चिल्लाकर कहा- ‘आज इसकी कहानी खत्म कर दे.’ पिता की शह मिलते ही असद ने सूर्या के पेट में ताबड़तोड़ चाकू घोंपकर उसका काम तमाम कर डाला था. नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान सूर्या की मौत हो गई थी.

ऊपरी तौर पर यह कत्ल भले ही आधे घंटे पहले हुए बाइक विवाद का नतीजा दिख रहा हो, लेकिन इसके पीछे प्रेम प्रसंग और अवैध संबंधों की एक पुरानी रंजिश थी. असद के पारिवारिक सूत्रों और सोशल मीडिया पर सपा प्रवक्ता अमित जमाई द्वारा किए गए खुलासे के मुताबिक, सूर्या चौहान के संबंध मुख्य आरोपी असद की सगी बहन के साथ थे.

इस बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले भी कई बार गंभीर झगड़े हो चुके थे. इसी वजह से करीब 8 महीने पहले असद के परिवार ने अपना घर भी बदल लिया था, लेकिन सूर्या ने वहां भी चक्कर काटना बंद नहीं किया था. असद के परिवार ने इसे इज्जत का सवाल बनाकर सूर्या की जान ले ली.

गोपनीय तरीके से दफनाया गया है असद का शव

पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका मुख्य आरोपी असद अब मिट्टी में मिल चुका है. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था और शर्तों के बीच असद का शव उसके परिजनों (चाचा) को सौंपा था. पुलिस की मौजूदगी में बेहद गोपनीय तरीके से उसका दफीना (अंतिम संस्कार) कराया गया. सुरक्षा कारणों से पुलिस अधिकारियों ने उस कब्रिस्तान के नाम का खुलासा करने से साफ मना कर दिया है, जहां असद को दफनाया गया है.

मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर और उसके पिता नवाब सहित तीन आरोपियों के जेल जाने के बाद, अब प्रशासन की इस बुलडोजर कार्रवाई की शुरुआत से पीड़ित परिवार को कुछ राहत जरूर मिली है.

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