उन्नाव में युवती अपहरण और हत्या कांड के आरोपी पर प्रशासन का शिकंजा, अस्पताल का लाइसेंस निरस्त

उन्नाव में दरोगा भर्ती की तैयारी कर रही युवती के अपहरण और हत्या के आरोपी देवकांत उत्तम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने उससे जुड़े उत्तम हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है, जबकि निर्माणाधीन अस्पताल की भी जांच शुरू हो गई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः दरोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही युवती के अपहरण और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी देवकांत उत्तम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी से जुड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में उन्नाव में संचालित उत्तम हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब युवती की हत्या का मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

पत्नी के नाम पर था अस्पताल का लाइसेंस

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस उत्तम हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त किया गया है, वह आरोपी देवकांत उत्तम से जुड़ा बताया जा रहा है। अस्पताल का लाइसेंस उसकी पत्नी मोनिका उत्तम के नाम पर जारी था। प्रशासन द्वारा लाइसेंस निरस्त किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों की भूमिका भी चर्चा में है। माना जा रहा है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और अनुमतियों की भी समीक्षा की जा सकती है।

निर्माणाधीन हॉस्पिटल भी जांच के दायरे में

मामले में केवल संचालित अस्पताल ही नहीं, बल्कि आरोपी के निर्माणाधीन “उत्तम क्रिटिकल यूनिट हॉस्पिटल” की भी जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण ने निर्माणाधीन परियोजना से जुड़े दस्तावेजों और निर्माण मानकों की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि निर्माण कार्य संबंधित नियमों और स्वीकृत मानकों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो आगे और कार्रवाई हो सकती है।

चर्चाओं में बना हुआ है मामला

दरोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही युवती के अपहरण और हत्या का मामला सामने आने के बाद से पूरे जिले में आक्रोश का माहौल है। पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियां मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं। इस बीच आरोपी से जुड़े संस्थानों पर हो रही कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र से जुड़े इस मामले में अब लोगों की नजरें प्रशासन और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किए जाने और निर्माणाधीन अस्पताल की जांच शुरू होने के बाद आरोपी देवकांत उत्तम की कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियां और बढ़ गई हैं।

रिपोर्ट – रंजन बाजपाई

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