करोड़ों का कॉरिडोर, फिर भी बेहाल विंध्याचल धाम! श्रद्धालु क्यों हो रहे परेशान?
मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मंदिर मार्ग पर बाइकों की आवाजाही, अतिक्रमण और अव्यवस्था से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल मां विंध्यवासिनी धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता है। उत्तर प्रदेश सरकार विंध्याचल धाम को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद मंदिर परिसर और कॉरिडोर मार्ग की व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर के आसपास सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की स्थिति संतोषजनक नहीं है। मंदिर मार्ग पर बिना रोक-टोक बड़ी संख्या में बाइक और अन्य दोपहिया वाहन पहुंच रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंदिर के पास खड़ी बाइकों से बढ़ रही समस्या
मां विंध्यवासिनी मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में वाहन खड़े होने से पैदल आने-जाने वाले श्रद्धालुओं का रास्ता प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को संकरे रास्तों और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण असुविधा झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कॉरिडोर निर्माण का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान हालात इस उद्देश्य के विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
अतिक्रमण पर भी उठ रहे सवाल
धाम क्षेत्र में सड़क किनारे दुकानों के विस्तार और अतिक्रमण को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि कॉरिडोर के विस्तार के बाद जहां पहले की तुलना में अधिक जगह उपलब्ध हुई है, वहीं अब उसी स्थान पर अतिक्रमण बढ़ता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि जिन जमीनों का अधिग्रहण किया गया था, उनका मुआवजा भी सरकार द्वारा दिया जा चुका है। इसके बावजूद सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
निरीक्षण की कमी से बढ़ी चिंता
धाम क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि पूर्व में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता था। अधिकारियों की सक्रियता के चलते अतिक्रमण और अव्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण बना रहता था। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पिछले कुछ समय से कॉरिडोर मार्ग और मंदिर क्षेत्र का नियमित निरीक्षण कम हुआ है, जिसके कारण व्यवस्थाओं पर निगरानी कमजोर पड़ी है। लोगों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई से कई समस्याओं का समाधान संभव है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
मां विंध्यवासिनी धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान यह जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते अव्यवस्था, अतिक्रमण और अनियंत्रित वाहनों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
धाम क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मंदिर मार्गों का नियमित निरीक्षण कराने, अवैध पार्किंग पर रोक लगाने, अतिक्रमण हटाने और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है। विंध्याचल धाम की पहचान केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में यहां की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना प्रशासन और संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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