JNU विवाद: हिंसा के बाद प्रशासन का एक्शन, एबीवीपी और लेफ्ट विंग आमने-सामने
जेएनयू में हुए विवाद के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन, एबीवीपी और लेफ्ट विंग की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जेएनयू में हुए विवाद के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन, एबीवीपी और लेफ्ट विंग की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई है.
इस मामले में प्रशासन ने छात्रों द्वारा लाइब्रेरी बंद करने और डराने-धमकाने की घटनाओं को गंभीरता से लिया है. सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और बेकाबू बर्ताव की निंदा करते हुए, प्रशासन ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है.
देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जेएनयू में आधी रात को झड़प की खबरें सामनी आईं. वाइस चांसलर शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित के बयान की वजह से एबीवीपी और वामपंथी संगठन के छात्रों के बीच झड़प हुई. अब इस मामले में जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन का बयान सामने आया है. JNU एडमिनिस्ट्रेशन के ध्यान में आया है कि कैंपस के अंदर कई एकेडमिक बिल्डिंग्स को प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स के एक ग्रुप ने कथित तौर पर बंद कर दिया था.
प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स सेंट्रल लाइब्रेरी में घुस गए और कथित तौर पर जो स्टूडेंट्स नहीं चाहते थे, उन्हें प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए धमकाया, डराया. बयान में बताया गया कि इससे पता चला है कि इससे 22 फरवरी, 2026 की रात को कैंपस में दो स्टूडेंट ग्रुप्स के बीच हाथापाई हुई. JNU एडमिनिस्ट्रेशन ने इन परेशान करने वाली घटनाओं को बहुत गंभीरता से लिया है.
बेकाबू बर्ताव की निंदा करते हैं
JNU एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि वो कैंपस में इस तरह के बेकाबू बर्ताव की निंदा करता है. इसका मकसद पब्लिक प्रॉपर्टी और इसके सबको साथ लेकर चलने वाले माहौल को बार-बार नुकसान पहुंचाना है. कैंपस में सही एकेडमिक माहौल पक्का करने के लिए यूनिवर्सिटी के नियमों और रेगुलेशन और BNS के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है.
एडमिनिस्ट्रेशन सभी स्टूडेंट्स के एकेडमिक हितों और भलाई की रक्षा करने और यूनिवर्सिटी की पब्लिक प्रॉपर्टी की सुरक्षा करने के लिए कमिटेड है. यूनिवर्सिटी की तरफ से कहा गया कि सभी स्टेकहोल्डर्स से रिक्वेस्ट है कि वे किसी भी तरह की गैर-जरूरी एक्टिविटी में शामिल न हों और कैंपस में शांति और भाईचारा बनाए रखने में सहयोग करें.
ऐसा न करने पर नियमों के मुताबिक, सख्त डिसिप्लिनरी एक्शन लिया जाएगा. यूनिवर्सिटी की तरफ से कहा गया कि यह ध्यान दिया जाता है कि अभी सभी क्लास और दूसरी एक्टिविटी चल रही हैं और सभी संबंधित लोगों से रिक्वेस्ट है कि वे इसमें सहयोग करें. यह कॉम्पिटेंट अथॉरिटी की मंजूरी से जारी किया गया है.
एबीवीपी ने क्या कहा?
एबीवीपी की तरफ से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि कल रात एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, कुछ समय पहले लाइब्रेरी में फेसिअल रेकग्निशन लगने लगने वाला था जिसको लेकर लेफ्ट ने विरोध किया और उसे तोड़ दिया. 2023 की लड़ाई है ये, पिछले एक हफ्ते से इन्होंने जेएनयू को लॉकडाउन बना दिया है जो छात्र इनके प्रोटेस्ट में नहीं आते तो ये उनके साथ जबरदस्ती करते हैं.
कल इन्होंने बड़ा विरोध किया, भीड़ नक़ाबपोश हो जाती है और स्कूल एरिया में आती है, उसके बाद ये अलग अलग रूम में जाते हैं पढ़ रहे छात्रों को धमकी देते है और जब छात्र नहीं मानते तो ये उन्हें मारते हैं. एबीवीपी ने कहा कि हम छात्रों के लिए वहां जाते है बातचीत करने की कोशिश करते हैं तो हमे ही मारा जाता है, कुछ छात्रों को ट्रिपल एक्स रूम में बंद कर दिया जाता है हम वहां उन्हें बचाने जाते हैं.
एबीवीपी ने कहा कि हमारे कुछ कार्यकर्ता महिला वाशरूम में छुप जाते हैं, हमारे पूर्व जॉइन सेक्रेटरी बाथरूम में छुप जाते हैं, दरवाजे को तोड़ने की कोशिश करते हैं हमें बुलाते हैं कि बाहर आओ नहीं कुछ कहेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे एक छात्र प्रतीक ने अलग- अलग ग्रुपों में पुलिस से भी मदद मांगी कि मेरी जान बचा लो. जो हमारे अन्य कार्यकर्ता थे उन्हें दौड़ा दौड़ा के मारा जाता है और महिला कार्यकर्ता को धमकी भी दी जाती है.
लेफ्ट विंग ने क्या कहा?
दो हफ्ते से अलग-अलग स्कूल में स्ट्राइक कर रहे. GBM में इसके रेजोल्यूशन पास होता हैं. बीच में वीसी 16 को पॉडकास्ट में भद्दी बयानबाजी करती है. जहां स्टूडेंट यूजीसी इक्विटी के लिए लड़ रहे वो कहती है दलित हमेशा दुग्ध होते हैं. ये jnu के नेचर से अलहदा हैं. वीसी से जवाब मांग रहे. लेफ्ट विंग ने कहा कि शांतिपूर्वक मार्च में हम लॉकडाउन की मांग करते हैं. तीन से 7 बिल्डिंग में हमने लोकडाउन किया.
लेफ्ट विंग ने कहा कि इलाहाबाद और डीयू में भी संघ के गुंडे आते हैं. ये पत्थरबाजी करते हैं गालियां धमकी देते हैं. टेंट पे जाकर देखें. तीन बार पुलिस बुलाई खुद को सबने बंद कर लिया. हमारे सर और पैर में चोट लगी. बाहर से 100 गुंडे आते हैं हमे पुलिस बुलानी पड़ती है. किसी पर भी हमला हुआ तो जेएनयू प्रशासन और पुलिस जिम्मेदार हैं.उन्होंने कहा कि वीसी गुंडों को भेजती है डराती है. संघी विचारधारा के खिलाफ बोला तो 10 से 15 गुंडे हमेशा रहे. उन्होंने कहा कि जेएनयू सिक्योरिटी, वीसी की जिम्मेदारी होगी अगर हमें कुछ हुआ तो.



