कानपुर कचहरी में अधिवक्ता ने 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान, WhatsApp स्टेटस पर मिला 2 पेज का सुसाइड नोट
कानपुर कचहरी में अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने 5वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उन्होंने WhatsApp स्टेटस पर 2 पेज का सुसाइड नोट लगाया था। CCTV फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस जांच जारी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर की कचहरी गुरुवार दोपहर अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी से भर गई। रोज की तरह न्यायिक प्रक्रिया चल रही थी, वकील अपने-अपने मामलों में व्यस्त थे, तभी एक ऐसी घटना ने पूरे परिसर को स्तब्ध कर दिया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। कचहरी परिसर स्थित नई 5 मंजिला कोर्ट बिल्डिंग से अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं सके। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मृतक के WhatsApp स्टेटस पर लगाए गए दो पन्नों के सुसाइड नोट को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
दोपहर 2 बजे अचानक 5वीं मंजिल पर पहुंचे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव नई कोर्ट बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर पहुंचे। कुछ देर तक वह वहां मौजूद रहे और फिर अचानक नीचे छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना के बाद कचहरी परिसर में सन्नाटा छा गया और साथी अधिवक्ताओं के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
WhatsApp स्टेटस पर लगाया था 2 पेज का सुसाइड नोट
पुलिस जांच में सामने आया कि आत्महत्या से पहले प्रियांशु श्रीवास्तव ने अपने WhatsApp स्टेटस पर दो पन्नों का एक सुसाइड नोट लगाया था। यह नोट अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों ने एक अधिवक्ता को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया। हालांकि सुसाइड नोट की पूरी सामग्री अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उससे घटना के कारणों पर महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
CCTV फुटेज में दिखा आखिरी पल
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। फुटेज में देखा गया है कि प्रियांशु पांचवीं मंजिल पर बैठे हुए थे। इसके बाद उन्होंने फोन पर किसी से बात की और फिर छत से नीचे कूद गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल्स और सुसाइड नोट के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है।
DCP पूर्वी ने क्या कहा
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया, “घटनास्थल का मुआयना किया गया है। CCTV फुटेज में देखा गया कि मृतक पांचवीं मंजिल पर बैठा था और फोन पर बात करने के बाद उसने छलांग लगा दी। WhatsApp स्टेटस पर एक सुसाइड नोट भी मिला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं में शोक
घटना के बाद कानपुर बार से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी गहरा दुख जताया। वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित रविंद्र शर्मा ने इसे बेहद दुखद और चिंताजनक घटना बताया। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में इस तरह की घटना होना पूरे अधिवक्ता समाज के लिए पीड़ादायक है। साथ ही उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और सुसाइड नोट के आधार पर सच्चाई सामने लाई जाए।
मानसिक दबाव और पेशेवर तनाव पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर पेशेवर तनाव, मानसिक दबाव और व्यक्तिगत संघर्षों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। वकालत जैसे जिम्मेदार पेशे में लगातार बढ़ते दबाव के बीच कई लोग भीतर ही भीतर संघर्ष करते रहते हैं। प्रियांशु श्रीवास्तव की मौत केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि उस मौन पीड़ा की भी याद दिलाती है, जिसे अक्सर लोग अपने भीतर छिपाकर जीते रहते हैं। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच और उस दो पन्नों के सुसाइड नोट पर है, जो इस दर्दनाक कहानी के पीछे की सच्चाई बता सकता है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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