4पीएम की खबर के बाद तेल और सेक्स दवाओं का प्रचार करने वाले शुभांकर मिश्रा खदेड़ दिये गये एनडीटीवी से!

नए चेहरे और गिरते भरोसे की पूरी कहानी

राहुल कंवल ने डुबो दी चैनल की लुटिया, न साख बची न पहचान
एनडीटीवी में कंबल ओढक़र घी पीते राहुल कंवल और उनके चेले

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कभी अपनी निर्भीकता और सत्ता से टकराने की पहचान रखने वाला एनडीटीवी आज खुद एक व्यक्ति के गलत फैसलों के चलते सवालों के घेरे में खड़ा दिखाई दे रहा है। यहां सवाल सिर्फ एक चैनल का नहीं है सवाल उस पूरी व्यवस्था का है जिसमें पत्रकारिता कारपोरेट स्वामित्व और व्यक्तिगत ब्रांडिंग एक खतरनाक मिश्रण बन चुके हैं। जी हां यहां बात हो रही है राहुल कंवल और शुभांकर मिश्रा की।
एनडीटीवी का नाम कभी उस पत्रकारिता का पर्याय था जिसने कभी सस्ती पत्रकारिता नहीं की। लेकिन जब से एनडीटीवी की सत्ता संजय पुगलिया से जाकर राहुल कंवल के हाथों में पहुंची है नित्य नये नये आरोप लगना शुरू हो गये हैं।

 

न घर का न घाट का रहा एनडीटीवी

राहुल कंवल को चैनल के नेतृत्व की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। मीडिया के गलियारों में इसे एक बड़े रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा गया। राहुल कंवल को इस जोर शोर के साथ कुछ लोग एनडीटीवी में लाये कि राहुल एनडीटीवी को बीबीसी बना देंगे। और राहुल को उनकी टीम बनाने कुछ भी करने स्वतंत्र निर्णय लेने की खुली छूट दी गयी। राहुल बहुत से लोगों को लाये उनमें डिजिटल प्लेटफॉर्म से आए कुछ पत्रकारों को भी मुख्यधारा मीडिया में जगह मिली। उनमें से एक नाम शुभांकर मिश्रा का भी रहा। जिन्होंने यूट्यूब और डिजिटल माध्यम से अपनी पहचान बनाई थी। लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि कौन आया और कौन गया। असली सवाल यह है कि क्या दर्शकों का भरोसा भी साथ आया या वह रास्ते में कहीं छूट गया?

पैरवी के बाद मिलती है नौकरी

जैसा कि मीडिया संस्थानों में होता है। पैरवी के बाद ही उच्च पद पर नौकरी मिलती है। ऐसा ही इस प्रकरण में भी हुआ। यूटयूबर शुभांकर मिश्रा की पैरवी राहुल कंवल ने की और उन्हें एनडीटीवी ज्वाइन करा दिया गया। उन्होंने मालिकों को सपने दिखाये कि यह लडक़ा तेज तर्रार है और अच्छा काम करता है। चैनल हित में यह बढय़िा रहेगा । लेकिन एंडरिजल्ट वहीं आया खाया पिया कुछ नहीं गिला तोड़ा बारहआने शुभाकंर मिश्रा चैनल में कुछ खास नहीं कर सके उल्टे उनके सेक्स टाइप और तेल के यूटयूब चैनल के वीडियो से एनडीटीवी की छवि पर विपरीत असर पडऩे लगा। रही सही कसर गलगोटिया कुत्ता विवाद के बाद हुई। क्योंकि कुत्ते वाली मैडम ने भी यही कहां कि शुभांकर मिश्रा भी गलगोटिया प्रोडक्ट है। वह खूब ट्रोल हुए। बाद में संजय शर्मा के शो के बाद एनडीटीवी ने उनसे रूखसती ले ली।

कंवल ने पहुंचायी एनडीटीवी की आत्मा को ठेस

यह तो साफ हो गया कि राहुल कंवल की जोकर पत्रकारिता से एनडीटीवी की आत्मा को भारी नुकसान हुआ और उनके चेले शुभाकंर मिश्रा की एंट्री ने तो एनडीटीवी को कहीं का नहीं छोड़ा। खैर छोडिय़े इन सब बातों को हकीकत बताते हैं और हकीकत यह है कि धीरे धीरे राहुल कंवल ने चैलन में अपने चमचों की फौज खड़ी कर ली जो चैनल को घुन की तरह खाने लगे। हैरानी की बात है कि चैनल के मालिक गौतम अडानी को यह समझा में नहीं आया कि राहुल कंवल जो कर रहे हैं उससे एनडीटीवी को नुकसान हो रहा है।

संजय पुगलिया बने पूर्णकालिक निदेशक

न्यूज़ ब्रॉडकास्टर न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (एनडीटीवी) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 28 जनवरी 2026 को हुई अहम बैठक में वरिष्ठ पत्रकार संजय पुगलिया को फिर पूर्णकालिक निदेशक के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया है। इस नियुक्ति का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक रहेगा, जबकि इसे कंपनी के आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की स्वीकृति मिलना शर्त के रूप में रखा गया है। पुगलिया को इससे पहले भी 1 अप्रैल 2023 से तीन साल की अवधि के लिए एनडीटीवी का पूर्णकालिक निदेशक बनाया गया था, जो अडानी समूह के एनडीटीवी अधिग्रहण के बाद बोर्ड में किए गए व्यापक बदलाव का हिस्सा था। संजय पुगलिया मीडिया उद्योग में तीन दशक से अधिक समय से हैं। सीएनबीसी आवाज के लगभग 12 वर्षों तक संचालन में उनकी भूमिका, स्टार न्यूज़ और ज़ी न्यूज़ जैसे बड़े नेटवर्क्स में वरिष्ठ पदों पर कार्य, और आजतक के शुरुआती दिनों में उनकी हिस्सेदारी के कारण उन्हें एक स्थापित पत्रकार माना जाता रहा है।

शुभांकर के शो कचहरी में भारी भ्रष्टाचार के आरोप

यह तो साफ है कि शुभांकर अपने पॉडकास्ट को किस स्तर तक ले जाते हैं। इन्होंने अपनी पॉडकास्ट में तेल तक का व्यापार किया। खैर उनका शो वह जाने वह चाहे तो कंडोम का विज्ञापन करे लेकिन सवाल यही है कि उनके यह सब करने से चैनल की छवि को जो धक्का लगा वह पीड़ाजनक है। खबरें तो यहां तक है कि एनडीटीवी के कचहरी शो के बाद शुभांकर अपनी यूट्यूब पाडकास्ट के 25 लाख रूपये तक वसूलने लगे हैं।
एनडीटीवी पर इनके कचहरी शो का हाल देखेने के बाद साफ है कि सबकुछ चूरन चटनी टाइप का चला।
कुछ हालिया शो की बात करे तो स्थिति साफ है।
1. तालिबान का इंतकाम टोटल व्यू आये 9,600, अगर कोई ट्रेनी भी इंटरवूय करता है तो व्यू 50 हजार तक आते हैं
2. अगला शो आता है तालिबान वर्सेज: पाकिस्तान इस शो को देखकर आप खुद कहेंगे कि एनडीवी पर भी फर्जी खबरे चलने लगी। व्यू आये 6 हजार 900 एनडीटीवी के जूनियर लडक़े के भी शो में इससे ज्यादा व्यूज आते हैं
3 योगी की शपथ बिहार जिताएगी। पांच दिन में टोटल व्यू 5 हजार के आसपास आये
4. प्रेमानंद का जानलेवा हठयोग छह दिन में 5 हजार व्यू

चमचागीरी में माहिर राहुल कंवल

चमचागीरी फेमस राहुल कंवल ने अपनी इस कला का खूब इस्तेमाल किया और लोग कहते हैं कि वह यहां तक पहुंचे भी अपनी इसी कला के बल पर हैं। भारत का कोई भी बड़ा राजनीतिज्ञ हो या फिर कारपोरेट जगत का यदि राहुल कंवल ने उनका इंटरव्यू कर लिया तो समझ लीजिए कि राहुल ने उसे अपने शीशे में उतार लिया। गृहमंत्री अमित शाह हो या फिर अंबानी जी के बेट वह अपनी चमचागीरी के नित्य नये कीर्तिमान जरूर स्थापित कर लेते हैं। सभी को पता है कि जब अंबानी के बेटे जू बना रहे थे तब राहुल कंवल ने अंबानी के बेटे की चमचागीरी करने के लिए हाथी का खाना खा खा लोगों को दिखाया था और उसकी खूब तारीफ की थी। राहुल कंवल का नाम शायद देश के उन पत्रकारों की लिस्ट में सबसे उपर है जिनकी आनलाइन और आफलाइन दोनों जगह जमकर फजीहत उड़ाई गयी हो। सुधीर चौधरी दूसरे नम्बर पर आएंगें।

बोले यूजर

जिस दिल डा. प्रणव रॉय एनडीटीवी से अलग हुए उसी दिन वह बर्बाद हो गया था। अब तो रिपब्लिक जैसों से भी बुरा हाल है। -गौरव कुमार

सच तो यह है देश की जनता भाजपा की सरकार और गोदी मीडिया से पूरी तरह थक चुकी है और उनसे पीछा छुड़ाना चाहता हैं।- राम धैर्य

राहुल कंवल का चेहरा दिखाओ मत माथा ठणक जाता है। – खांडु शिंदे

गोदी मीडिया को ट्रॉल से कोई फर्क नहीं पड़ता सर जी इनका जमीर मर चुका हैं। – इमरान कुरैशी

वैरी गुड एंड इट इज ट्रू, एनडीटीवी इज गोइंग डाउन। – साइमन थामस

शर्मा जी मेंने तो तभी एनडीटीवी छोड़ दी जब रवीश कुमार जी ने इस्तीफा दिया।- एमएन बुटिक

हमेशा चलाना ही नहीं, कभी डुबोना भी एक टास्क होता है। -खोजमार

टीवी अखबार से लोग ऊब चुके हैं खासकर हिन्दू मुस्लिम से।- अशोक कुमार

आपने धो डाला और आइना दिखा दिया।- उज्ज्जवल त्रिवेदी

ये जो फं्रट लाइन प्राइवेट मीडिया लोग उसे सुनना ही नहीं चाहते। -निर्मल

बहुत बढिय़ा रिपोर्टिंग, संजय शर्मा जी को बहुत बहुत धन्यवाद। – शशिक ांत

शेयर बाजार मै भी एन डी टी वी 200 के पार चलने वाला आज 94 पर आ गया है।- मधु

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