कृषि कानूनों को वापस लाने की शर्त पर भाजपा-अकाली दल में समझौता

  • पंजाब सीएम का दावा- भाजपा वोट हासिल करने के लिए सांप्रदायिक विभाजन का इस्तेमाल कर रही

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
संगरूर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि भाजपा तीनों ‘काले’ कृषि कानूनों को वापस लाने की शर्त पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ समझौता करने की तैयारी कर रही है। मान ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित अकाली-भाजपा गठबंधन केवल ‘राजनीतिक फायदे’ के लिए बनाया जा रहा है। मान ने कहा कि शिअद सत्ता हासिल करने के लिए ‘पंजाब में कुछ भी बेचने’ को तैयार है और दावा किया कि पंजाबी कभी भाजपा को वोट नहीं देंगे। मान ने आरोप लगाया कि भाजपा वोट हासिल करने के लिए सांप्रदायिक विभाजन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब विवि के छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी की जीत ने दोनों दलों के बीच ‘गठजोड़’ को उजागर कर दिया है।
इस चुनाव में अकाली दल के छात्र संगठन ‘स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया’ ने एबीवीपी का समर्थन किया था। मान ने कहा कि अकाली दल हमेशा पंजाब के हितों के खिलाफ काम करने वाली ताकतों से हाथ मिलाकर ‘पंजाब विरोधी’ रुख अपनाता रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों को आगाह किया कि अगर अकाली-भाजपा गठबंधन सत्ता में आता है तो वह किसानों पर एक बार फिर ‘‘कठोर’’ कृषि कानून थोप सकता है।

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