शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अखिलेश यादव, बोले- राम मंदिर में ‘महापाप’ हुआ

अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की. उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और गौ संरक्षण जैसे मुद्दों पर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की. उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और गौ संरक्षण जैसे मुद्दों पर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया. शंकराचार्य ने भी इन मामलों पर चिंता जताई. अखिलेश ने सनातन पर संकट और भाजपा की धन-केंद्रित नीतियों का आरोप लगाया, साथ ही राम मंदिर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरूवार को ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी, गौसंरक्षण, सनातन धर्म और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा. वहीं शंकराचार्य ने भी गौमाता के संरक्षण और राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रम पर चिंता जताई. अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें पूज्य शंकराचार्य के दर्शन और आशीर्वाद का सौभाग्य प्राप्त हुआ.

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया कि दोनों के बीच सनातन पर आए संकट और धर्म को अधर्मियों के चंगुल से मुक्त कराने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य गौमाता की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं, गौसंरक्षण पर गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है. राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार को निशाने पर लिया.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भाजपा पर हमला
अखिलेश ने कहा कि मंदिर परिसर में जिन कर्मचारियों को कम भुगतान हुआ था, उन सभी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कराई जानी चाहिए. उनका दावा था कि 99.9 प्रतिशत लोग भाजपाई निकलेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं के खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, लेकिन विपक्ष की शिकायतों पर एफआईआर तक दर्ज नहीं होती.

एसआईटी जांच पर भी उठाए सवाल
राम मंदिर प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पूरी जांच केवल लीपापोती है. उन्होंने दावा किया कि एसआईटी की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं और उसके एक सदस्य पर धोखाधड़ी का मामला होने की चर्चा है. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को ‘दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई’ बताया.

‘भाजपा के लिए धर्म नहीं, धन प्राथमिकता’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक हितों के अनुसार विचार बदलती है. उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए धर्म नहीं बल्कि धन प्राथमिकता है. उनके अनुसार, राम मंदिर प्रकरण में ‘महापाप’ हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी राजनीतिक परंपरा बना रही है जिसमें विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाया जाता है, यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है और भविष्य में भाजपा भी विपक्ष में होगी.

‘सिर्फ सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना होगा’
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केवल ‘सांचा’ नहीं बल्कि पूरा ‘ढांचा’ बदलने की जरूरत है. उनके मुताबिक देश का सनातन समाज वर्तमान परिस्थितियों से दुखी है और सरकार की नीतियों के कारण जनता महंगाई और अन्य समस्याओं का सामना कर रही है.

शंकराचार्य ने जताई चिंता
मुलाकात के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौमाता के संरक्षण और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंता व्यक्त की. राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर शंकराचार्य ने कहा, ‘इस पूरे मामले में बड़े लोग दोषी हैं… जिस तरह से गड़बड़ी सामने आई, उसके बाद धर्माचार्यों को जोड़कर सरकार की निगरानी में ट्रस्ट गठित होना चाहिए… ट्रस्ट को भंग करके चारों शंकराचार्य को शामिल किया जाए. इसके अलावा अयोध्या के साधु संत भी ट्रस्ट में शामिल हो.’

गोविंद देव गिरी पर कार्रवाई की मांग
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरान ने कहा, ‘ट्रस्ट में प्रशासनिक अधिकारियों की जरूरत नहीं है और यह रवैया भी अच्छा नहीं है.’ कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी पर शंकराचार्य निशान साधते हुए कहा कि असली दोषी तो वही है, क्योंकि कोषाध्यक्ष है, ट्रस्ट का का लेखा-जोखा उनके पास है, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. चंपत राय को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि सबसे बड़ा दोषी वही है. अब वह क्या बोलेगा? चंपत राय असली गुनहगार है.’

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