14 सितंबर को आसमान में होगा खगोलीय चमत्कार, चंद्रमा के करीब नजर आएगा शुक्र
आकाश-दर्शन में रुचि रखने वालों के लिए 14 सितंबर की शाम खास रहने वाली है। इस दिन सूर्यास्त के बाद पश्चिमी से दक्षिण-पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और शुक्र ग्रह बेहद करीब दिखाई देंगे।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: आकाश-दर्शन में रुचि रखने वालों के लिए 14 सितंबर की शाम खास रहने वाली है। इस दिन सूर्यास्त के बाद पश्चिमी से दक्षिण-पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और शुक्र ग्रह बेहद करीब दिखाई देंगे। दोनों के बीच न्यूनतम कोणीय दूरी करीब 0.48 डिग्री (28.8 आर्कमिनट) रहेगी। यह दृश्य साफ क्षितिज वाले स्थानों से नंगी आंखों से देखा जा सकेगा।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, दोनों पिंड शाम करीब 6:16 बजे क्षितिज से लगभग 16 डिग्री ऊपर दिखाई देंगे और करीब 7:30 बजे तक क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। चंद्रमा करीब 15 प्रतिशत प्रकाशित पतले अर्धचंद्र के रूप में नजर आएगा, जबकि शुक्र करीब -4.73 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ बेहद चमकीला दिखाई देगा।
कुछ क्षेत्रों में होगा शुक्र का आच्छादन
इस खगोलीय घटना की खास बात यह है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में चंद्रमा शुक्र को कुछ समय के लिए ढकता हुआ भी दिखाई देगा। इसे चंद्रमा द्वारा शुक्र का आच्छादन (Lunar Occultation of Venus) कहा जाता है। हालांकि भारत के सभी हिस्सों से आच्छादन दिखाई नहीं देगा, लेकिन देश के बड़े हिस्से में चंद्रमा और शुक्र की शानदार युति देखी जा सकेगी। आच्छादन का क्षेत्र एशिया, अफ्रीका, यूरोप और पश्चिमी रूस के कुछ हिस्सों तक सीमित रहेगा। भारत में यह घटना कई स्थानों पर सूर्यास्त के आसपास होने के कारण देखने में चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
पश्चिम दिशा में देखें
अमर पाल सिंह ने बताया कि सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में सबसे पहले चमकीले शुक्र को तलाशें। उसके पास पतला चंद्रमा दिखाई देगा। दोनों पिंड क्षितिज के करीब होंगे, इसलिए खुले स्थान से देखने पर बेहतर दृश्य मिलेगा। उन्होंने सूर्य की ओर दूरबीन या टेलीस्कोप से सीधे देखने से बचने और केवल प्रमाणित सोलर फिल्टर वाले उपकरणों का उपयोग करने की अपील की है।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर



