राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति आज संभव, मिश्रा और पांडेय के नाम सबसे आगे
राम मंदिर में प्रशासन से जुड़ी यह कहानी सिर्फ मिश्रा और पांडेय तक सीमित नहीं है. तीसरा नाम एक रिटायर सैन्य अधिकारी का बताया जा रहा है. हालांकि यह नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राम मंदिर में प्रशासन से जुड़ी यह कहानी सिर्फ मिश्रा और पांडेय तक सीमित नहीं है. तीसरा नाम एक रिटायर सैन्य अधिकारी का बताया जा रहा है. हालांकि यह नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी प्रकरण के बाद अब मंदिर से जुड़े प्रशासन और प्रबंधन को लेकर व्यवस्था बनाई जा रही है. इसी कवायद के तहत राम मंदिर ट्रस्ट को आज बुधवार को पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) मिलने जा रहा है.
CEO के चयन के लिए बनाई गई समिति ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है और 3 नामों का पैनल एक दिन पहले ही ट्रस्ट को सौंप दिया. आज लखनऊ में ट्रस्ट की बैठक हो रही है और यहीं एक नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है.
चयनित पैनल में पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा के अलावा पूर्व IPS राजेश पांडेय और सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी का नाम शामिल बताया जा रहा है. ऐसे में सवाल यह है कि राम मंदिर के प्रशासन की कमान किसे मिल सकता है? मिश्रा के पास गहरा प्रशासनिक अनुभव है तो पांडेय के पास पुलिस और सुरक्षा का खासा अनुभव है, या फिर ट्रस्ट किसी तीसरे नाम पर भरोसा जताएगा?
5 हजार आवेदन में से 3 नाम तक कैसे आए
राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यहां के कामकाज को देखने के लिए CEO की नियुक्ति का फैसला किया. राम मंदिर के पहले CEO के चयन की कहानी अपने आप में बेहद खास है. इस खास पद के लिए देशभर से 5,585 लोगों ने अप्लाई किया. फिर जांच समिति ने आवेदनों की शुरुआती छंटनी की.



