जालंधर में सिमरनजीत सिंह पर हमला, इलाके में दहशत का माहौल
पंजाब के जालंधर में चर्चित RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह पर LPU के लॉ गेट के पास अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां चला दीं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पंजाब के जालंधर में चर्चित RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह पर LPU के लॉ गेट के पास अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां चला दीं. इस जानलेवा हमले में सिमरनजीत गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए.
पंजाब के जालंधर के चर्चित राइट टू इन्फॉर्मेशन (RTI) एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलियां चला दीं. ये जानलेवा हमला लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के लॉ गेट के बिल्कुल पास हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से भाग गए. गंभीर रूप से घायल सिमरनजीत सिंह को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है.
एक पुलिस अधिकारी की हुई थी हत्या
बीते रविवार तड़के अमृतसर जिले के मजीठा कस्बे के पास, बाइक पर सवार बंदूकधारियों ने एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी. उस समय अधिकारी अपनी ड्यूटी शुरू करने के लिए जा रहे थे. ASI जोगा सिंह पंजाब में मारे जाने वाले तीसरे पुलिसकर्मी हैं. इससे पहले 22 फरवरी को पंजाब के गुरदासपुर जिले में पाकिस्तान सीमा से महज़ एक किलोमीटर दूर स्थित एक पुलिस चौकी के अंदर, एक अधिकारी और एक कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
अमृतसर के SSP (ग्रामीण) सुहैल कासिम मीर ने बताया कि जोगा अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात थे. पुलिस अभी तक उनके हत्यारों की पहचान नहीं कर पाई है और न ही हत्या के पीछे का मकसद पता लगा पाई है. क्योंकि उनके परिवार का कहना है कि उनका कोई दुश्मन नहीं था और उन्हें कभी कोई धमकी भी नहीं मिली थी. ASI बटाला से अमृतसर (40 किलोमीटर) की ओर अपने स्कूटर से जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उन्हें मजीठा के बाहरी इलाके में रोक लिया. ये घटना फतेहगढ़ चुरियां-मजीठा सड़क पर 40 किलोमीटर की इस यात्रा के ठीक बीच में हुई.
ड्यूटी के लिए अमृतसर जाते थे
जोगा सिंह के चचेरे भाई, हरचरण सिंह बाद में मौके पर पहुंचे और मीडिया वालों को बताया कि ASI आमतौर पर अपनी कार से ड्यूटी के लिए अमृतसर जाते थे. लेकिन, रविवार सुबह, उन्हें कार का टायर पंक्चर मिला, इसलिए उन्होंने स्कूटर से काम पर जाने का फैसला किया. इसी दौरान उन पर हमला हुआ. हरचरण ने कहा कि जोगा अमृतसर ट्रैफिक पुलिस में काम करते थे और उन्हें कभी कोई धमकी नहीं मिली. वह अपनी पत्नी के साथ रहते थे, जबकि उनके दो बच्चे कनाडा में सेटल हैं. परिवार के मुताबिक, उन्हें कोई जानकारी नहीं थी.



